राजस्थान की सड़कों पर आवारा गौवंश के कारण होने वाली परेशानी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार विशेष योजना पर काम कर रही है। पशुपालन और गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने इस संबंध में जानकारी दी।
पाली के किसान केसरी गार्डन में आयोजित होली स्नेह मिलन समारोह में मंत्री जोराराम कुमावत, पूर्व सांसद पुष्प जैन और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री ने बताया कि आवारा मवेशियों में अधिकतर नंदी (बैल) होते हैं, जिन्हें अब हल चलाने या बैलगाड़ी में इस्तेमाल नहीं किया जाता, इसलिए लोग उन्हें खुला छोड़ देते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए सरकार 'सेक्स सॉर्टेड सीमन' योजना चला रही है, जिससे 90% संभावना रहती है कि बछिया पैदा होगी। इससे राज्य में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ेगी। पहले इस तकनीक की एक डोज की कीमत 765 रुपये थी, जिसे घटाकर 265 रुपये कर दिया गया है। सरकार पशुपालकों को 75% अनुदान भी दे रही है, जिससे डोज की लागत मात्र 75 रुपये तक रह जाती है।
गौशालाओं को सरकार का अनुदान, पशुपालकों को मिलेगा लाभ – मंत्री
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि सरकार गौशालाओं के विकास के लिए अनुदान प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, पशुपालकों को ‘सेक्स सॉर्टेड सीमन’ योजना के तहत मवेशियों का कृत्रिम गर्भाधान कराने की सुविधा दी जा रही है, जिससे अधिकतर बछड़ियों का जन्म हो सके।
प्रदेशभर में निराश्रित गायों के संरक्षण के लिए गौशालाएं खोली जा रही हैं, जहां इन पशुओं को भेजा जा सके। सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत है और गौशालाओं के संचालन के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है।