न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

उत्तराखंड के चमोली जिले में है रंग बदलने वाली फूलों की घाटी, यहां लक्ष्मण के लिए संजीवनी लेने आये थे हनुमान

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी को देखने हर साल लाखों की तादाद में पर्यटक आते हैं। यह घाटी 87.50 किमी वर्ग क्षेत्र में फैली है। यह राष्ट्रीय उद्यान सूबे के गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Fri, 05 Jan 2024 9:52:52

उत्तराखंड के चमोली जिले में है रंग बदलने वाली फूलों की घाटी, यहां लक्ष्मण के लिए संजीवनी लेने आये थे हनुमान

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी को देखने हर साल लाखों की तादाद में पर्यटक आते हैं। यह घाटी 87.50 किमी वर्ग क्षेत्र में फैली है। यह राष्ट्रीय उद्यान सूबे के गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में है। इस पूरे इलाके के संरक्षण के लिए 1982 में घाटी के साथ ही आसपास के क्षेत्र को राष्ट्रीय पार्क घोषित कर दिया गया था, जिसे नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है। इस घाटी में प्राकृतिक रूप से बने ढलानों पर खिले तरह तरह के फूल दिव्य अनुभूति देते हैं। फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंदर पर्यटकों को शिविर लगाने की अनुमति नहीं दी जाती है। ऐसे में पर्यटक इस घाटी के निकटतम कैंपिंग साइट पर ही कैंपिंग करते हैं। फूलों की घाटी का नजदीकी कैंपिंग साइट घांघरिया का सुरम्य गांव होगा। जहां शिविर लगाकर पर्यटक कई दिनों तक रहते हैं और फूलों की घाटी के आसपास के पर्यटक स्थलों की भी घुमक्कड़ी करते हैं।

your ultimate guide to the valley of flowers,exploring uttarakhand breathtaking valley of flowers,tips for an unforgettable visit to the valley of flowers,discovering the magic of uttarakhand valley of flowers,your journey through the enchanting valley of flowers trek,unveiling the wonders of the valley of flowers in uttarakhand,planning your adventure to uttarakhand valley of flowers,embracing nature beauty at the valley of flowers,your handbook to exploring the valley of flowers in uttarakhand,navigating the floral paradise of uttarakhand: valley of flowers,experience the awe-inspiring valley of flowers trek in uttarakhand,making memories at uttarakhand scenic valley of flowers

समुद्र तल से करीब 13,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी में 600 से भी अधिक प्रजातियों के हिमालयी फूल पाए जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार इस क्षेत्र को भगवान शिव का निवास कहा जाता है। यहां ट्रैकिंग पर आने वाले पर्यटकों के लिए यह जगह अजूबा है। फूलों की घाटी हर दो सप्ताह में अपना रंग बदल देती है। कभी यहां का रंग लाल तो कभी पीला और कभी सुनहरा दिखाई पड़ता है।

अगर आप फूलों की घाटी घूमने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको इसका बेस्ट टाइम भी जानना जरूरी है। फूलों की घाटी हर साल 1 जून को खुलती है और अक्टूबर में बंद होती है। यहां विजिट करने का सबसे अच्छा वक्त जुलाई से लेकर सितंबर के बीच माना जाता है। इस दौरान आपको इस घाटी में फूलों की अनेक प्रजातियां देखने को मिलेंगी जो कि आपका दिल जीत लेंगी। अगर आप खिले हुए फूलों को देखना चाहते हैं, तो आपको इस घाटी के भ्रमण के लिए अगस्त महीने में जाना चाहिए। इस वक्त यहां चारों तरफ फूल ही फूल खिले रहते हैं। हालांकि, इस मौसम में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण इस क्षेत्र में जाना मुश्किल भी हो जाता है।

फूलों की घाटी की खोज सबसे पहले फ्रैंक स्मिथ ने 1931 में की थी। फ्रैंक ब्रिटिश पर्वतारोही थे। फ्रेंक और उनके साथी होल्डसवर्थ ने इस घाटी को खोजा और उसके बाद यह प्रसिद्ध पर्यटल स्थल बन गया। इस घाटी को लेकर स्मिथ ने “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” किताब भी लिखी है। फूलों की घाटी में उगने वाले फूलों से दवाई भी बनाई जाती है। हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक फूलों की घाटी देखने के लिए आते हैं।

your ultimate guide to the valley of flowers,exploring uttarakhand breathtaking valley of flowers,tips for an unforgettable visit to the valley of flowers,discovering the magic of uttarakhand valley of flowers,your journey through the enchanting valley of flowers trek,unveiling the wonders of the valley of flowers in uttarakhand,planning your adventure to uttarakhand valley of flowers,embracing nature beauty at the valley of flowers,your handbook to exploring the valley of flowers in uttarakhand,navigating the floral paradise of uttarakhand: valley of flowers,experience the awe-inspiring valley of flowers trek in uttarakhand,making memories at uttarakhand scenic valley of flowers

संजीवनी बुटी लेने आये थे हनुमान

जन श्रुती के अनुसार रामायण काल में भगवान हनुमान जी संजीवनी बुटी लेने के लिए फूलों की घाटी आये थे। फूलों की इस घाटी को स्थानीय लोग परियों का निवास मानते हैं। यही कारण है कि लंबे समय तक लोग यहां जाने से कतराते थे। स्थानीय बोली में फूलों की घाटी को भ्यूंडारघाटी कहा जाता है। इसके अलावा, इस घाटी को गंधमादन, बैकुंठ, पुष्पावली, पुष्परसा, फ्रैंक स्माइथ घाटी आदि नामों से बुलाया जाता है। स्कंद पुराण के केदारखंड में फूलों की घाटी को नंदनकानन कहा गया है। कालिदास ने अपनी पुस्तक मेघदूत में फूलों की घाटी को अलका कहां है।

