न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

घूमने जा रहे हैं पड़ोसी देश नेपाल, जरूर करें इन धार्मिक स्थलों के दर्शन

भारत का सुगम पड़ोसी देश नेपाल हैं जहां आप आसानी से बस के द्वारा भी घूमने जा सकते हैं। नेपाल दुनिया का एक बहुत ही खूबसूरत देश है जिसको ‘दुनिया की छत’ के रूप में भी जाना जाता है।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Tue, 09 May 2023 12:45:46

घूमने जा रहे हैं पड़ोसी देश नेपाल, जरूर करें इन धार्मिक स्थलों के दर्शन

भारत का सुगम पड़ोसी देश नेपाल हैं जहां आप आसानी से बस के द्वारा भी घूमने जा सकते हैं। नेपाल दुनिया का एक बहुत ही खूबसूरत देश है जिसको ‘दुनिया की छत’ के रूप में भी जाना जाता है। कुछ लोग यहां के बड़े-बड़े पर्वतों के आकर्षण में आते हैं तो कई लोग हिमालय में चढ़ाई या ट्रेकिंग करने के लिए नेपाल आते हैं। वहीँ नेपाल अपनी अपनी संस्कृति और आध्यात्म के मामले में भारत से बहुत मेल खाता है जहां हिंदू धर्म के कई देवी-देवताओं के बहुत पुराने मंदिर हैं, जिन्हें देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचते हैं। आज इस कड़ी में हम आपको नेपाल के कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी लेकर आए हैं जिनका दर्शन करना आपके सफ़र को यादगार बना सकता हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में...

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

जानकी मंदिर

रामायण काल में मिथिला के राजा जनक थे। उनकी राजधानी का नाम जनकपुर है। जनकपुर नेपाल का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह नेपाल की राजधानी काठमांडू से 400 किलोमीटर दक्षिण पूरब में बसा है। यह शहर भगवान राम की ससुराल के रूप में विख्यात है। इस नगर में ही माता सीता ने अपना बचपन बिताया था। कहते हैं कि यहीं पर उनका विवाह भी हुआ। विवाह पंचमी के अवसर पर लोग अक्सर इस मंदिर में आते हैं। कहते हैं कि भगवान राम ने इसी जगह पर शिव धनुष तोड़ा था। यहां मौजूद एक पत्थर के टुकड़े को उसी धनुष का अवशेष कहा जाता है। यहां धनुषा नाम से विवाह मंडप स्थित है इसी में विवाह पंचमी के दिन पूरी रीति-रिवाज से राम-जानकी का विवाह किया जाता है।

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

मुक्तिनाथ मंदिर

नेपाल के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक मुक्तिनाथ मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय के लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है, जिसमें शालिग्राम भगवान की पूजा होती है। इस मंदिर की स्थिति नेपाल के मुक्तिनाथ क्षेत्र में होने की वजह से इस पूरे क्षेत्र को मुक्ति क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। अगर हिंदू धर्म की बात करें, तो हिंदू धर्म के मान्यताओं के अनुसार इस इस क्षेत्र पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मुक्ति यानी मोक्ष की प्राप्ति होती है। नेपाल के इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता काफी कठिन होने के बावजूद भी भारी संख्या में हिंदू धर्म के लोग इस मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। इस मंदिर में दर्शन करने वाले हिंदू श्रद्धालुओं की सूची में भारत के भी काफी सारे श्रद्धालु शामिल होते हैं।

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

पशुपतिनाथ मंदिर

पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल के सबसे पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक है जो काठमांडू शहर से 3 किलोमीटर दूर पूर्व में सुंदर और पवित्र बागमती नदी के किनारे पर बसा हुआ है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जहाँ पर रोज हजारों की संख्या में भक्त आते हैं। पशुपतिनाथ मंदिर आश्रमों के साथ एक बड़े हिस्से में फैला हुआ है जो यहां आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को एक अलग शांति का अनुभव करवाता है। साल 1979 में पशुपतिनाथ मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया था। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित ज्योतिर्लिंग बॉडी का सिर है जो भारत के बारह ज्योतिर्लिंग से बना हुआ है। नेपाल में साल 2015 में एक भयंकर भूकंप आया था, जिसकी वजह से इस मंदिर की कुछ बाहरी इमारतें ध्वस्त हो गई थी लेकिन इस मंदिर का गर्भग्रह अब भी सुरक्षित है।

