न्यूज़
Budget 2026 Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

गोविंदा ले सकते हैं तलाक! शादी के कई साल बाद क्यों बन जाते हैं रिश्तें टूटने जैसे हालात?

हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के रिश्ते को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। कहा जा रहा है कि दोनों के बीच अनबन चल रही है और उनका रिश्ता तलाक की दहलीज तक पहुंच सकता है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 25 Feb 2025 10:32:35

गोविंदा ले सकते हैं तलाक! शादी के कई साल बाद क्यों बन जाते हैं रिश्तें टूटने जैसे हालात?

शादी एक ऐसा बंधन होता है, जो प्यार, विश्वास, आपसी समझ और सामंजस्य पर टिका होता है। जब दो लोग एक साथ जिंदगी बिताने का फैसला करते हैं, तो उनकी यह उम्मीद होती है कि वे हमेशा एक-दूसरे के साथ खुशहाल जीवन जीएं। लेकिन समय के साथ, कई रिश्तों में उतार-चढ़ाव आने लगते हैं। छोटी-छोटी गलतफहमियां कभी-कभी बड़े विवाद का रूप ले लेती हैं, जिससे दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ जाता है।

शुरुआती दिनों में जहां रोमांस, उत्साह और नई उम्मीदें होती हैं, वहीं सालों बाद जिम्मेदारियां, जीवनशैली में बदलाव और पारिवारिक दबाव रिश्तों को प्रभावित करने लगते हैं। कई बार करियर की प्राथमिकताएं, आपसी संवाद की कमी, या पारिवारिक और सामाजिक अपेक्षाएं भी रिश्ते में दूरी बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। जब ये समस्याएं हल नहीं होतीं, तो रिश्ते में दरारें गहरी होती चली जाती हैं और तलाक तक की नौबत आ सकती है।

हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के रिश्ते को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। कहा जा रहा है कि दोनों के बीच अनबन चल रही है और उनका रिश्ता तलाक की दहलीज तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह सवाल जरूर उठता है कि शादी के कई साल बाद रिश्ते में इतनी खटास क्यों आ जाती है? क्या केवल बाहरी दबाव इसका कारण होते हैं, या फिर पति-पत्नी के बीच की भावनात्मक दूरी भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है?

आइए जानते हैं कि शादी के कई साल बाद रिश्ते बिगड़ने के पीछे के मुख्य कारण कौन-कौन से हो सकते हैं और कैसे इन्हें संभालने की कोशिश की जा सकती है।

स्पेस का ध्यान न रखना

शादी के शुरुआती दिनों में दोनों पार्टनर एक-दूसरे को पूरा समय देते हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, जिम्मेदारियां बढ़ने लगती हैं और जीवन की अन्य प्राथमिकताएं सामने आती हैं। ऐसे में कई बार एक पार्टनर को लगता है कि दूसरा उसकी प्राइवेसी में जरूरत से ज्यादा दखल दे रहा है। जब एक-दूसरे को व्यक्तिगत स्पेस नहीं मिलता, तो रिश्ते में घुटन महसूस होने लगती है।

हर बात में टोकना, हर समय साथ रहने की जिद करना और जरूरत से ज्यादा कंट्रोलिंग बिहेवियर रिश्ते को कमजोर बना देता है। यह स्थिति तब और भी खराब हो जाती है जब पार्टनर को अपने शौक, दोस्तों या खुद के लिए समय नहीं मिल पाता। कई बार पार्टनर को यह समझने में देर हो जाती है कि थोड़ी आज़ादी और व्यक्तिगत स्पेस देना भी रिश्ते को मजबूत करने का एक जरिया है। एक हेल्दी रिलेशनशिप में संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है, जहां दोनों को अपनी निजी जिंदगी और रुचियों को बनाए रखने की आज़ादी हो।

