
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को वेनेजुएला को लेकर एक चौंकाने वाला और अहम ऐलान किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को सीधे 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा तेल बेचने पर सहमत हो गई है। ट्रंप के मुताबिक, यह सौदा पूरी तरह बाजार दरों पर किया जाएगा और इसमें किसी तरह की रियायत शामिल नहीं होगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि इस तेल बिक्री से मिलने वाली पूरी राशि पर निगरानी अमेरिका की होगी। उन्होंने कहा कि इस फंड का इस्तेमाल दोनों देशों की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। राष्ट्रपति ने आगे बताया कि इस योजना को तेजी से अमल में लाने के लिए उन्होंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दे दिए हैं। तय योजना के अनुसार, कच्चे तेल को विशेष भंडारण जहाजों के माध्यम से सीधे अमेरिका के अनलोडिंग डॉक और प्रमुख बंदरगाहों तक पहुंचाया जाएगा।
US President Donald J Trump posts, "I am pleased to announce that the Interim Authorities in Venezuela will be turning over between 30 and 50 MILLION Barrels of high-quality, sanctioned oil to the United States of America. This Oil will be sold at its market price, and that money… pic.twitter.com/m48isFvX8W
— ANI (@ANI) January 7, 2026
व्हाइट हाउस में होगी अहम बैठक
इस बीच व्हाइट हाउस की ओर से जानकारी दी गई है कि शुक्रवार को ओवल ऑफिस में वेनेजुएला से जुड़े इस तेल समझौते को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में अमेरिका की दिग्गज तेल कंपनियों—एक्सॉन, शेवरॉन और कोनोकॉफिलिप्स—के शीर्ष अधिकारी शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान न सिर्फ मौजूदा तेल सौदे, बल्कि वेनेजुएला के साथ भविष्य में ऊर्जा सहयोग की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला के तेल उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था में किस तरह की भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, भुगतान प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़े पहलुओं पर भी मंथन संभव है।
विशाल भंडार, लेकिन सीमित उत्पादन
गौर करने वाली बात यह है कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार मौजूद है, इसके बावजूद उसका उत्पादन अपेक्षाकृत बेहद कम है। वर्तमान में वेनेजुएला औसतन केवल 1 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन का उत्पादन कर पा रहा है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका तेल उत्पादन के मामले में कहीं आगे है—अक्टूबर महीने में अमेरिका का औसत दैनिक उत्पादन करीब 13.9 मिलियन बैरल रहा था।
अगर आर्थिक गणना की जाए तो, अमेरिका यदि एक बैरल कच्चा तेल लगभग 56 डॉलर की दर से खरीदता है, तो ट्रंप की इस योजना के तहत वेनेजुएला से आने वाला तेल करीब 2.8 बिलियन डॉलर के मूल्य का होगा। जानकारों का मानना है कि यह सौदा न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि इसके जरिए अमेरिका वेनेजुएला पर अपना राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव भी मजबूत करना चाहता है।














