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इस चीज में खाना खाने से हो सकता है कैंसर, DNA को भी नुकसान!; बरते ये सावधानियां

रिसाइकल किए गए प्लास्टिक से बने काले कंटेनरों को रंगने के लिए कार्बन ब्लैक जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। रिसाइक्लिंग में कई तरह के प्लास्टिक मिलाए जाते हैं, जिनमें हानिकारक केमिकल्स भी शामिल होते हैं।

Posts by : Nupur Rawat | Updated on: Mon, 20 Jan 2025 10:18:23

इस चीज में खाना खाने से हो सकता है कैंसर, DNA को भी नुकसान!; बरते ये सावधानियां

आजकल खाने-पीने की चीजों के पैकेजिंग और डिलीवरी में प्लास्टिक कंटेनरों का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। खासकर, सस्ते और टिकाऊ होने के कारण ब्लैक प्लास्टिक कंटेनरों की डिमांड में तेजी आई है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि इन कंटेनरों का ज्यादा इस्तेमाल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का कारण बन सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्लैक प्लास्टिक कंटेनर रिसाइकल प्लास्टिक से बनाए जाते हैं, और इन्हें बनाने की प्रक्रिया में ऐसे हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल होता है, जो गर्म खाने के संपर्क में आने से उनमें घुल सकते हैं और सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके संभावित नुकसान।

काले प्लास्टिक कंटेनर क्यों होते हैं खतरनाक?


रिसाइकल किए गए प्लास्टिक से बने काले कंटेनरों को रंगने के लिए कार्बन ब्लैक जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। रिसाइक्लिंग में कई तरह के प्लास्टिक मिलाए जाते हैं, जिनमें हानिकारक केमिकल्स भी शामिल होते हैं। एम्स्टर्डम की टॉक्सिक-फ्री फ्यूचर और व्रीजे यूनिवर्सिटी द्वारा की गई रिसर्च में यह पाया गया कि काले प्लास्टिक से बने कई घरेलू उत्पाद कैंसर का कारण बन सकते हैं और यह हार्मोनल प्रभाव भी डाल सकते हैं। इस आधार पर यह माना जाता है कि काले प्लास्टिक कंटेनरों से भी कैंसर का खतरा हो सकता है।

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काले प्लास्टिक कंटेनर क्यों होते हैं खतरनाक?

रिसाइकल किए गए प्लास्टिक से बनाए गए कंटेनरों को काला रंग देने के लिए कार्बन ब्लैक जैसे हानिकारक केमिकल्स का उपयोग किया जाता है। इन कंटेनरों में विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक मिलाए जाते हैं, जिनमें से कई केमिकल्स स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। एम्स्टर्डम की टॉक्सिक-फ्री फ्यूचर और व्रीजे यूनिवर्सिटी की रिसर्च में यह पाया गया कि काले प्लास्टिक से बने कई घरेलू उत्पाद कैंसर का कारण बन सकते हैं और हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। इस शोध के आधार पर, यह माना जाता है कि काले प्लास्टिक कंटेनरों से कैंसर का खतरा हो सकता है, खासकर जब गर्म खाद्य पदार्थों को इनमें रखा जाता है।

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प्लास्टिक कंटेनर से DNA को नुकसान

कई रिसाइकल प्लास्टिक कंटेनरों में बिस्फेनॉल A (BPA) पाया जाता है, जो शरीर में हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है। इसके परिणामस्वरूप कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। काले प्लास्टिक कंटेनरों में फेथलेट्स जैसे केमिकल्स भी होते हैं, जो शरीर में प्रवेश कर DNA को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ब्लैक प्लास्टिक कंटेनर के उपयोग के दौरान सावधानियां:

- गर्म खाने के बजाय ठंडा खाना ब्लैक प्लास्टिक कंटेनर में रखने की कोशिश करें, क्योंकि गर्म खाने के संपर्क में आते ही यह अधिक केमिकल्स छोड़ सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

- रिसाइकल प्लास्टिक का बार-बार इस्तेमाल करने से हानिकारक केमिकल्स शरीर में जा सकते हैं, इसलिए इसका बार-बार उपयोग से बचें और जितना हो सके, इन्हें एक बार ही इस्तेमाल करें।

- ऐसे प्लास्टिक कंटेनरों का उपयोग करें, जिन पर 'फूड-ग्रेड' लेबल हो, क्योंकि यह खाद्य सामग्री के लिए अधिक सुरक्षित हो सकता है। इस लेबल का मतलब है कि यह कंटेनर खाने की चीजों के लिए बना है और इसमें हानिकारक पदार्थों की मात्रा कम होती है।

- जितना हो सके काले प्लास्टिक कंटेनरों के इस्तेमाल से बचने की कोशिश करें। इनमें मौजूद केमिकल्स जैसे कि कार्बन ब्लैक और फेथलेट्स शरीर में जमकर हॉर्मोनल असंतुलन पैदा कर सकते हैं, जिससे भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

- काले प्लास्टिक कंटेनर का उपयोग न केवल खाने के लिए, बल्कि पेय पदार्थों और अन्य तरल पदार्थों के लिए भी कम करें, क्योंकि इनसे रसायन जल्दी शरीर में समा सकते हैं।

- अगर आप काले प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो कोशिश करें कि आप इसे ज्यादा समय तक न रखें और उसका सफाई भी नियमित रूप से करें ताकि इसमें किसी भी प्रकार के रसायनिक जमा न हो जाएं।

- घर में प्लास्टिक की बजाय कांच, स्टेनलेस स्टील या बांस के कंटेनर का इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो सकता है।

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