न्यूज़
Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन, मां शैलपुत्री की पूजा का विधान, जाने विधि, मंत्र, स्तोत्र, भोग एवं आरती

चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 22 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च 2023 को इसका समापन होगा। नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। शैलीपुत्री हिमालय की पुत्री हैं। इसी वजह से मां के इस स्वरूप को शैलपुत्री कहा जाता है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Wed, 22 Mar 2023 09:38:42

Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन, मां शैलपुत्री की पूजा का विधान, जाने विधि, मंत्र, स्तोत्र, भोग एवं आरती

चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 22 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च 2023 को इसका समापन होगा। नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। शैलीपुत्री हिमालय की पुत्री हैं। इसी वजह से मां के इस स्वरूप को शैलपुत्री कहा जाता है।

ऐसा है मां का स्वरूप

मां शैलपुत्री का स्वरूप बेहत शांत और सरल है। देवी के एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल का फूल शोभा दे रहा है। नंदी बैल पर सवार मां शैलपुत्री को वृषोरूढ़ा और उमा के नाम से भी जाना जाता है। इनकी आराधना से हम सभी मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं। मां शैलपुत्री का प्रसन्न करने के लिए यह ध्यान मंत्र जपना चाहिए। इसके प्रभाव से माता जल्दी ही प्रसन्न होती हैं और भक्त की सभी कामनाएं पूर्ण करती हैं।

पूजा विधि

सबसे पहले मां शैलपुत्री की तस्वीर स्थापित करें और उसके नीचे लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। इसके ऊपर केशर से 'शं' लिखें और उसके ऊपर मनोकामना पूर्ति गुटिका रखें। तत्पश्चात् हाथ में लाल पुष्प लेकर शैलपुत्री देवी का ध्यान करें।

मंत्र इस प्रकार है- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:।

मंत्र के साथ ही हाथ के पुष्प मनोकामना गुटिका एवं मां के तस्वीर के ऊपर छोड़ दें। इसके बाद प्रसाद अर्पित करें तथा मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जप कम से कम 108 करें।

मंत्र- ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।

मंत्र संख्या पूर्ण होने के बाद मां दुर्गा के चरणों में अपनी मनोकामना व्यक्त करके मां से प्रार्थना करें तथा आरती एवं कीर्तन करें। मंत्र के साथ ही हाथ के पुष्प मनोकामना गुटिका एवं मां के तस्वीर के ऊपर छोड़ दें। इसके बाद भोग अर्पित करें तथा मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें। यह जप कम से कम 108 होना चाहिए।

ध्यान मंत्र

वन्दे वांच्छित लाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्‌ ।
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्‌ ॥

अर्थात

देवी वृषभ पर विराजित हैं। शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल है और बाएं हाथ में कमल पुष्प सुशोभित है। यही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा है। नवरात्रि के प्रथम दिन देवी उपासना के अंतर्गत शैलपुत्री का पूजन करना चाहिए।

स्तोत्र पाठ

प्रथम दुर्गा त्वंहि भवसागर: तारणीम्।
धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यम्॥
त्रिलोजननी त्वंहि परमानंद प्रदीयमान्।
सौभाग्यरोग्य दायनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यहम्॥
चराचरेश्वरी त्वंहि महामोह: विनाशिन।
मुक्ति भुक्ति दायनीं शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥

आरती

शैलपुत्री मां बैल पर सवार। करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।

पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।

सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।

जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।

माता का भोग

प्रतिपदा तिथि को मां शैलपुत्री को नैवेद्य के रूप में गाय का घी अर्पित करके ब्राह्मण को दान कर दें।

प्रचलित कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, पूर्व जन्म में मां शैलपुत्री का नाम सती था और वे भगवान शिव की पत्नी थीं। एक बार सती के पिता प्रजापति दक्ष ने एक यज्ञ करवाया और उसमें तमाम देवी-देवताओं को शामिल होने का निमंत्रण भेजा। सती भी उस यज्ञ में जाने के लिए व्याकुल थीं। हालांकि प्रजापति दक्ष ने सती और भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया। इसलिए भगवान शिव वहां नहीं जाना चाहते थे।

भगवान शिव ने सती से कहा कि प्रजापति दक्ष ने उन्हें आमंत्रित नहीं किया है, इसलिए वहां जाना उचित नहीं है। लेकिन सती नहीं मानीं और बार-बार यज्ञ में जाने का आग्रह करती रहीं। ऐसे में भोलेनाथ मान गए और उन्हें यज्ञ में जाने की अनुमति दे दी।

सती जब अपने पिता प्रजापति दक्ष के यहां पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि वहां न तो कोई उनका आदर कर रहा है और न ही प्रेम भाव से मेल-मिलाप कर रहा है। सती की मां को छोड़कर सभी ने उनसे मुंह फेरा हुआ था। यहां तक कि उनकी सगी बहनें भी उनका उपहास उड़ा रही थीं। उनके पति महादेव का तिरस्कार कर रही थीं।

स्वयं प्रजापति दक्ष ने भी उनका अपमान किया। सती सबका ऐसा रवैया बर्दाश्त नहीं कर पाईं और अंदर से बहुत दुखी हो गईं। उनसे पति का अपमान सहन न हुआ। इसके बाद सती ने ऐसा कदम उठाया जिसकी कल्पना स्वयं दक्ष प्रजापति ने भी नहीं की थी।

