न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

पैरों में क्यों बांधा जाता है काला धागा? जानें इसके पीछे की परंपरा और महत्व

पैरों में काला धागा पहनने की परंपरा और महत्व जानें। बुरी नजर से सुरक्षा, धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएँ, स्वास्थ्य लाभ और फैशन में इसकी भूमिका के बारे में पूरी जानकारी पढ़ें।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 19 Aug 2025 4:40:22

पैरों में क्यों बांधा जाता है काला धागा? जानें इसके पीछे की परंपरा और महत्व

भारत में परंपराओं और लोकमान्यताओं का हमारी जीवनशैली में गहरा असर है। इन्हीं परंपराओं में से एक है पैरों में काला धागा पहनना। आपने अक्सर देखा होगा कि बच्चे, महिलाएं और कुछ पुरुष पैरों की एड़ी या टखने में काला धागा बांधते हैं। कुछ लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, जबकि अन्य इसे स्वास्थ्य, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखते हैं। आइए जानते हैं कि पैरों में काला धागा पहनने की परंपरा क्यों है और इसके पीछे क्या मान्यताएँ जुड़ी हैं।

बुरी नजर से सुरक्षा का उपाय

भारतीय संस्कृति में यह माना जाता है कि काला धागा बुरी नजर या नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा करता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के पैरों में यह धागा इसलिए बांधा जाता है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की नज़र न लगे और वे स्वस्थ और खुशहाल रहें। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना जाता है, इसलिए पैरों में काला धागा पहनना शुभ और सुरक्षा देने वाला माना जाता है।

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काला धागा पहनना शनि दोष और राहु-केतु से जुड़े प्रभावों को कम करता है। पैरों में काला धागा पहनने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव घटते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। कई लोग इसे मंगलवार या शनिवार को विशेष विधि से पहनते हैं ताकि इसका प्रभाव और भी मजबूत हो। कुछ परिवार इसे धार्मिक अनुष्ठान और शुभ मुहूर्त में बांधते हैं।

स्वास्थ्य से जुड़ी मान्यताएँ

पैरों में काला धागा पहनने को स्वास्थ्य लाभ से भी जोड़कर देखा जाता है।

- यह पैरों की नसों को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है।

- थकान और लंबे समय तक चलने या खड़े रहने से होने वाले पैरों के दर्द में राहत दिलाता है।

- कुछ लोग मानते हैं कि इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।

हालांकि, इन दावों के पीछे वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, लेकिन ग्रामीण और परंपरागत क्षेत्रों में इसे आज भी एक कारगर घरेलू उपाय माना जाता है।

बच्चों में काला धागा पहनाने की परंपरा

छोटे बच्चों के पैरों में काला धागा बांधना एक आम और प्रिय परंपरा है। यह बच्चों को नज़र और नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए किया जाता है। कई परिवारों में जन्म के तुरंत बाद ही बच्चे के टखने या एड़ी में काला धागा बांधा जाता है। यह परंपरा परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।

फैशन और आधुनिक ट्रेंड में काला धागा

आज के समय में पैरों में काला धागा केवल परंपरा तक सीमित नहीं है। यह धीरे-धीरे फैशन का हिस्सा भी बन गया है। युवा इसे एंकलेट या स्टाइलिश एक्सेसरी की तरह पहनते हैं। इसमें मोती, छोटे-छोटे चार्म्स या रंगीन धागे भी जोड़े जाते हैं, जिससे यह देखने में और आकर्षक लगने लगता है। अब काला धागा न केवल सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि स्टाइल और व्यक्तिगत पहचान का भी हिस्सा बन चुका है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

