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जीभ का रंग खोल सकता है कई बीमारियों का राज, जानें किस रंग से जुड़ी हो सकती है कौन सी स्वास्थ्य समस्या

अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार और मुंह की सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। जीभ का रंग और स्थिति आपके स्वास्थ्य की कई समस्याओं का संकेत दे सकती है। जीभ की सफाई से बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं, जिससे दांतों की सड़न, मसूड़ों की बीमारी और बदबूदार सांसों जैसी समस्याओं से बचाव होता है। जानें, कैसे जीभ की सही सफाई से आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और कौन सा जीभ का रंग किस स्वास्थ्य समस्या का संकेत देता है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Fri, 04 Apr 2025 1:53:32

जीभ का रंग खोल सकता है कई बीमारियों का राज, जानें किस रंग से जुड़ी हो सकती है कौन सी स्वास्थ्य समस्या

अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार लेना और मुंह की सफाई पर ध्यान देना आवश्यक है। दांत भोजन चबाने और पचाने में मदद करते हैं, जबकि जीभ भोजन का स्वाद लेने का कार्य करती है। जीभ के बिना किसी भी चीज का स्वाद लेना असंभव है, लेकिन जीभ का कार्य केवल स्वाद तक ही सीमित नहीं है। जीभ आपकी स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत भी देती है। इसलिए जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं, तो सबसे पहले वे आपकी जीभ की जांच करते हैं। जीभ का रंग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत देता है, जैसे कि लाल जीभ विटामिन या आयरन की कमी, पीली जीभ संक्रमण या खराब स्वच्छता, और नीली जीभ ऑक्सीजन की कमी को दर्शा सकती है।

मुंह और जीभ में बैक्टीरिया अक्सर पाए जाते हैं क्योंकि ये स्थान हमेशा नम रहते हैं। इन बैक्टीरिया को साफ रखना बहुत जरूरी है ताकि आप विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें। जीभ पर मौजूद बैक्टीरिया दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकते हैं। जब आप अपनी जीभ की सफाई करते हैं, तो ये बैक्टीरिया हट जाते हैं, जिससे दांतों की सड़न और बदबूदार सांसों की समस्या कम हो जाती है। इसके अलावा, जीभ पर जमा विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए भी इसकी सफाई आवश्यक है। नियमित रूप से जीभ की सफाई से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं, जिससे आपका स्वास्थ्य बेहतर होता है।

यदि जीभ की सफाई सही तरीके से नहीं की जाती, तो यह पेट की समस्याओं का कारण बन सकती है। यदि आपकी जीभ काली है और उस पर सफेद चकत्ते हैं, तो यह खराब पाचन तंत्र का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, यदि जीभ बहुत नरम है तो यह आयरन की कमी का संकेत हो सकता है, जो एनीमिया का कारण बन सकता है। कभी-कभी ये लक्षण विटामिन की कमी के कारण भी हो सकते हैं। ऐसे मामलों में, पर्याप्त पोषक तत्वों और विटामिनों का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण है।

सामान्य जीभ का रंग कैसा होता है?

हेल्दी जीभ का रंग सामान्यत: गुलाबी होता है, हालांकि यह हल्के से गहरे गुलाबी रंग में भी हो सकता है। एक स्वस्थ जीभ की सतह पर छोटे-छोटे उभार होते हैं जिन्हें पपीला कहा जाता है। ये पपीला जीभ को बोलने, स्वाद लेने, चबाने और निगलने में मदद करते हैं।

आपकी जीभ का रंग कैसा नहीं होना चाहिए?

गुलाबी जीभ को छोड़कर, यदि जीभ का रंग किसी अन्य रंग में हो तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपकी जीभ का रंग निम्नलिखित में से किसी प्रकार का है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है:

सफेद जीभ


सफेद जीभ में रेखाएँ, फीतेदार पैटर्न या मोटे धब्बे हो सकते हैं। यह मौखिक थ्रश, फंगल संक्रमण, ओरल लाइकेन प्लेनस, ल्यूकोप्लाकिया, और संभावित पूर्व-कैंसर स्थितियों का संकेत हो सकता है।

पीली जीभ

जीभ का पीला होना आमतौर पर बैक्टीरिया के अत्यधिक विकास का संकेत होता है। यह खराब मौखिक स्वच्छता, डिहाइड्रेशन, पीलिया या सोरायसिस जैसी समस्याओं को भी दर्शा सकता है।

नारंगी जीभ


पीली जीभ के कारणों में से कई कारण नारंगी जीभ के लिए भी जिम्मेदार हो सकते हैं। इसका प्रमुख कारण खराब मौखिक स्वच्छता है, लेकिन यह ड्राई माउथ, कुछ एंटीबायोटिक्स का सेवन, या बीटा-कैरोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों के सेवन से भी हो सकता है।

लाल जीभ

लाल जीभ का रंग भोजन या दवा से एलर्जी, एरिथ्रोप्लाकिया (संभावित कैंसर पूर्व स्थिति), रेड फीवर, और ग्लोसाइटिस जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है। यह जीभ पर एक गहरे या तीव्र लाल रंग का परिणाम देता है।

ग्रे जीभ


ग्रे जीभ, जिसे काली जीभ या लिंगुआ निग्रा भी कहा जाता है, एक सामान्य मौखिक स्थिति है जो सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकती है। इसके कारणों में खराब मौखिक स्वच्छता, जीभ पर जमी गंदगी, बैक्टीरिया और मृत कोशिकाओं का जमा होना शामिल है, जो इसे ग्रे या काला बना सकते हैं। इसके अलावा, पाचन संबंधी समस्याएं, दवाओं का सेवन और तंबाकू का उपयोग भी इसके कारण हो सकते हैं। एक अध्ययन में यह पाया गया कि एक्जिमा से प्रभावित लोगों की जीभ का रंग भी भूरा या पीला हो सकता है।

काली जीभ


काली जीभ का कारण केराटिन का जमाव हो सकता है। केराटिन एक प्रोटीन है जो बालों, त्वचा और नाखूनों में पाया जाता है। यह प्रोटीन, भोजन के कण और मलबा जीभ की पैपिला (छोटे उभार) से चिपक सकते हैं, जिससे जीभ काली और बालों जैसी दिखाई देती है।

बैंगनी जीभ

बैंगनी जीभ का रंग शरीर में खून के सही तरीके से संचार न होने का संकेत हो सकता है, जो फेफड़ों या दिल से जुड़ी समस्याओं से संबंधित हो सकता है। कावासाकी रोग और कुछ अन्य चिकित्सीय स्थितियों के कारण भी जीभ का रंग बैंगनी हो सकता है, जैसे कि एड्रेनल ग्रंथि से संबंधित समस्याएं।

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