समाजवादी पार्टी के संस्थापक व संरक्षक मुलायम सिंह यादव का 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांसें लीं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पिता के निधन की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘मेरे आदरणीय पिता और सबके नेताजी जी नहीं रहे।’ मुलायम सिंह यादव का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए सैफई ले जाया जाएगा। मुलायम सिंह यादव के निधन पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जब हमने अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के रूप में काम किया, तब मुलायम सिंह यादव जी के साथ मेरी बातचीत होती रहती थी। यह घनिष्ठता आगे भी जारी रही और मैं हमेशा उनके विचारों को सुनने के लिए उत्सुक रहता था। उनके निधन से मैं दुखी हूं। उनके परिवार और लाखों समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।
Shri Mulayam Singh Yadav Ji was a remarkable personality. He was widely admired as a humble and grounded leader who was sensitive to people’s problems. He served people diligently and devoted his life towards popularising the ideals of Loknayak JP and Dr. Lohia. pic.twitter.com/kFtDHP40q9
— Narendra Modi (@narendramodi)
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा 'मुलायम सिंह यादव जी एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्हें एक विनम्र और जमीन से जुड़े नेता के रूप में व्यापक रूप से सराहा गया, जो लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील थे। उन्होंने लगन से लोगों की सेवा की और लोकनायक जेपी और डॉ लोहिया के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।'
पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि वह आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक प्रमुख सैनिक की भूमिका में रहे थे। उनके संसदीय हस्तक्षेप व्यावहारिक होता था और वह राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने पर जोर देते थे।
Mulayam Singh Yadav Ji distinguished himself in UP and national politics. He was a key soldier for democracy during the Emergency. As Defence Minister, he worked for a stronger India. His Parliamentary interventions were insightful and emphasised on furthering national interest. pic.twitter.com/QKGfFfimr8
— Narendra Modi (@narendramodi)














