
राजस्थान की राजधानी जयपुर (Jaipur) से बच्चों के लापता होने का मामला अब और दिलचस्प मोड़ ले चुका है। पिंक सिटी से अचानक गायब हुए छह बच्चों में से तीन को पुलिस ने ढूंढ निकाला है। ये तीनों बच्चे गुरुवार देर रात जयपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर डीग बस स्टैंड (Deeg Bus Stand) पर मिले। फिलहाल पुलिस उन्हें सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। उनके परिवारों में इस खबर से राहत और खुशी का माहौल है। हालांकि बाकी तीन बच्चों की तलाश अभी भी जारी है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
सुराग बना CCTV फुटेज
बच्चों की गुमशुदगी की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने दिन-रात मेहनत की। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, मोहल्ले के लोगों से पूछताछ की गई और साइबर टीम की मदद भी ली गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि बच्चे गांधीनगर रेलवे स्टेशन के आसपास दिखाई दिए थे। खास बात यह रही कि उस समय वे स्कूल ड्रेस में नहीं, बल्कि साधारण कपड़ों में थे। इससे पुलिस को यकीन हुआ कि यह सब कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा था।
चोरी-छिपे घर लौटे दो बच्चे, फिर से गायब
इसी मामले में करनी विहार इलाके से लापता हुए दो भाईयों ने हैरान कर देने वाला कदम उठाया। दोनों अचानक घर लौटे, लेकिन परिवार से मिलने के लिए नहीं। वे मुख्य दरवाजे से नहीं, बल्कि दीवार फांदकर भीतर घुसे। उस वक्त घर के सदस्य बाहर उनकी खोजबीन में लगे हुए थे। घर खाली देखकर उन्होंने मौका साधा, अपने कपड़े और ज़रूरी सामान उठाया और वापस भाग निकले। घर में लगे CCTV कैमरों में पूरी वारदात कैद हो गई। तब से ये दोनों फिर से लापता हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है।
सामने आया नया नाम – ‘कुलदीप गुर्जर’
पुलिस जांच में एक नया किरदार सामने आया है – कुलदीप गुर्जर। बच्चों के एक दोस्त ने बताया कि वे लोग एक बेकरी पर गए थे, जहां उन्होंने कोल्ड्रिंक और कुरकुरे खरीदे। जब दुकानदार ने पैसे मांगे तो बच्चों ने कहा कि ‘कुलदीप गुर्जर बाद में पैसे चुका देगा।’ जानकारी में आया है कि यह शख्स करीब चार साल पहले उन्हीं के घर के पीछे किराए पर रहा करता था। पुलिस अब इस कुलदीप की तलाश कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चों के लापता होने में उसकी कोई भूमिका है या नहीं।
रामगंज से एक और बच्चा गायब
इस बीच जयपुर के रामगंज क्षेत्र से भी 15 वर्षीय अबू नामक एक किशोर के लापता होने की खबर ने पुलिस की चिंता और बढ़ा दी है। उसकी खोज भी अन्य बच्चों की तरह तेजी से की जा रही है।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
एक ही शहर से इतने बच्चों का एक जैसी परिस्थितियों में गायब होना पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि यह महज बच्चों का घर से भाग जाना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश छिपी हो सकती है। कपड़े बदलने, परिवार को चकमा देने, नोट लिखने और ‘कुलदीप गुर्जर’ नाम के शख्स का ज़िक्र इस मामले को और पेचीदा बना रहा है।














