न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

देवस्थलों की नगरी पुष्कर को पर्यटन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता हैं जो हिन्दू धर्म के सबसे बड़े तीर्थ स्थलों में से एक है। हिन्दू मान्यतों के अनुसार पुष्कर में स्थित पुष्कर झील में स्नान करने पर सभी तरह के पाप से मुक्ति मिलती हैं।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Wed, 24 Jan 2024 10:57:53

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

देवस्थलों की नगरी पुष्कर को पर्यटन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता हैं जो हिन्दू धर्म के सबसे बड़े तीर्थ स्थलों में से एक है। हिन्दू मान्यतों के अनुसार पुष्कर में स्थित पुष्कर झील में स्नान करने पर सभी तरह के पाप से मुक्ति मिलती हैं। पुष्कर अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ हैं जहां का मौसम बेहद सुहाना रहता हैं। देश का एकमात्र ब्रह्मा जी का मंदिर भी यहीं हैं। आज हम आपको यहां के कुछ पवित्र स्थलों की जानकारी देने जा रहे हैं जिनका पैराणिक रूप से भी बहुत महत्व हैं। अगर आप पुष्कर घूमने जा रहे है तो इन जगहों के दर्शन जरूर करें।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

पुष्कर झील पुष्कर - Pushkar Lake

राजस्थान के सबसे बड़े तीर्थ स्थल और सबसे बड़े पर्यटक स्थल में से एक पुष्कर में स्थित पुष्कर झील का वर्णन ईसा पूर्व चौथी शताब्दी से पहले का माना जाता है। सांची के शिलालेखों में भी पुष्कर झील का वर्णन मिलता है तथा बोद्ध भिक्षुओं और चीनी यात्री फा जियान द्वारा इस प्राचीन तीर्थ स्थल का उल्लेख अपने यात्रा वर्णनों में किया गया है। पुष्कर झील अपने अस्तित्व में आने के बाद से हिन्दू धर्म अनुयायियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में पूजी जाती रही है। पुष्कर झील के चारों तरफ लगभग 500 प्राचीन और नए मंदिर बने हुए है अब ये आप पर निर्भर करता है की इनमें से आप कितने मंदिर देख पाते है। झील पर कुल 52 घाट भी बने हुए है, इन सभी घाटों का अपना-अपना धार्मिक और पौराणिक महत्व है। पुष्कर झील पर बने हुए ग्वालियर घाट, गंगूर घाट, यग घाट, दधिच्च घाट, जयपुर घाट, वराहा घाट, करनी घाट, कोटा घाट, गोविन्द घाट, सप्तर्षि घाट और गौ घाट के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

ब्रम्हा मंदिर पुष्कर - Bramha Temple

पुष्कर में लगभग 500 से भी ज्यादा नए और प्राचीन मंदिर बने हुए है। इन सभी मंदिरो में यहां स्थित ब्रम्हा मंदिर सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण मंदिर है। 14वीं शताब्दी में निर्मित ब्रम्हा मंदिर के निर्माण में संगमरमर और पत्थर का उपयोग किया गया था। मंदिर के अंदर भगवान ब्रम्हा के साथ उनकी दूसरी पत्नी देवी गायत्री की मूर्ति को भी स्थापित किया गया है। आज भी पूरी दुनिया में पुष्कर में स्थित ब्रम्हा मंदिर सबसे प्राचीन मंदिर है, हालाँकि भारत के आसपास के देशों में भी भगवान ब्रम्हा को समर्पित मंदिर बने हुए है। मुगल आक्रांता औरंगजेब ने पुष्कर में बने हुए लगभग सभी प्राचीन मंदिरों को तोड़ दिया था जिसमें ब्रम्हा मंदिर को भी बहुत क्षति पहुँची थी।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

वराह मंदिर - Varaha Temple

भगवान विष्णु के तीसरे अवतार को समर्पित वराह मंदिर पुष्कर में स्थित सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। 12वीं शताब्दी में निर्मित वराह मंदिर का निर्माण उस समय के राजपूत शासक महाराजा अनाजी चौहान द्वारा करवाया गया था। 1727 में मुगल आक्रांता औरंगजेब द्वारा मूल मंदिर के निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया था उसके बाद जयपुर के तत्कालीन राजा सवाईमान सिंह ने वराह मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। वराह मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु के वराह अवतार की बड़ी मूर्ति स्थापित की गई है इसके अलावा भगवान विष्णु के बाकी अवतारों को भी बहुत ही सुंदर हाथ की कारीगरी के साथ मंदिर में दर्शाया गया है।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

सावित्री मंदिर - Savitri Temple

पुष्कर में अरावली पर्वतमाला की रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित सावित्री देवी मंदिर भगवान ब्रम्हा की पहली पत्नी देवी सावित्री को समर्पित है। सावित्री देवी मंदिर में देवी सावित्री के साथ-साथ देवी गायत्री की मूर्ति भी विराजमान है। मंदिर में सर्वप्रथम देवी सावित्री की पूजा की जाती है और उसका बाद देवी गायत्री की पूजा की जाती है। मंदिर से पुष्कर शहर और पुष्कर झील के बहुत ही मनोरम दृश्य देखे जा सकते है। सावित्री देवी मंदिर से सूर्योदय और सूर्यास्त देखना एक दम अलग अनुभव प्रदान करता है। मंदिर रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित होने की वजह से यहाँ तक पहुंचने के लिए आप को 200 सीढियां चढ़नी पड़ेगी जो की बहुत ज्यादा थकान पैदा कर देगी।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

गायत्री मंदिर - Gayatri Temple

पुष्कर शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित गायत्री देवी मंदिर भगवान ब्रम्हा की दूसरी पत्नी गायत्री देवी को समर्पित है। गायत्री मंदिर के अलावा यह मंदिर पाप मोचिनी मंदिर के नाम से ज्यादा प्रसिद्ध है। मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ी की चढ़ाई करनी पड़ती है। गायत्री देवी मंदिर में गायत्री देवी के साथ भगवान और सावित्री देवी की पूजा की जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार ब्रम्हा भगवान जब पुष्कर झील पर यज्ञ कर रहे थे तो उनकी पहली पत्नी सावित्री देवी के आने में देर होने की वजह से उन्होंने गायत्री देवी से दूसरा विवाह किया ताकि यज्ञ शुभ महूर्त में शुरू किया जा सके। गायत्री देवी का जन्म एक मनुष्य के रूप में हुआ था इसलिये उनको देवता बनाने के लिये गाय के मुँह में डाल कर पीछे से निकाला गया इस प्रक्रिया को तीन बार दोहराया गया था। इस प्रकार गायत्री देवी को मनुस्य से देवता बनाया गया। गायत्री देवी मंदिर पुष्कर के पास स्थित एक छोटी पहाड़ी पर बना हुआ है।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

रंगजी मंदिर पुष्कर - Rangji Temple

दक्षिण भारतीय वास्तुशैली और राजपूत स्थापत्य कला में बना हुआ में रंगजी मंदिर पुष्कर में बने हुये सभी प्राचीन मंदिरों से एकदम अलग दिखाई देता है। हैदराबाद के रहने वाले सेठ पुरण मल गनीवाल ने 1823 में रंगजी मंदिर का निर्माण करवाया। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले भगवान रंगजी को समर्पित है। प्रति वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु देश के अलग-अलग कोनो से भगवान रंगजी के दर्शन करने के लिए पुष्कर में स्थित भगवान रंगजी के मंदिर आते है। भगवान रंगजी के अलावा मंदिर में भगवान कृष्ण, देवी लक्ष्मी और श्री रामानुजाचार्य की मूर्तियां भी स्थापित की गई है। उत्तर भारत के अन्य मंदिरों से रंगजी मंदिर का स्थापत्य एक दम अलग है।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

अट्टपेटश्वर महादेव मंदिर पुष्कर - Attapateshwar Mahadev Temple

भगवान शिव को समर्पित अट्टपेटश्वर महादेव मंदिर 12 शताब्दी के आसपास निर्मित शिव मंदिर है। अट्टपेटश्वर महादेव मंदिर का धार्मिक महत्व पुष्कर के सबसे प्रमुख ब्रम्हा मंदिर के बराबर है। अट्टपेटश्वर महादेव मंदिर का निर्माण प्राचीन वास्तुशैली हेमाडपंथी शैली का उपयोग करके किया गया है। मंदिर के निर्माण के समय पत्थरों पर की गई महीन कारीगरी आज भी जीवंत लगती है। मंदिर में स्थापित भगवान शिव की मूर्ति पर पाँच मुँह बने हुए है जिन्हें सद्योजात, अघोर, वामदेव, ईशान और तत्पुरुष के नाम से बुलाया जाता है। मूर्ति के चार मुँह चार दिशाओं की तरफ ईशारा करते है और पांचवा मुँह आकाश, पवित्रता और आध्यात्मिकता की तरफ इशारा करता है।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

बूढ़ा पुष्कर झील - Budha Pushkar Lake

पुष्कर में पुष्कर झील के अलावा एक और प्राचीन झील बनी हुई है जिसे बूढ़ा पुष्कर झील के नाम से जाना जाता है। बूढ़ा पुष्कर झील का महत्व भी पुष्कर झील के बराबर ही है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम अपने वनवास के 14 वर्ष पूरे करके वापस अयोध्या आगये थे तो उसके पश्चात अपने पिता राजा दशरथ की अस्थियों का विसर्जन करने के लिए बूढ़ा पुष्कर झील की यात्रा की थी।

पुष्कर घूमने निकले हैं तो जरूर करें इन 9 पवित्र स्थलों के दर्शन, सभी रखते हैं पौराणिक महत्व

गुरुद्वारा साहिब पुष्कर - Gurudwara Sahib Pushkar

हिन्दू समुदाय के अलावा सिख समुदाय से जुड़े हुए लोगों के लिए भी पुष्कर एक पूज्नीय स्थल है। पुष्कर में स्थित गुरुद्वारा साहिब में प्रति वर्ष हजारों की संख्या में सिख और हिन्दू धर्म से जुड़े हुए लोगो मत्था टेकने आते है। गुरुद्वारा साहिब सिखों के 10वें सिख धर्म गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी को समर्पित गुरुद्वारा है। औरंगजेब से युद्ध के पश्चात श्री गुरु गोविन्द सिंह जी को आनंदपुर छोड़ना पड़ा। आंदनपुर छोड़ने के पश्चात श्री गुरु गोविन्द सिंह जी ने कुछ समय पुष्कर में भी बिताया था। अपने पुष्कर प्रवास के समय श्री गुरु गोविन्द सिंह जी ने पुष्कर झील के किनारे पर बैठ गुरुग्रंथ साहिब का पाठ किया था। मुगल साम्राज्य के समाप्त हो जाने के बाद, मराठा शासकों ने पुष्कर में गुरुद्वारा साहिब सिख मंदिर का निर्माण करवाया। गुरुद्वारा साहिब में हस्तलिखित सिख धर्मग्रन्थ की एक प्रति भी सुरक्षित रखी हुई है। ऐसा माना जाता है की यह हस्तलिखित प्रति श्री गुरु गोविन्द सिंह जी ने खुद लिखी थी।

राज्य
View More

Shorts see more

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

  • UPI से पैसे भेजना आसान है, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए PIN का ध्यान रखना जरूरी है।
  • समय-समय पर UPI PIN बदलने से ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा कम होता है।
  • PIN भूलने पर डेबिट कार्ड और OTP से आसानी से रीसेट किया जा सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

