जयपुर, बॉलीवुड की रंगीन दुनिया इस समय गुलाबी नगरी जयपुर में अपनी चमक बिखेर रही है। आईफा अवॉर्ड्स 2025 (IIFA Awards 2025) के भव्य आयोजन से पहले 7 मार्च को भारतीय सिनेमा में महिलाओं की भूमिका पर एक विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित और फिल्म निर्माता गुनीत मोंगा ने भाग लिया।
फिल्म इंडस्ट्री में वेतन असमानता बनी बड़ी चुनौती
बातचीत के दौरान माधुरी दीक्षित ने फिल्म इंडस्ट्री में महिला और पुरुष कलाकारों के वेतन में मौजूद असमानता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "इस क्षेत्र में बदलाव आ रहा है, लेकिन अभी भी महिलाओं को बार-बार खुद को साबित करना पड़ता है। मेल और फीमेल एक्टर्स के वेतन में बड़ा अंतर है, और इसे खत्म करने के लिए हमें अभी लंबा रास्ता तय करना होगा।"
बदलते समय के साथ मजबूत हुए महिला किरदार
माधुरी दीक्षित ने अपने 39 साल के फिल्मी करियर का अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय के साथ भारतीय सिनेमा में महिलाओं के किरदार अधिक प्रभावशाली हुए हैं। उन्होंने कहा, "जब मैंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब फिल्म सेट पर महिलाओं की उपस्थिति बेहद सीमित थी। वहां सिर्फ को-एक्ट्रेसेस और हेयर ड्रेसर ही महिलाएं होती थीं, जबकि तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की कोई भागीदारी नहीं थी।"
उन्होंने आगे बताया कि उस दौर में महिला निर्देशक भी बहुत कम थीं। "सई परांजपे उन चुनिंदा निर्देशकों में से थीं, जिन्हें मैं जानती थी। लेकिन अब, जब मैं सेट पर जाती हूं, तो हर विभाग में महिलाओं को देखना गर्व का एहसास कराता है—चाहे वह डीओपी हो, डायरेक्टर हो या कोई अन्य तकनीकी क्षेत्र।"














