
जयपुर: सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीएलएडी) को लेकर कांग्रेस के तीन सांसदों पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि इन सांसदों ने अपने-अपने राज्यों से बाहर जाकर फंड खर्च करने की सिफारिश की, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस पूरे विवाद पर राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एमपीएलएडी के तहत आने वाली राशि जनता की मेहनत की कमाई है और इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए करना पूरी तरह गलत है।
जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री राठौड़ ने कहा कि सांसद निधि के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम, दिशानिर्देश और कानूनी प्रावधान तय किए गए हैं। जो लोग जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी संभालते हैं, उन पर इस धन के सही और ईमानदार इस्तेमाल की बड़ी जवाबदेही होती है। उन्होंने कहा कि जनता और ईश्वर के आशीर्वाद से चुने गए प्रतिनिधियों को यह अधिकार मिलता है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि यह पैसा किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है। यदि जनता की गाढ़ी कमाई को राजनीतिक स्वार्थ के लिए खर्च किया जाता है, तो यह न केवल गलत बल्कि नैतिक रूप से भी अस्वीकार्य है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जनविश्वास से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मंत्री राठौड़ ने आगे कहा कि जनसेवा के नाम पर मिले अधिकारों का दुरुपयोग लोकतंत्र की भावना को ठेस पहुंचाता है और इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एमपीएलएडी जैसे फंड में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर रुपया विकास और जनहित के कामों पर ही खर्च हो। राठौड़ ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस मामले में भरतपुर से सांसद संजना जाटव, चूरू से सांसद राहुल कसवां और झुंझुनू से सांसद बृजेंद्र सिंह ओला पर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों के मुताबिक, इन सांसदों ने एमपीएलएडी फंड को हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने की सिफारिश की है। बताया जा रहा है कि यह विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला के पुत्र का निर्वाचन क्षेत्र है। इसी बात को लेकर अब राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।