हर समय झगड़े और बहस

अगर शादीशुदा जिंदगी में बिना वजह हर छोटी-बड़ी बात पर लड़ाई होने लगे, तो यह रिश्ते के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। जब दो लोग एक साथ रहते हैं, तो विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर हर छोटी बात पर झगड़े होने लगें, तो रिश्ते में कड़वाहट बढ़ने लगती है।

शुरुआत में जो बहसें हल्की नोक-झोंक होती हैं, वे धीरे-धीरे बड़े झगड़ों में बदल सकती हैं। कई बार लड़ाई इतनी बढ़ जाती है कि इगो बीच में आ जाता है और दोनों में से कोई झुकने को तैयार नहीं होता। कुछ कपल्स बहस के बाद चीजों को सुलझाने के बजाय नाराजगी पाल लेते हैं, जिससे एक-दूसरे के प्रति नाराजगी और बढ़ जाती है। अगर ये झगड़े बार-बार होते रहें और कोई भी सुलह की कोशिश न करे, तो धीरे-धीरे रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि झगड़ों को बढ़ाने के बजाय उन्हें सुलझाने की कोशिश की जाए, और बातों को खुलकर एक-दूसरे के साथ शेयर किया जाए।

पार्टनर को टाइम न देना

शादी के शुरुआती दिनों में कपल्स एक-दूसरे को पूरा समय देते हैं, लेकिन जैसे-जैसे साल बीतते हैं, काम, परिवार की जिम्मेदारियां और सोशल लाइफ बढ़ जाती हैं। धीरे-धीरे एक-दूसरे को वक्त देना कम होने लगता है और यह दूरी रिश्ते में ठंडक ला सकती है।

अगर कोई भी पार्टनर अपने साथी को समय नहीं देता, तो इससे भावनात्मक दूरी बढ़ने लगती है। कई बार यह दूरी इतनी बढ़ जाती है कि दोनों अलग-अलग ज़िंदगी जीने लगते हैं, भले ही वे एक ही घर में रहते हों। रोमांस, बातचीत और एक-दूसरे की जरूरतों को समझना अगर कम हो जाए, तो रिश्ता धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है।

रिश्ते में नई ऊर्जा बनाए रखने के लिए डेट नाइट्स प्लान करना, साथ में क्वालिटी टाइम बिताना और अपने पार्टनर की जरूरतों को समझना बहुत जरूरी होता है। शादी के कई साल बाद भी यह कोशिश करनी चाहिए कि दोनों साथ में वक्त बिताएं, खास पलों को संजोएं और एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करें।

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर


कई बार शादीशुदा जिंदगी में जब प्यार, समझ और संवाद की कमी हो जाती है, तो लोग बाहर अपने सुख और भावनात्मक संतुष्टि की तलाश करने लगते हैं। अगर किसी एक पार्टनर का इमोशनल या फिजिकल अफेयर हो जाए, तो यह रिश्ता टूटने का सबसे बड़ा कारण बन सकता है।

भरोसे का टूटना किसी भी रिश्ते के लिए सबसे बड़ी चोट होती है। जब एक साथी को यह महसूस होता है कि उसका पार्टनर किसी और के साथ जुड़ा हुआ है, तो वह मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट सकता है। अफेयर के कारण न सिर्फ विश्वास खत्म हो जाता है, बल्कि गुस्सा, अपमान और निराशा की भावना भी रिश्ते में आ जाती है।

एक सफल शादी के लिए ईमानदारी और वफादारी सबसे जरूरी होती है। अगर किसी भी रिश्ते में मनमुटाव आ रहा हो, तो उसका समाधान आपसी बातचीत और समझदारी से निकालने की कोशिश करनी चाहिए, बजाय इसके कि किसी बाहरी व्यक्ति में सुख की तलाश की जाए। एक-दूसरे के प्रति पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने से ही शादीशुदा जीवन खुशहाल रह सकता है।

क्या तलाक ही हल है?