सती ने उसी यज्ञ में कूदकर आहुति दे दी और भस्म हो गईं। उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। जैसे ही भगवान शिव को यह बात पता चली, वे क्रोधित हो गए। उनके गुस्से की ज्वाला ने यज्ञ को ध्वस्त कर दिया। कहते हैं कि सती ने फिर हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया और वहां जन्म लेने की वजह से ही इनका नाम शैलपुत्री पड़ा।

राज्य
View More

Shorts see more

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

  • खीरा शरीर को हाइड्रेट करता है और जल संतुलन बनाए रखता है
  • गर्मियों में खीरा शरीर को ठंडा रखता है
  • खीरा त्वचा के निखार के लिए भी फायदेमंद है
read more

ताजा खबरें
View More

दिल्ली में TMC सांसदों का जोरदार प्रदर्शन, गृह मंत्रालय के बाहर हंगामा; महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन हिरासत में
दिल्ली में TMC सांसदों का जोरदार प्रदर्शन, गृह मंत्रालय के बाहर हंगामा; महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन हिरासत में
तुर्कमान गेट हिंसा के बाद प्रशासन का सख्त कदम, फैज-ए-इलाही मस्जिद में आज नहीं होगी जुमे की नमाज, इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
तुर्कमान गेट हिंसा के बाद प्रशासन का सख्त कदम, फैज-ए-इलाही मस्जिद में आज नहीं होगी जुमे की नमाज, इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
ईरान को लेकर ट्रंप का क्या है अगला कदम? बड़ा खुलासा, सरकार को दी सख्त चेतावनी
ईरान को लेकर ट्रंप का क्या है अगला कदम? बड़ा खुलासा, सरकार को दी सख्त चेतावनी
सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने की तैयारी, गडकरी ने पेश की वाहनों के बीच ‘वायरलेस संवाद’ तकनीक, ऐसे करेगी काम
सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने की तैयारी, गडकरी ने पेश की वाहनों के बीच ‘वायरलेस संवाद’ तकनीक, ऐसे करेगी काम
पार्टी से निष्कासन के बाद पहली बार आमने-सामने आए लालू-तेज प्रताप, क्या हुई बात?
पार्टी से निष्कासन के बाद पहली बार आमने-सामने आए लालू-तेज प्रताप, क्या हुई बात?
‘मैं नेहरू का अंध समर्थक नहीं’, पहले प्रधानमंत्री पर शशि थरूर का बड़ा बयान—1962 की चीन से हार पर रखी अपनी बात
‘मैं नेहरू का अंध समर्थक नहीं’, पहले प्रधानमंत्री पर शशि थरूर का बड़ा बयान—1962 की चीन से हार पर रखी अपनी बात
शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ की रिलीज डेट फाइनल, पोस्टर में दिखा जबरदस्त और खतरनाक अंदाज
शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ की रिलीज डेट फाइनल, पोस्टर में दिखा जबरदस्त और खतरनाक अंदाज
‘भारत में घट रही हिंदुओं की संख्या’, प्रवीण तोगड़िया का आह्वान—भेदभाव छोड़ एकजुट हों, हर गली-मोहल्ले में गूंजे हनुमान चालीसा
‘भारत में घट रही हिंदुओं की संख्या’, प्रवीण तोगड़िया का आह्वान—भेदभाव छोड़ एकजुट हों, हर गली-मोहल्ले में गूंजे हनुमान चालीसा
‘मोदी ने फोन नहीं किया, इसलिए डील अटकी’ — ट्रेड समझौते पर अमेरिका का चौंकाने वाला दावा
‘मोदी ने फोन नहीं किया, इसलिए डील अटकी’ — ट्रेड समझौते पर अमेरिका का चौंकाने वाला दावा
सभी को हैरान करने आ रही है Samsung Galaxy S26 सीरीज, लॉन्च डेट से उठा पर्दा; जानिए कब होगी एंट्री
सभी को हैरान करने आ रही है Samsung Galaxy S26 सीरीज, लॉन्च डेट से उठा पर्दा; जानिए कब होगी एंट्री
राहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना - अंकिता भंडारी हत्या से लेकर उन्नाव कांड तक उठाए गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना - अंकिता भंडारी हत्या से लेकर उन्नाव कांड तक उठाए गंभीर सवाल
ठाकरे भाइयों के बाद पवार परिवार में सुलह के संकेत? अजित पवार ने कहा —अब दोनों एनसीपी साथ-साथ
ठाकरे भाइयों के बाद पवार परिवार में सुलह के संकेत? अजित पवार ने कहा —अब दोनों एनसीपी साथ-साथ
ममता को घोटालों के राज खुलने का डर, बीजेपी सांसद रविशंकर का बड़ा हमला
ममता को घोटालों के राज खुलने का डर, बीजेपी सांसद रविशंकर का बड़ा हमला
'द राजा साब' का सीक्वल कंफर्म, अगली फिल्म का टाइटल होगा 'राजा साब 2: सर्कस 1935'
'द राजा साब' का सीक्वल कंफर्म, अगली फिल्म का टाइटल होगा 'राजा साब 2: सर्कस 1935'