न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

ज्यादा ऊंचाई पर ट्रैवलिंग से क्यों बिगड़ने लगता है पेट? जानिए इसके पीछे की असली वजह

ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा के दौरान पेट खराब होने के पीछे हाइपोक्सिया, कम ऑक्सीजन और ठंड का असर है। जानिए क्यों होता है ब्लोटिंग, गैस और कब्ज और इससे बचाव कैसे करें।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 06 Jan 2026 2:25:27

ज्यादा ऊंचाई पर ट्रैवलिंग से क्यों बिगड़ने लगता है पेट? जानिए इसके पीछे की असली वजह

नया साल शुरू होते ही घूमने-फिरने का खुमार लोगों पर चढ़ जाता है। कोई मनाली या शिमला की ठंडी वादियों का सपना देखता है, तो कोई लेह-लद्दाख या मसूरी की ऊंची चोटियों की ओर निकल पड़ता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, ताजी हवा और शांत वातावरण हर किसी को आकर्षित करते हैं। लेकिन इन खूबसूरत नजारों के साथ शरीर को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही लोग ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंचते हैं, पेट से जुड़ी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। किसी को गैस बनने लगती है, किसी का पेट फूल जाता है, तो किसी को कब्ज, भारीपन या बेचैनी महसूस होती है।

कई मामलों में भूख भी अचानक कम हो जाती है और खाने का मन नहीं करता। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि आखिर पहाड़ों पर पहुंचते ही पेट क्यों गड़बड़ा जाता है। क्या इसकी वजह सिर्फ ठंडा मौसम या बाहर का खाना है, या इसके पीछे शरीर के भीतर चलने वाली कोई और प्रक्रिया जिम्मेदार है? न्यूट्रिशनिस्ट मानते हैं कि ऊंचाई पर पाचन खराब होने का कारण केवल मौसम या सफर की थकान नहीं, बल्कि इसका सीधा संबंध शरीर में ऑक्सीजन की कमी, नर्वस सिस्टम और डाइजेस्टिव सिस्टम से होता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि ज्यादा ऊंचाई पर पेट क्यों बिगड़ता है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

ज्यादा ऊंचाई पर पेट की समस्या क्यों बढ़ जाती है?

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऊंचाई पर पेट से जुड़ी दिक्कतों की सबसे बड़ी वजह हाइपोक्सिया होती है। हाइपोक्सिया का मतलब है शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिल पाना। जैसे-जैसे हम समुद्र तल से ऊपर चढ़ते हैं, हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होता जाता है। इसका असर सिर्फ सांस लेने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा शरीर इससे प्रभावित होता है—खासतौर पर नर्वस सिस्टम और पाचन तंत्र।

हमारे शरीर में एक खास नस होती है, जिसे वेगस नर्व कहा जाता है। यह नर्व पाचन तंत्र की गतिविधियों को नियंत्रित करती है। आंतों की मूवमेंट, पाचन एंजाइम्स का स्राव और पेट का समय पर खाली होना—ये सभी काम वेगस नर्व की मदद से ही होते हैं। लेकिन जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो यह नर्व अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाती। नतीजतन पाचन की रफ्तार धीमी हो जाती है, पेट देर से खाली होता है और गैस, ब्लोटिंग व भारीपन जैसी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। यही कारण है कि पहाड़ों पर कई बार बिना ज्यादा खाए भी पेट भरा-भरा और असहज महसूस होता है।

रिसर्च क्या बताती है?

न्यूट्रिशनिस्ट्स का कहना है कि कई स्टडीज़ में यह सामने आया है कि हाइपोक्सिया GI मोटिलिटी, यानी आंतों की गति को धीमा कर देता है। जब खाना आंतों में धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, तो वह ज्यादा समय तक पेट और आंतों में रहता है। इस दौरान भोजन का फर्मेंटेशन शुरू हो जाता है, जिससे गैस ज्यादा बनने लगती है। यही वजह है कि ऊंचाई वाले इलाकों में ट्रैवल करने वालों को अक्सर गैस, सूजन और ब्लोटिंग की शिकायत होती है।

ठंड का असर भी करता है पाचन को प्रभावित

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में केवल ऑक्सीजन की कमी ही नहीं होती, बल्कि ठंड भी काफी ज्यादा होती है। ठंड के कारण शरीर का सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जिसे आम भाषा में ‘फाइट या फ्लाइट मोड’ कहा जाता है। इस स्थिति में शरीर का फोकस ऊर्जा बचाने पर होता है, न कि पाचन प्रक्रिया पर। इसका सीधा असर यह होता है कि डाइजेशन और धीमा हो जाता है, भूख कम लगती है और पेट सुस्त व भारी महसूस होने लगता है।

सफर से पहले पेट को कैसे रखें तैयार?

जिस तरह यात्रा से पहले सूटकेस सोच-समझकर पैक किया जाता है, उसी तरह पेट की तैयारी भी बेहद जरूरी है। पहाड़ों पर जाने से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन करने से बचें। हल्का और आसानी से पचने वाला खाना लें, ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और डिहाइड्रेशन से बचें। अपनी डाइट में फाइबर और प्रोबायोटिक फूड्स शामिल करें, जो आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यात्रा के दौरान छोटे-छोटे मील लें और ओवरईटिंग से बचें। इन छोटी-छोटी सावधानियों से ऊंचाई पर पेट से जुड़ी परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?