
टी20 एशिया कप 2025 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। 9 सितंबर से एशिया की सबसे बड़ी टी20 जंग का आगाज़ होगा। इस टूर्नामेंट को अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी का ट्रायल रन माना जा रहा है। ऐसे में सभी टीमें अपनी कमजोरियों और मजबूती को परखने में लगी हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश ने मैच प्रैक्टिस पर जोर दिया है, जबकि भारतीय टीम ने खिलाड़ियों को आराम देने का फैसला किया है। यही रणनीति अब चर्चा का विषय बनी हुई है।
पाकिस्तान: ट्राई सीरीज से होगी लय की तलाश
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पहले ही एशिया कप के लिए अपनी टीम घोषित कर दी है और कप्तानी की कमान सलमान अली आगा को सौंपी गई है। एशिया कप से ठीक पहले पाकिस्तान यूएई में आयोजित होने वाली ट्राई सीरीज में खेलेगा। इसमें पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान और मेज़बान यूएई की टीमें शामिल होंगी। हर टीम एक-दूसरे से दो-दो मुकाबले खेलेगी और फिर प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष दो स्थान पाने वाली टीमें फाइनल खेलेंगी। इस सीरीज को पाकिस्तान की तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
बांग्लादेश: नीदरलैंड्स से भिड़ेगी लिटन दास की टीम
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी अपना स्क्वाड घोषित कर दिया है और इस बार टीम की कमान लिटन दास संभालेंगे। एशिया कप से पहले बांग्लादेश को नीदरलैंड्स के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। यह मुकाबले 30 अगस्त से 3 सितंबर के बीच होंगे। माना जा रहा है कि यह सीरीज टीम को लय में लाने और नए खिलाड़ियों को परखने का सुनहरा मौका देगी।
भारत क्यों ले रहा आराम?
भारत की ओर से एशिया कप से पहले श्रीलंका के खिलाफ एक टी20 सीरीज खेले जाने की संभावना थी, लेकिन अंतिम समय पर वह रद्द हो गई। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि BCCI किसी अन्य देश—जैसे जिम्बाब्वे या आयरलैंड—के साथ छोटी सीरीज तय कर देगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब भारतीय टीम के खिलाड़ी सीधे एशिया कप में ही मैदान पर उतरेंगे।
क्या असर डालेगा यह फैसला?
भारत का यह कदम विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ रहा है। कुछ का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों ने हाल ही में आईपीएल और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में काफी टी20 क्रिकेट खेला है, ऐसे में उन्हें आराम देना सही है। वहीं, आलोचकों का तर्क है कि बिना मैच प्रैक्टिस के टीम का कॉम्बिनेशन और खिलाड़ियों की फॉर्म परखना मुश्किल होगा।
नतीजा एशिया कप में ही मिलेगा
अब देखना यह है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमें, जो सीरीज खेलकर तैयार हो रही हैं, क्या मैदान पर भारतीय टीम से ज्यादा धारदार साबित होंगी या फिर आराम की रणनीति भारत को नई ऊर्जा और ताजगी के साथ लाभ पहुंचाएगी। जवाब 9 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप में ही मिलेगा।