'जो कभी जय श्री राम बोलने वालों पर लाठियां बरसाते थे, वही आज रामभक्ति का दिखावा कर रहे हैं', रामपुर में सपा पर बरसे सीएम योगी
'जो कभी जय श्री राम बोलने वालों पर लाठियां बरसाते थे, वही आज रामभक्ति का दिखावा कर रहे हैं', रामपुर में सपा पर बरसे सीएम योगी
राम मंदिर जाने से पहले अजय राय को पुलिस ने लिया हिरासत में, देर रात कार्रवाई पर पत्नी ने उठाए सवाल
राम मंदिर जाने से पहले अजय राय को पुलिस ने लिया हिरासत में, देर रात कार्रवाई पर पत्नी ने उठाए सवाल
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर से टकराई डबल डेकर वोल्वो बस; 4 की मौत, कई घायल
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर से टकराई डबल डेकर वोल्वो बस; 4 की मौत, कई घायल
प्रतापगढ़ में प्रेम विवाह बना जानलेवा, युवक की गोली मारकर हत्या; पत्नी के भाई सहित तीन नामजद
प्रतापगढ़ में प्रेम विवाह बना जानलेवा, युवक की गोली मारकर हत्या; पत्नी के भाई सहित तीन नामजद
दिल्ली में आज से शुरू हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता पहले से रखें ये जरूरी जानकारी तैयार
दिल्ली में आज से शुरू हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता पहले से रखें ये जरूरी जानकारी तैयार
125 करोड़ में बनी 'वेलकम टू द जंगल', जानिए क्यों अक्षय कुमार ने नहीं ली फीस
125 करोड़ में बनी 'वेलकम टू द जंगल', जानिए क्यों अक्षय कुमार ने नहीं ली फीस
नियुक्ति मिली तो मनाई खुशी, लेकिन अगले ही दिन हो गए रिटायर! झारखंड में भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
नियुक्ति मिली तो मनाई खुशी, लेकिन अगले ही दिन हो गए रिटायर! झारखंड में भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील को लेकर विवाद; आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील को लेकर विवाद; आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
मुहर्रम पॉइजनिंग केस: बदले की आग में फैयाज ने इंदौर से मंगाया 40 किलो जहर, गेस्ट हाउस में भर रहा था कैप्सूल
मुहर्रम पॉइजनिंग केस: बदले की आग में फैयाज ने इंदौर से मंगाया 40 किलो जहर, गेस्ट हाउस में भर रहा था कैप्सूल
राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय से 3 घंटे तक चली पूछताछ, कई सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले
राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय से 3 घंटे तक चली पूछताछ, कई सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले
'पेट्रोल के दाम तुरंत घटाएं', ट्रंप ने तेल कंपनियों को दी सख्त चेतावनी; बोले- अमेरिकी जनता के हित में लें सही फैसला
'पेट्रोल के दाम तुरंत घटाएं', ट्रंप ने तेल कंपनियों को दी सख्त चेतावनी; बोले- अमेरिकी जनता के हित में लें सही फैसला
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बोलीं मायावती, कहा- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई, लेकिन राजनीति से बचें
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बोलीं मायावती, कहा- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई, लेकिन राजनीति से बचें
दाह संस्कार से पहले सामने आया युवती का वीडियो, बोली- 'मम्मी-पापा, मैं जिंदा हूं'; समस्तीपुर मामले में नया मोड़
दाह संस्कार से पहले सामने आया युवती का वीडियो, बोली- 'मम्मी-पापा, मैं जिंदा हूं'; समस्तीपुर मामले में नया मोड़
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान, बोले- भगवान के दान में हेराफेरी करने वालों को मिलेगा महादंड
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान, बोले- भगवान के दान में हेराफेरी करने वालों को मिलेगा महादंड