यह विश्वप्रसिद्ध फूलों की घाटी नर और गंधमाधन पर्वतों के बीच स्थित है। इसके पास ही पुष्पावती नदी बहती है। पास ही में दो ताल और लिंगा अंछरी हैं। यह घाटी मई से लेकर नवंबर तक हिमाच्छादित रहती है। हालांकि, पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में कई फूलों की घाटियां हैं, लेकिन चमोली जिले में स्थित इस घाटी को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी तादाद में टूरिस्ट आते हैं। फूलों की घाटी पहुंचने के लिए सैलानियों को बदरीनाथ धाम जाने वाले सड़क मार्ग का ही इस्तेमाल करना होता है। हरिद्वार के बाद ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग होते हुए जौशिमठ और फिर उसके आगे गोविंदघाट पहुंचना होता है। उसके बाद बदरीनाथ धाम वाले मार्ग छोड़कर हेमकुंड साहिब वाले मार्ग पर घांघरिया तक पैदल ही पहुंचना होता है। यहां से फूलों की घाटी और हेमकुंड का रास्ता अलग अलग हो जाता है। ऋषिकेश से इस घाटी की दूरी 270 किलोमीटर है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिका के 100% टैरिफ अधिकार पर भारत का जवाब, कहा- 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
अमेरिका के 100% टैरिफ अधिकार पर भारत का जवाब, कहा- 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
PM मोदी ने जन्मदिन पर SEMICON India 2026 का किया उद्घाटन, 52 देशों के प्रतिनिधि और 600 से ज्यादा कंपनियां शामिल
PM मोदी ने जन्मदिन पर SEMICON India 2026 का किया उद्घाटन, 52 देशों के प्रतिनिधि और 600 से ज्यादा कंपनियां शामिल
PM मोदी के जन्मदिन पर CJP की पहली प्रतिक्रिया, सौरव दास ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर उठाए सवाल
PM मोदी के जन्मदिन पर CJP की पहली प्रतिक्रिया, सौरव दास ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर उठाए सवाल
चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहिए? स्किन टोन के हिसाब से ऐसे चुनें सही ब्लश, ये 5 शेड्स करें ट्राय
चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहिए? स्किन टोन के हिसाब से ऐसे चुनें सही ब्लश, ये 5 शेड्स करें ट्राय
Redmi Turbo 5 पर Amazon का बड़ा ऑफर, 15,000 रुपये तक सस्ता हुआ फोन; 7540mAh बैटरी और 100W चार्जिंग जैसे फीचर्स
Redmi Turbo 5 पर Amazon का बड़ा ऑफर, 15,000 रुपये तक सस्ता हुआ फोन; 7540mAh बैटरी और 100W चार्जिंग जैसे फीचर्स
PM मोदी के जन्मदिन पर काशी में विशेष पूजा, राजनाथ सिंह-योगी ने दिखाई ‘सेवा संकल्प’ बाइक यात्रा को हरी झंडी
PM मोदी के जन्मदिन पर काशी में विशेष पूजा, राजनाथ सिंह-योगी ने दिखाई ‘सेवा संकल्प’ बाइक यात्रा को हरी झंडी
मछली खाते हैं तो जान लें कौन सी किस्म सेहत के लिए सबसे अच्छी, डाइट में जरूर करें शामिल
मछली खाते हैं तो जान लें कौन सी किस्म सेहत के लिए सबसे अच्छी, डाइट में जरूर करें शामिल
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल की सगाई 6 महीने में टूटी, एक्ट्रेस ने पोस्ट कर बताया- क्यों अलग हुए दोनों
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल की सगाई 6 महीने में टूटी, एक्ट्रेस ने पोस्ट कर बताया- क्यों अलग हुए दोनों
यूपी चुनाव से पहले भाजपा को झटका, पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा 13 साल बाद सपा में लौटे; अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प
यूपी चुनाव से पहले भाजपा को झटका, पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा 13 साल बाद सपा में लौटे; अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प
चांद पर 2 साल पहले हुई थी ऐसी टक्कर, अब 728 फीट का गड्ढा देखकर वैज्ञानिक भी हैरान
चांद पर 2 साल पहले हुई थी ऐसी टक्कर, अब 728 फीट का गड्ढा देखकर वैज्ञानिक भी हैरान
OnePlus 16 की पहली झलक आई सामने, अक्टूबर में होगा लॉन्च; 165Hz डिस्प्ले और 100W चार्जिंग पर नजर
OnePlus 16 की पहली झलक आई सामने, अक्टूबर में होगा लॉन्च; 165Hz डिस्प्ले और 100W चार्जिंग पर नजर
13वें दिन भी ‘मिर्जापुर द मूवी’ की कमाई जारी, ‘भूत बंगला’ को पछाड़कर बनी 2026 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
13वें दिन भी ‘मिर्जापुर द मूवी’ की कमाई जारी, ‘भूत बंगला’ को पछाड़कर बनी 2026 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
दिशा सालियन केस में नया कानूनी मोड़, आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का नोटिस
दिशा सालियन केस में नया कानूनी मोड़, आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का नोटिस
शादी के लहंगे का ब्लाउज सिलवाने जा रही हैं तो इन 7 बातों का रखें ध्यान, फिटिंग से लेकर डिजाइन तक नहीं होगी गलती
शादी के लहंगे का ब्लाउज सिलवाने जा रही हैं तो इन 7 बातों का रखें ध्यान, फिटिंग से लेकर डिजाइन तक नहीं होगी गलती