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

मनकामना मंदिर

मनकामना माता मंदिर नेपाल की राजधानी काठमांडू से लगभग 105 किमी दूर स्थित है। इस मंदिर के पीछे एक कहानी है कि सालों पहले एक किसान ने गलती से एक पत्थर को चोट मार दी थी और अचानक उस पत्थर से खून और दूध एक साथ निकलने लगे थे। इसलिए यहां लोगों ने माता का मंदिर बनावाया। यहां के लोग पत्थर को देवी का अवतार मानते हैं। लोग कहते हैं कि यहां सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मन्नत पूरी हो जाती है। दशहरा पूजा के दौरान इस मंदिर में श्रद्धालुओं की बहुत भीड़ होती है। अष्टमी पूजा के दौरान यहां बली चढ़ाने की भी परंपरा है।

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

स्वयंभूनाथ स्तूप

स्वयंभूनाथ काठमाण्डू नगर के पश्चिम में एक पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन बौद्ध स्तूप है। बौद्ध धर्म के अनुयायी नेवारी लोगों के दैनिक जीवन में स्वयंभूनाथ का केन्द्रीय स्थान है। यह स्थान उनके लिये सबसे पवित्र बौद्ध स्थल है। तिब्बती लोगों तथा तिब्बती बौद्ध-धर्म के अनुयायियों के लिये बौद्धनाथ के बाद इसका ही स्थान है। विश्व धरोहर में सम्मिलित स्वयंभू विश्व के सबसे भव्य बौद्ध स्थलों में से एक है। इसका संबंध काठमांडू घाटी के निर्माण से जोड़ा जाता है। काठमांडू से तीन किलोमीटर पश्चिम में घाटी से 77 मी। की ऊंचाई पर स्थित है स्वयंभू। इसके चारों ओर बनी आंखों के बार में माना जाता है कि ये गौतम बुद्ध की हैं जो चारों दिशाओं में देख रही हैं।

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

चांगुनारायण मन्दिर

नेपाल की राजधानी काठमांडू के चंगु गांव में स्थित इस मंदिर को 325 ईसवी में बनवाया गया था। चौथी शताब्दी के दौरान निर्मित इस मंदिर को भगवान विष्णु के सबसे प्राचीन मंदिरों के रूप में जाना जाता है। इस मंदिर की वास्तुकला नेपाली शैली पर आधारित है। ऐतिहासिक महत्व और भव्य शैली के कारण यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में इस मंदिर को शामिल किया गया है। इस मंदिर के अंदर रुद्राक्ष के पेड़ भी लगे हैं।

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

महादेवी शक्तिपीठ

इस शक्तिपीठ को 3 स्थानों पर माना जाता है। पहला उग्रतारा मंदिर, सहरसा बिहार, दूसरा जयमंगला देवी मंदिर समस्तीपुर, बिहार और तीसरा वनदुर्गा मंदिर जनकपुर नेपाल। इसमें से नेपाल की मान्यता ज्यादा है। भारत-नेपाल सीमा पर जनकपुर रेलवे स्टेशन के निकट मिथिला में माता का बायां स्कंध गिरा था। इसकी शक्ति है उमा और भैरव को महोदर कहते हैं। नेपाल के जनकपुर से 15 किलोमीटर पूर्व की ओर मधुबनी के उत्तर पश्चिम में उच्चैठ नामक स्थान का वनदुर्गा मंदिर है यही मुख्य शक्तिपीठ है।

places of worship in nepal,spiritual journey in nepal,best temples to visit in nepal,monasteries in nepal,cultural heritage of nepal,tourist attractions in nepal,nepal pilgrimage sites,famous temples in nepal,buddhist monasteries in nepal,hindu temples in nepal

बुढानीलकंठ मंदिर

नेपाल के शिवपुरी नामक पहाड़ी की तलहटी में बसा हुआ यह मंदिर काठमांडू शहर से मात्र 9 किमी। की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। लोगों का कहना है कि इस मंदिर को यहां के राजपरिवार के लिए स्थापित किया गया था। इस मंदिर के बारे में बताई जाने वाली पौराणिक मान्यता यह है कि इस मंदिर में जाकर भगवान विष्णु के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना को विष्णु जी पूरा करते हैं। इस मंदिर में विराजमान भगवान विष्णु जी की यह मूर्ति कुंड के ऊपर सोती हुई अवस्था में विराजमान है, जो इस मंदिर को अन्य मंदिरों से काफी अलग बनाता है। इस मंदिर में दर्शन करने भारतीय श्रद्धालु भी जाते हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत