उत्तर प्रदेश के रेलवे और मेट्रो रेलवे स्टेशनों पर अब एयरपोर्ट की तरह अंग्रेजी शराब की दुकानें खुलेंगी। यूपी कैबिनेट ने प्रीमियम ब्रांड की शराब की रिटेल दुकान खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी मिल गई है।
आबकारी विभाग के राजस्व को बढ़ाने के लिए सरकार ने यात्रा स्थलों पर शराब बेचने का निर्णय लिया है। नई नीति के तहत मॉल्स के मल्टीप्लेक्स एरिया में प्रीमियम ब्रांड की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, सक्षम स्तर से अनापत्ति मिलने पर मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर मुख्य भवन में प्रीमियम रिटेल की दुकानें अनुमन्य होंगी। इनका मुख्य द्वार भवन के अंदर होने की बाध्यता खत्म कर दी गई है।
इसके साथ ही, पहली बार विदेशी मदिरा की 60 एमएल और 10 एमएल की बोतलों की बिक्री की अनुमति भी दी गई है। नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में 60,000 करोड़ रुपए साल 2025-26 में कमाने की योजना बनाई गई है। साथ ही, किसानों द्वारा उत्पादित फलों से बनने वाली वाइन के लिए प्रदेश के हर जिले में एक अलग आउटलेट खोला जाएगा। प्रदेश में ऐसे 75 आउटलेट खोले जाएंगे।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णय की जानकारी प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने गुरुवार सुबह आयोजित प्रेस वार्ता में दी। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि निजी प्रयोग के लिए निर्धारित फुटकर सीमा से अधिक मदिरा क्रय, परिवहन और निजी कब्जे में रखने के लिए वैयक्तिक होम लाइसेंस की व्यवस्था को सरल कर दिया गया है। लाइसेंस के लिए सालाना फीस 11,000 रुपए और सिक्योरिटी 11,000 रुपए होगी।
नई आबकारी नीति के नियम:
देसी शराब के लिए एसेप्टिक ब्रिक पैक: देसी शराब अब एसेप्टिक ब्रिक पैक में उपलब्ध होगी, जिससे शराब में मिलावट होने की आशंका समाप्त हो जाएगी।
प्रीमियम दुकानों का नवीनीकरण: प्रीमियम शराब की दुकानों का नवीनीकरण वित्तीय वर्ष 2027-28 तक किया जा सकेगा।
ई-लॉटरी के लिए पंजीकरण: आवेदकों को ई-लॉटरी के लिए नए सिरे से पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
ई-लॉटरी के तीन चरण: ई-लॉटरी तीन चरणों में आयोजित होगी, इसके बाद ई-टेंडर के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जाएगा।
दुकानों के समय: शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगी।
देसी शराब की बोतल और पैक पर एमआरपी: देसी शराब की बोतल और ट्रेटा पैक में अनिवार्य रूप से एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) दर्ज होगी।
डिजिटल पेमेंट और सीसीटीवी: प्रत्येक फुटकर दुकान पर डिजिटल पेमेंट और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य होंगे।
आयकरदाता को मिलेगा लाइसेंस: लाइसेंस केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो पिछले तीन वर्षों से लगातार आयकरदाता रहे हैं और उन्होंने अपना आयकर रिटर्न दाखिल किया है।
13 प्राचीन धरोहरों का विकास रिजॉर्ट, होटल और शादी घर के रूप में
बुधवार को कैबिनेट ने 13 प्राचीन धरोहरों को होम स्टे के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पर्यटन विभाग इन धरोहरों को एक्टिविटी म्यूजियम, हेरिटेज रेस्टोरेंट, बुटिक, हॉल, एडवेंचर टूरिज्म, चीमेटिक वेलनेस सेंटर और हॉस्पिटेलिटी यूनिट के रूप में विकसित करेगा।
पीपीपी मॉडल पर पर्यटन स्थलों का विकास
इस योजना में लखनऊ की कोठी गुलिस्तान-ए-इरम, दर्शन विलास की आलमबाग भवन, ललितपुर का बालबेहट फोर्ट, झांसी का टहरौली फोर्ट, मथुरा का सीताराम महल, झांसी का रघुनाथ राव महल, गोडा का वजीरगंज की बारादारी, महोबा का सेनापति महल और कुलपहाड़ महल, कानपुर नगर की टिकैतराय बारादरी, महोबा का मस्तानी महल, लेक पैलेस, बांदा का भूरागढ़ और रनगढ़ किला शामिल हैं। इस परियोजना पर लगभग 90 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कैबिनेट ने इसके लिए निविदा प्रपत्रों का मॉडल डॉक्यूमेंट अनुमोदन की सहमति दी है।
राही पर्यटक आवास पीपीपी मॉडल पर होंगे विकसित
कैबिनेट ने आठ राही पर्यटक आवास गृहों को पीपीपी मॉडल पर विकसित और संचालित करने को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत इटावा के सुमेर सिंह किला, सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद, मिर्जापुर के विध्याचल, मऊ के झील महल रेस्टोरेंट और भदोही के गोपीगंज स्थित राही पर्यटक आवास गृहों के लिए निविदाएं ली गई हैं। इसके अलावा बस्ती और वृंदावन के राही पर्यटक आवास गृहों के लिए निविदाओं को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है। इस योजना को बुधवार को कैबिनेट की मंजूरी मिली, जिसमें यह भी बताया गया कि इटावा के सुमेर सिंह किले की जमीन राज्य सरकार की है।
शाहजहांपुर बनेगा विकास प्राधिकरण
प्रदेश सरकार शाहजहांपुर को प्रदेश का 29वां विकास प्राधिकरण बनाने जा रही है। इस प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। प्रस्ताव के तहत, विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शहर के साथ-साथ 32 ग्राम पंचायतों को भी शामिल किया जाएगा। आवास विभाग जल्द ही प्राधिकरण गठन की अधिसूचना जारी करेगा।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने शाहजहांपुर को विकास प्राधिकरण बनाने की घोषणा की
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने हाल ही में अपने गृह जिले शाहजहांपुर को विकास प्राधिकरण बनाने की घोषणा की थी। उनके प्रस्ताव पर सरकार ने निर्णय लिया है, और शाहजहांपुर को विकास प्राधिकरण बनाने का फैसला किया है। विकास प्राधिकरण में शामिल गांवों के लिए यूपीएसआईडीए के अधीन अर्जित भूमि को छोड़कर अन्य सभी भूमि को शामिल किया जाएगा।
शाहजहांपुर का होगा सुनियोजित विकास
विकास प्राधिकरण के गठन के बाद शाहजहांपुर का सुनियोजित विकास होगा। आवास विभाग द्वारा जारी भवन निर्माण और विकास उपविधि के तहत नक्शा पास किया जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद, शहर में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण पर रोक लगेगी, और मनमाने तरीके से निर्माण की अनुमति नहीं होगी।