अगर शादीशुदा जिंदगी में समस्याएं आ रही हैं, तो तलाक पहला ऑप्शन नहीं होना चाहिए। हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं, और जरूरी नहीं कि हर परेशानी का समाधान अलग होने में ही हो। सबसे पहले आपसी बातचीत से समस्या को सुलझाने की कोशिश करें। खुलकर बातचीत करने से कई गलतफहमियां दूर हो सकती हैं और रिश्ते को नया मोड़ मिल सकता है।

अगर आपसी बातचीत से हल नहीं निकल रहा है, तो किसी काउंसलर, थेरेपिस्ट या फैमिली मेंबर की मदद लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कभी-कभी बाहरी नजरिया और प्रोफेशनल गाइडेंस रिश्ते को बचाने में मदद कर सकता है। परिवार और दोस्तों की सलाह भी कई बार सहायक हो सकती है, लेकिन यह जरूरी है कि दोनों पार्टनर खुद इस रिश्ते को बचाने की इच्छा रखें।

एक-दूसरे की भावनाओं को समझें, धैर्य रखें और समाधान निकालने की कोशिश करें। एक खुशहाल रिश्ता सिर्फ प्यार से नहीं, बल्कि आपसी समझ, त्याग और सामंजस्य से भी चलता है। छोटी-छोटी परेशानियों पर तलाक के बारे में सोचना सही नहीं होता, क्योंकि हर समस्या का हल संभव है, बशर्ते दोनों इसे हल करने के लिए तैयार हों।

हालांकि, अगर सभी कोशिशों के बावजूद रिश्ता नहीं संभल रहा है और दोनों मानसिक शांति और खुशी के लिए अलग होना चाहते हैं, तो डाइवोर्स लेना ही आखिरी विकल्प हो सकता है। कई बार जब रिश्ते में कड़वाहट इतनी बढ़ जाती है कि साथ रहना एक-दूसरे के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होने लगता है, तो अलग हो जाना ही बेहतर होता है।

तलाक को जीवन का अंत नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे एक नई शुरुआत की तरह देखना चाहिए। अगर रिश्ता बोझ बन जाए और लगातार दुख और तनाव का कारण बनने लगे, तो अलग होकर खुद को और अपने पार्टनर को एक बेहतर और खुशहाल जिंदगी देने का फैसला लेना भी एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए बड़ी राहत, अब 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, सरकार ने लॉन्च की ‘पीएम राहत’ योजना; जानें पूरी जानकारी
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए बड़ी राहत, अब 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, सरकार ने लॉन्च की ‘पीएम राहत’ योजना; जानें पूरी जानकारी
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
 'घायल हूं, इसलिए ज्यादा घातक हूं', क्या ‘धुरंधर’ के पॉपुलर डायलॉग पर सनी देओल को मिली थी रॉयल्टी? एक्टर ने हंसते हुए खोला राज
'घायल हूं, इसलिए ज्यादा घातक हूं', क्या ‘धुरंधर’ के पॉपुलर डायलॉग पर सनी देओल को मिली थी रॉयल्टी? एक्टर ने हंसते हुए खोला राज
क्या ‘धुरंधर’ में रहमान डकैत बनने वाले थे नागार्जुन? सुपरस्टार ने अफवाहों पर लगाया विराम, अक्षय खन्ना को लेकर कही यह बात
क्या ‘धुरंधर’ में रहमान डकैत बनने वाले थे नागार्जुन? सुपरस्टार ने अफवाहों पर लगाया विराम, अक्षय खन्ना को लेकर कही यह बात
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
70 दिन बाद भी बरकरार ‘धुरंधर’ का जलवा, कमाई की रफ्तार नहीं पड़ी धीमी! जानें 10 हफ्तों में कितनी हुई कमाई
70 दिन बाद भी बरकरार ‘धुरंधर’ का जलवा, कमाई की रफ्तार नहीं पड़ी धीमी! जानें 10 हफ्तों में कितनी हुई कमाई
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?