जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने वाले आवेदन पर फिलहाल राहत नहीं दी है. हाईकोर्ट ने आसाराम के अधिवक्ता से अगली सुनवाई पर शपथ पत्र मांगा है कि क्या उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन किया। आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत बढ़ाने के आवेदन पर पीड़िता के अधिवक्ता पीसी सोलंकी की ओर से आपत्ति जताते हुए कहा कि अंतरिम जमानत के दौरान आसाराम की ओर से मीडिया में प्रवचन करने की जो खबरें प्रकाशित और प्रसारित हुई हैं, ये निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतरिम जमानत के लिए दिए गए आदेश और शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे में अंतरिम जमानत को आगे नहीं बढ़ाया जाए।
जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की डबल बेंच में सुनवाई के दौरान आसाराम के अधिवक्ता से शपथ पत्र मांगा है। आसाराम की ओर से अधिवक्ता निशांत बोड़ा व अधिवक्ता यशपाल सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का प्रवचन जैसा कार्यक्रम कहीं नहीं हुआ। प्रवचन नहीं हुए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर वह अपना शपथ पत्र पेश करें कि कहीं पर भी प्रवचन नहीं हुया या शर्तों का उल्लंघन नहीं किया गया। उसके बाद अंतरिम जमानत पर 7 अप्रैल को विचार किया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि इससे पहले मंगलवार को आसाराम ने अंतरिम जमानत का समय पूरा होने के बाद जेल में सरेंडर कर दिया था। रात को आसाराम की तबीयत बिगड़ने के बाद पाली रोड स्थित आयुर्वेद चिकित्सालय लाया गया, यहां आसाराम का इलाज किया जा रहा है।