गलवान झड़प के बाद पहली बार भारत आए शी जिनपिंग, PM मोदी से बोले-  'आइए, हम साथ मिलकर काम करें'
गलवान झड़प के बाद पहली बार भारत आए शी जिनपिंग, PM मोदी से बोले- 'आइए, हम साथ मिलकर काम करें'
BRICS सम्मेलन के डिनर में दिखी भारत की स्वाद और संस्कृति की झलक, खांडवी से शाही गुच्छी और मिलेट पुलाव तक परोसे गए खास व्यंजन
BRICS सम्मेलन के डिनर में दिखी भारत की स्वाद और संस्कृति की झलक, खांडवी से शाही गुच्छी और मिलेट पुलाव तक परोसे गए खास व्यंजन
दून एक्सप्रेस में फिर मिले जिंदा कछुए, 13 दिन में दूसरी बार कार्रवाई; जनरल कोच से 78 कछुए बरामद
दून एक्सप्रेस में फिर मिले जिंदा कछुए, 13 दिन में दूसरी बार कार्रवाई; जनरल कोच से 78 कछुए बरामद
झारखंड में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत, 6 सरकारी अस्पतालों में खुलेंगे रेडिएशन सेंटर, शुरू होगी डे-केयर सुविधा
झारखंड में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत, 6 सरकारी अस्पतालों में खुलेंगे रेडिएशन सेंटर, शुरू होगी डे-केयर सुविधा
‘तुमसे ना हो पाएगा’ के नारे के साथ उद्धव ठाकरे गुट का फडणवीस सरकार पर हमला, मराठवाड़ा में शुरू किया आंदोलन
‘तुमसे ना हो पाएगा’ के नारे के साथ उद्धव ठाकरे गुट का फडणवीस सरकार पर हमला, मराठवाड़ा में शुरू किया आंदोलन
मायावती ने भतीजों को बसपा से किया दूर, अब भतीजी दीपिका पर नजर? भाई आनंद को दी साफ हिदायत
मायावती ने भतीजों को बसपा से किया दूर, अब भतीजी दीपिका पर नजर? भाई आनंद को दी साफ हिदायत
अमीषा पटेल की मां के घर लाखों की ज्वेलरी चोरी, डेढ़ साल से काम कर रही हाउस हेल्प गिरफ्तार
अमीषा पटेल की मां के घर लाखों की ज्वेलरी चोरी, डेढ़ साल से काम कर रही हाउस हेल्प गिरफ्तार
महाराणा प्रताप के ‘शूरवीर’ गाने को गैंगस्टरों के साथ दिखाने पर बवाल, ‘मिर्जापुर द मूवी’ के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला
महाराणा प्रताप के ‘शूरवीर’ गाने को गैंगस्टरों के साथ दिखाने पर बवाल, ‘मिर्जापुर द मूवी’ के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला
101 करोड़ की ओपनिंग के बाद यश की ‘टॉक्सिक’ का ऐसा हाल, इंग्लिश वर्जन ने 7 दिन में कमाए सिर्फ 3.16 लाख
101 करोड़ की ओपनिंग के बाद यश की ‘टॉक्सिक’ का ऐसा हाल, इंग्लिश वर्जन ने 7 दिन में कमाए सिर्फ 3.16 लाख
यंग डीएसए की बात पर भड़कीं कनिका मान, गुस्से में दिया जवाब; 'बिग बॉस 20' में घरवालों को मिली सजा
यंग डीएसए की बात पर भड़कीं कनिका मान, गुस्से में दिया जवाब; 'बिग बॉस 20' में घरवालों को मिली सजा
‘मिर्जापुर द मूवी’ और ‘हनुमान अंश’ के बीच फीकी पड़ी ‘हैवान’, अक्षय-सैफ की फिल्म ने पहले दिन कमाए सिर्फ 3 करोड़
‘मिर्जापुर द मूवी’ और ‘हनुमान अंश’ के बीच फीकी पड़ी ‘हैवान’, अक्षय-सैफ की फिल्म ने पहले दिन कमाए सिर्फ 3 करोड़
8वें दिन ही ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ‘आवारापन 2’ को छोड़ा पीछे, 157 करोड़ के पार पहुंची कमाई
8वें दिन ही ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ‘आवारापन 2’ को छोड़ा पीछे, 157 करोड़ के पार पहुंची कमाई
कांग्रेस छोड़ने की बात से कुछ ही घंटों में पलटे हरीश रावत, बोले- ‘पार्टी मेरे खून और हड्डियों में है’
कांग्रेस छोड़ने की बात से कुछ ही घंटों में पलटे हरीश रावत, बोले- ‘पार्टी मेरे खून और हड्डियों में है’
‘हनुमान अंश’ को नहीं मिल पाएगी ऑस्कर में एंट्री, प्रोड्यूसर ने बताई वजह
‘हनुमान अंश’ को नहीं मिल पाएगी ऑस्कर में एंट्री, प्रोड्यूसर ने बताई वजह