Sunrise is expected to have occurred at the Shiv Shakti point today and soon Vikram and Pragyan will be receiving usable amounts of sunlight!☀️⚡️#ISRO will now wait for them to heat up above a certain temperature before beginning attempts to re-establish communications with… pic.twitter.com/FSwGL8PK8M
— ISRO Spac चांद की सतह पर कई तरह के खनिज मौजूद
ज्ञातव्य है कि रोवर प्रज्ञान ने पता लगाया कि चांद पर सल्फर के साथ ही एल्यूमीनियम, लोहा, कैल्शियम, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंगनीज समेत कई दूसरे तत्व भी मौजूद हैं। यही नहीं प्रज्ञान ने खोज करके बताया कि चांद पर ऑक्सीजन का प्रचुर भंडार मौजूद है। हालांकि, ये गैसीय रूप में मौजूद नहीं है।
इसके अलावा चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान ने चांद की ऊबड़-खाबड़ सतह पर रॉक-एंड-रोल करते हुए 28 अगस्त को पता लगाया था कि चंद्रमा की सतह में कई खनिज प्रचुर मात्रा में है। रोवर प्रज्ञान में लेजर प्रेरित ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोपी पेलोड लगा हुआ है। ये उपकरण शक्तिशाली लेजर्स का इस्तेमाल करके चट्टानों को प्लाज्मा में तोड़ता है।
लैंडिंग के साथ ही भारत ने रचा इतिहास
गौरतलब है कि इसरो ने 23 अगस्त को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चांद की सतह पर चंद्रयान 3 की सॉफ्ट लैंडिंग कराई थी। इसके साथ भारत चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया था, वहीं चंद्रमा पर जानें वाला दुनिया 4 देश बन गया था।













