
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप क्रिकेट मैच पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। राउत ने कहा कि पहलगाम हमले में शहीद हुए भारतीयों का खून अभी सूखा नहीं है और उनके परिवारों के आंसू अभी थमे नहीं हैं। ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना न केवल अमानवीय है, बल्कि संवेदनशीलता की भी कमी है।
संजय राउत ने अपने पत्र में केंद्रीय खेल मंत्रालय के इस फैसले को लेकर चिंता जताई कि भारत-पाक मैचों को अनुमति देना देशवासियों के लिए अत्यंत दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं हो सकता। राउत ने पत्र में लिखा कि वे देशभक्त नागरिकों की भावनाओं को सीधे प्रधानमंत्री के समक्ष रख रहे हैं।
सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि यदि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है, तो ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच कैसे खेला जा सकता है। उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि पहलगाम हमला एक पाकिस्तानी आतंकवादी समूह द्वारा किया गया था, जिसमें 26 महिलाओं के सिंदूर मिटा दिए गए। राउत ने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या उन माताओं और बहनों की भावनाओं पर कभी ध्यान दिया गया।
संजय राउत ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान के खिलाफ मैचों में बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुआ खेला जाता है, जिसमें कथित तौर पर कई राजनीतिक हस्तियों का हाथ होता है। उन्होंने इस फैसले को हिन्दुत्व और देशभक्ति के नजरिए से असंवेदनशील बताया और कहा कि इससे न केवल हमारे सैनिकों के शौर्य का अपमान होता है, बल्कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित कश्मीर के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों का भी अपमान होता है।
राउत ने चेतावनी दी कि यदि यह मैच महाराष्ट्र में आयोजित होते, तो शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) इसे किसी भी हाल में रोक देती। उन्होंने कहा कि देश की जनता की भावनाओं को तुच्छ समझकर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट को प्राथमिकता देना अनुचित है और इस फैसले की शिवसेना कड़ी निंदा करती है।














