कमर दर्द एक सामान्य समस्या है, जो आजकल बहुत सारे लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे गलत बैठने की आदतें, ओवरवेट होना, असंतुलित डाइट, या फिर कोई पुरानी चोट। कमर दर्द से राहत पाने के लिए लोग अक्सर एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं, लेकिन कुछ एक्सरसाइज ऐसी होती हैं जो कमर दर्द को और बढ़ा सकती हैं। यह देखा जाता है कि लोग जिम में जाकर बिना किसी मार्गदर्शन के कोई भी एक्सरसाइज करना शुरू कर देते हैं, जो उनकी कमर दर्द को और बढ़ा सकता है।
गलत तरीके से एक्सरसाइज करने से न केवल दर्द में वृद्धि होती है, बल्कि यह शरीर के अन्य हिस्सों पर भी दबाव डाल सकता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि कमर दर्द से जूझ रहे लोग अपनी एक्सरसाइज की दिशा और प्रकार पर ध्यान दें। इस आर्टिकल में हम आपको उन एक्सरसाइजों के बारे में बताएंगे, जिन्हें कमर दर्द के दौरान नहीं करना चाहिए, ताकि आप सुरक्षित तरीके से दर्द से राहत पा सकें और अपनी पीठ को मजबूत बना सकें।
स्ट्रेट लेग रेज़
अगर आपको पहले से ही कमर दर्द की शिकायत है तो इस एक्सरसाइज को न करें। इस एक्सरसाइज में व्यक्ति को पीठ के बल लेटकर अपने एक पैर को सीधा ऊपर की तरफ उठाना होता है। हालांकि यह एक्सरसाइज कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन कमर दर्द से पीड़ित लोगों के लिए यह काफी खतरनाक साबित हो सकती है। जब कमर की मांसपेशियों में पहले से तनाव होता है, तो यह एक्सरसाइज उन मांसपेशियों पर और दबाव डाल सकती है, जिससे दर्द और बढ़ सकता है। इस दौरान, आपकी रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो न केवल दर्द को बढ़ा सकता है, बल्कि यह लंबे समय में चोट का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा, यह एक्सरसाइज शरीर के निचले हिस्से को अधिक तनाव में डाल सकती है, जिससे कूल्हे और घुटने की जोड़ पर भी असर पड़ सकता है
सिट-अप्स
सिट-अप्स करने से आपकी पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लेकिन अगर आप इसे कमर दर्द के साथ करते हैं तो यह एक बड़ी गलती हो सकती है। इस एक्सरसाइज में कमर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, खासकर जब आपकी पीठ कमजोर हो या पहले से ही दर्द से ग्रस्त हो। सिट-अप्स के दौरान जब आप ऊपर उठते हैं, तो आपकी रीढ़ की हड्डी को आगे की ओर झुकना पड़ता है, जिससे कमर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे न केवल कमर में अधिक दर्द हो सकता है, बल्कि रीढ़ की डिस्क पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे स्लिप डिस्क जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, अगर इस एक्सरसाइज को गलत तरीके से किया जाए, तो यह कूल्हों और गर्दन पर भी दबाव डाल सकती है, जिससे अन्य मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है। अगर आप अपनी कोर मसल्स को मजबूत करना चाहते हैं, तो क्रंचेस, प्लैंक या ब्रिज पोज जैसी एक्सरसाइज का चयन करें, जो कमर पर कम दबाव डालें और अधिक सुरक्षित हों।
हाई जंप्स
हाई जंप्स एक हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज है, जो पूरे शरीर पर जोर डालती है। कमर दर्द की स्थिति में इस एक्सरसाइज को करने से आपकी समस्या और बढ़ सकती है। जब आप ऊंची छलांग लगाते हैं और फिर जमीन पर आते हैं, तो आपके जोड़ों, विशेष रूप से रीढ़, घुटनों और टखनों पर झटका लगता है। यदि आपकी मांसपेशियां या हड्डियां पहले से ही कमजोर हैं, तो यह झटका आपकी स्थिति को और खराब कर सकता है और लंबे समय तक परेशानी का कारण बन सकता है। इसके अलावा, हाई जंप्स के दौरान शरीर का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। अगर संतुलन बिगड़ जाए, तो गिरने या अचानक झटका लगने से चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है। यह एक्सरसाइज लोअर बैक स्ट्रेन, स्पाइन कंप्रेशन और मांसपेशियों में खिंचाव का कारण बन सकती है। अगर आप कार्डियो या लेग स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए कोई हल्की एक्सरसाइज करना चाहते हैं, तो वॉकिंग, स्विमिंग या लो-इंपैक्ट एरोबिक्स जैसी एक्सरसाइज का चयन करें, जो आपके जोड़ों और कमर पर कम दबाव डालें और अधिक सुरक्षित हों।
रोमन चेयर
अगर आपकी कमर में दर्द है, तो यह एक्सरसाइज करना खतरनाक हो सकता है। इस एक्सरसाइज में शरीर को एक निश्चित कोण पर झुकाया जाता है, जिससे पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि रीढ़ की हड्डी या पीठ की मांसपेशियों में पहले से कोई चोट हो, तो यह दर्द को और भी गंभीर बना सकता है और चोट को बढ़ा सकता है। जब शरीर को झुकाया जाता है, तो रीढ़ की हड्डी पर असमान दबाव पड़ता है, जिससे स्लिप डिस्क या मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, अचानक या गलत मुद्रा में झुकने से लोअर बैक पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे स्पाइन के प्राकृतिक एलाइनमेंट में गड़बड़ी आ सकती है। अगर आप अपनी कमर को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो हल्के स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज या योगासन जैसे भुजंगासन और सेतुबंधासन करें, जो कमर के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं और पीठ को सुरक्षित रखते हुए मांसपेशियों को मजबूत बना सकते हैं।