अवैध खनन को लेकर विपक्ष के तीखे हमलों के बीच प्रदेश की भजनलाल सरकार ने अब इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर इस मुद्दे की समीक्षा बैठक की और अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम कसने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस पर सख्त कार्रवाई के लिए जल्द ही आकस्मिक संयुक्त अभियान चलाएगी। इस पहल से खनन माफिया पर कड़ा नियंत्रण स्थापित किया जाएगा। सीएम शर्मा ने निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के लिए ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में खनिज संसाधनों की असीम संभावनाएं हैं, जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। साथ ही, खनन क्षेत्र राज्य के राजस्व में भी अहम योगदान देता है। इसलिए सरकार का लक्ष्य है कि खनिज संपदा का समुचित दोहन हो और इस क्षेत्र से अधिकतम राजस्व अर्जित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे ठोस रणनीति के तहत काम करें और अवैध खनन के खिलाफ अभियान को पूरी सख्ती से लागू करें।
आज मुख्यमंत्री निवास पर अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए की गई कार्यवाही के संबंध में समीक्षा बैठक ली।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) April 2, 2025
इस दौरान उपस्थित अधिकारियों को अवैध खनन की रोकथाम, प्रभावशाली निगरानी व्यवस्था स्थापित करने तथा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु उचित दिशा-निर्देश दिए गए। pic.twitter.com/rOAXTWcx8v
अवैध खनन पर हो सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री भजनलाल
मुख्यमंत्री भजनलाल ने अवैध खनन पर प्रभावी रोकथाम के निर्देश देते हुए कहा कि विभाग इसे पूरी सख्ती से लागू करे, जिससे आम जनता को राहत मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, वन विभाग, परिवहन विभाग और खनन विभाग को आपसी समन्वय से काम करना होगा। सभी जिला कलेक्टरों को खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक कानून को सख्ती से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक अवैध खनन करने वालों में भय पैदा नहीं होगा। उन्होंने खनन विभाग को जिला स्तरीय एसआईटी की बैठकों की नियमित निगरानी करने और प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
ड्रोन सर्वे से होगी कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर निगरानी के लिए ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। साथ ही, कार्रवाई में अधिक से अधिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जाए। सीएम भजनलाल ने मुख्यालय स्तर पर एक संयुक्त टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए, जो औचक निरीक्षण करेगी और अवैध खनन रोकने के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इस संबंध में लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण हो, जिससे अवैध खनन की रोकथाम की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
एम-सेंड को मिले बढ़ावा, अवैध खनन पर लगे रोक: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेंड को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश में एम-सेंड इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाए, जिससे बजरी के अति दोहन में कमी आए और सस्ता एवं टिकाऊ विकल्प उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खनन विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी, जिससे इस क्षेत्र में सुचारू प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने टोंक, नागौर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, डीग, कोटपूतली, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ के कलेक्टरों से उनके जिलों में अवैध खनन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों (डिस्कॉम्स) की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिजली आपूर्ति की सतत निगरानी करें, लाइनों में सुधार, ट्रांसफार्मर और जीएसएस स्थापना जैसे कार्यों को समय पर पूरा करें। मुख्यमंत्री ने बिजली छीजत को कम करने पर भी जोर देते हुए डिस्कॉम अधिकारियों से इसे न्यूनतम स्तर तक लाने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
मुफ्त बिजली योजना को तेजी से लागू किया जाए
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना की त्वरित क्रियान्विति के निर्देश दिए। इस योजना के तहत अल्प आय वर्ग के परिवारों को सोलर प्लांट लगाकर हर महीने 150 यूनिट निःशुल्क बिजली दी जाएगी। जिन घरों में सोलर प्लांट लगाने की जगह नहीं है, वहां सामुदायिक सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना को जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके।