जयपुर। लोकसभा में वक्फ बिल पारित होने के बाद अब इस मामले को लेकर मुस्लिम संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। मुस्लिम संगठनों ने इस मुद्दे पर आर पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। वहीं अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले में केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया है।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए वक्फ कानून पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार महंगाई, बेरोजगारी, शेयर बाजार में गिरावट और रुपए के अवमूल्यन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बार-बार अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने वाले कानून बना रही है।
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मोदी सरकार महंगाई, बेरोजगारी, शेयर मार्केट में चल रही गिरावट, रुपये के अवमूल्यन जैसे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बार-बार अल्पसंख्यक वर्ग को निशाने पर लेने वाले कानून बनाती है।
गहलोत ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का उदाहरण देते हुए कहा कि यह कानून 2020 में बना दिया गया था, लेकिन इसके नियम 2024 में अधिसूचित किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए बार-बार इस मुद्दे को उठाया और देश भर में तनाव पैदा किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वक्फ कानून भी इसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ से संबंधित किसी नए कानून की आवश्यकता क्यों पड़ी, जबकि पहले से ही मौजूदा कानून प्रभावी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बहुसंख्यक समुदाय का ध्यान महत्वपूर्ण मुद्दों से हटाना चाहती है और अल्पसंख्यक समुदाय में भय पैदा करना चाहती है।
गहलोत ने कहा कि सरकार की ऐसी नीतियों से दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह ऐसे कानूनों को लाने से बचे जो समाज में विभाजन पैदा करते हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे।
ऐसा लगता है कि भारत सरकार महंगाई, बेरोजगारी, शेयर मार्केट में चल रही गिरावट, रुपये के अवमूल्यन जैसे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बार-बार अल्पसंख्यक वर्ग को निशाने पर लेने वाले कानून बनाती है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 3, 2025
पूर्व में CAA के दौरान भी ऐसा देखा गया क्योंकि कानून 2020 में ही बना दिया पर…
ज्ञातव्य है कि लोकसभा में भारी हंगामे के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। इस बिल को आज गुरुवार को राज्य सभा में पेश किया जाएगा। बुधवार देर रात को बिल पर चर्चा पूरी होने के बाद वोटिंग कराई गई। इस विधेयक पर सत्तारूढ़ एनडीए ने अल्पसंख्यकों के लिए लाभकारी बताते हुए इसका पुरजोर बचाव किया, जबकि विपक्ष ने इसे 'मुस्लिम विरोधी' बताया। विधेयक को विपक्षी सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सभी संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। मत विभाजन के बाद इसे पारित कर दिया गया। वक्फ (संशोधन) बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े।