
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची एमसीडी टीम पर हुई पत्थरबाजी के मामले में अब एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। इस घटना से समाजवादी पार्टी के रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम जुड़ गया है। आरोप है कि वह देर रात घटनास्थल पर मौजूद थे और भीड़ को उकसाने में उनकी भूमिका रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में नदवी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि मोहिबुल्लाह नदवी संसद के पास स्थित एक मस्जिद के इमाम भी हैं, जिससे यह मामला और संवेदनशील हो गया है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता और पार्टी प्रवक्ता नवीन कोहली ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एमसीडी की कार्रवाई अदालत के आदेशों के तहत की जा रही थी और स्थानीय स्तर पर संवाद भी हो चुका था। इसके बावजूद सपा के सांसद का मौके पर पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। कोहली ने आरोप लगाया कि धर्म को बीच में लाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद पत्थरबाजी जैसी हिंसक घटनाएं हुईं।
नवीन कोहली ने आगे कहा कि इस मामले पर समाजवादी पार्टी को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुद सामने आकर स्थिति साफ करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि रात डेढ़ बजे कोई सांसद तुर्कमान गेट जैसे संवेदनशील इलाके में क्यों पहुंचता है। कोहली के मुताबिक, इसी वजह से इलाके की स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कहीं इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश तो नहीं थी, जिसका जवाब सपा नेतृत्व को देना चाहिए।
बीजेपी प्रवक्ता ने इस तरह की राजनीति को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि लोगों को भड़काकर और भ्रामक बयान देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राजनीतिक फायदे के लिए आम लोगों की जान जोखिम में डाली जा सकती है। कोहली ने यह भी आरोप लगाया कि इसी सोच के चलते पहले भी उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोगों के बयानों को नजरअंदाज किया गया।
कानूनी कार्रवाई की बात करें तो दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की सात अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। अब तक कम से कम 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपियों की पहचान भी हो चुकी है, जिनमें आदिल कासिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अरीब, उजैफ और आजिम इरफान के नाम सामने आए हैं, जिन पर पत्थरबाजी में शामिल होने का आरोप है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मधुर वर्मा ने जानकारी दी कि इस हिंसा में करीब 100 से 150 लोग शामिल थे, जो संगठित तरीके से पत्थरबाजी कर रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हिंसा के पीछे कौन लोग थे और किसके इशारे पर भीड़ ने उग्र रूप अपनाया।














