प्रयागराज महाकुंभ में इस बार देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से पाकिस्तान से भी श्रद्धालुओं का जत्था त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने के लिए प्रयागराज पहुंचा है।
पाकिस्तान से आए 68 श्रद्धालु सिंध क्षेत्र के हैं। इन श्रद्धालुओं में से एक गोविंद राम मखीजा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, "हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमें इस पवित्र स्नान का अवसर मिला है। हम सिंध से आए हैं और यहां की व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं। हमें आरामदायक टेंट और स्वादिष्ट भोजन भी मिला है।"
त्रिवेणी संगम में स्नान से पहले श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। एक श्रद्धालु ने कहा, "हमें मीडिया के माध्यम से महाकुंभ के बारे में जानकारी मिली। हम काफी समय से यहां आने का सपना देख रहे थे और अब हम पवित्र स्नान करने में सफल हुए हैं। हमारे भाग्य ने हमें यहां पहुंचाया है।"
पाकिस्तान के सिंध से आए श्रद्धालुओं ने बताया, "हम 3 फरवरी को सिंध से निकले थे और 4 फरवरी को बाघा बॉर्डर पार कर प्रयागराज पहुंचे। यहां आकर हमें बहुत खुशी मिली। यहां की व्यवस्था, रहन-सहन और खानपान बहुत अच्छा है। थोड़ी ठंड जरूर है, लेकिन हमें मजा आ रहा है। प्रयागराज को 68 तीर्थों का राजा माना जाता है, हम संगम स्नान करेंगे और बड़ों को तर्पण देंगे। इसके बाद हम रायपुर जाएंगे और फिर हरिद्वार, ऋषिकेश में दर्शन करेंगे। 28 फरवरी को हम वापस पाकिस्तान लौट जाएंगे।"
VIDEO | Maha Kumbh 2025: A group of 68 Pakistani Hindus have arrived in Prayagraj to take holy dip in Triveni Sangam.
— Press Trust of India (@PTI_News) February 6, 2025
We are fortunate to have come here from Sindh to take holy dip... the arrangements here are very good. We have got comfortable tent for staying and getting… pic.twitter.com/4Opcc5Yuln
पाकिस्तानी श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में अपनी खुशी जताते हुए कहा, "हमें बहुत समय से प्रयागराज आने की इच्छा थी। यहां आकर हमें बहुत खुशी हो रही है। टेंट और अन्य सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। यहां की व्यवस्था हमारे लिए बहुत खास है। हमारी संगत को बुलाकर इतनी अच्छी सेवाएं दी जा रही हैं, हम बहुत खुश हैं।"
एक महिला श्रद्धालु ने कहा, "हमने बचपन से ही सुना था कि माघ के मेले में कुंभ का मेला लगता है और यहां का स्नान बहुत प्रसिद्ध है। मीडिया ने हमें बहुत प्रेरित किया और हमारी दिली इच्छा पूरी हुई है। जैसे ही हम यहां पहुंचे, सदाणी दरबार ने हमारी सभी सुविधाएं पूरी की हैं। हमें बहुत खुशी महसूस हो रही है।"