
देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में बुधवार तड़के उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने रामलीला मैदान के नजदीक स्थित इस इलाके में देर रात अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
एमसीडी की इस कार्रवाई के तहत अवैध रूप से खड़े किए गए ढांचों को हटाने के लिए करीब 17 बुलडोजर मौके पर लगाए गए थे। यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसमें अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्त रुख अपनाने के आदेश दिए गए थे। निगम अधिकारियों की निगरानी में यह अभियान कई घंटों तक चला।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने भी व्यापक इंतजाम किए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे ऑपरेशन एरिया को नौ अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया था। हर जोन की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) रैंक के एक अधिकारी को सौंपी गई थी। किसी भी संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए सभी अहम स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
#WATCH | Delhi | Visuals from the area near Faiz-e-Elahi Masjid, Turkman Gate, where MCD, pursuant to the directions of the Delhi High Court, carried out a demolition drive on an encroachment earlier today.
— ANI (@ANI) January 7, 2026
Madhur Verma, Joint Commissioner of Police, Central Range, says, "During… pic.twitter.com/OtauQ2Acgh
पुलिस ने संभाली स्थिति
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले शांति बनाए रखने के उद्देश्य से अमन कमेटी के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों के साथ कई दौर की बैठकें की गई थीं। प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया कि अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
हालांकि, कार्रवाई के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की नीयत से पत्थरबाजी की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और हल्के बल प्रयोग के जरिए हालात को नियंत्रण में ले लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से किसी बड़े तनाव या अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी न्यायिक आदेशों को कानूनी, पेशेवर और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाए, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह का टकराव न हो।














