न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

द्रोणागिरी गांव : जहाँ के ग्रामीण नहीं करते हनुमान जी की पूजा

उत्तराखंड देवताओं की भूमि कही जाती है। लेकिन यहां एक ऐसा गांव भी है जहां हनुमान जी की पूजा नहीं की जाती है। यह गांव चमोली जनपद में समुद्र तल से करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है

Posts by : Anuj | Updated on: Wed, 31 Jul 2024 1:04:55

द्रोणागिरी गांव : जहाँ के ग्रामीण नहीं करते हनुमान जी की पूजा

उत्तराखंड देवताओं की भूमि कही जाती है। लेकिन यहां एक ऐसा गांव भी है जहां हनुमान जी की पूजा नहीं की जाती है। यह गांव चमोली जनपद में समुद्र तल से करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। जी हां हम बात कर रहे हैं चमोली जिले के जोशीमठ से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित द्रोणागिरि गांव की। यहां के ग्रामीण आज भी रामभक्त हनुमान से नाराज हैं। इसलिए इस गांव में बजरंग बली हनुमान की पूजा नहीं की जाती है बल्कि गांव के समीप स्थित द्रोणागिरि पर्वत को देवता के रूप में पूजते हैं। इस गांव में कहीं भी दूर-दूर तक हनुमान जी का मंदिर देखने को नहीं मिलेगा। हनुमानजी जहां-जहां गए, वो जगह बड़े तीर्थ स्थल के लिए मशहूर हो गई, लेकिन इसके विपरीत भारत में एक ऐसी जगह भी है, जहां हनुमान जी की पूजा करना पाप माना जाता है। आप भी ये सुनकर चौक गए होंगे लेकिन ये सच है, उत्तराखंड के इस गांव में लोग अगर हनुमान जी पूजा करते भी पाए जाते हैं, तो उन्हें बिरादरी से बेदखल भी कर दिया जाता है। हां तक कि इस गांव में लाल रंग का झंडा लगाने पर पाबंदी है।

dronagiri village,dronagiri village hanuman,no hanuman worship village,dronagiri village bihar,unique village traditions bihar,dronagiri village story,hanuman worship dronagiri,bihar tourism dronagiri,visit dronagiri village,cultural traditions bihar

यह है कारण

ग्रामीण गांव के समीप स्थित द्रोणागिरि पर्वत को पर्वत देवता के रूप में पूजते हैं। कहा जाता है कि त्रेता युग में राम-रावण युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे, तो सुषेण वैद्य के कहने पर हनुमान संजीवनी बूटी लेने के लिए द्रोणागिरि गांव आए थे। संजीवनी बूटी की पहचान ना होने के कारण वे द्रोणागिरि पर्वत के एक बड़े हिस्से को ही उठा कर ले गए थे। तब से ग्रामीण हनुमान जी से नाराज हैं।

शबरी के जूठे बेर की गुठलियों से बनी थी संजीवनी बूटी

धार्मिक मान्यताओं के जानकर प्रतीक मिश्र पुरी बताते हैं कि धार्मिक कहानी में कई जगह जिक्र है कि संजीवनी बूटी शबरी के जूठे बेर की गुठलियों से बनाई गई थी। द्रोणागिरी के लोगों का हनुमान से खफा होना इसलिए भी जायज है क्योंकि अगर आज यहां पर द्रोणागिरी पर्वत पूरी तरह से होता, तो शायद गांव में और संपन्नता रहती।

dronagiri village,dronagiri village hanuman,no hanuman worship village,dronagiri village bihar,unique village traditions bihar,dronagiri village story,hanuman worship dronagiri,bihar tourism dronagiri,visit dronagiri village,cultural traditions bihar

द्रोणागिरी में पड़े थे श्री राम के चरण

पौराणिक मान्यता है कि द्रोणागिरी गांव में जिस स्थान पर भगवान श्री राम आए थे, उसे आज राम पाताल के नाम से जाना जाता है। द्रोणागिरी गांव में प्रभु राम सभी के आराध्य हैं। राम पाताल इलाके की पूरी भूमि को द्रोणागिरी गांव के लोग मंदिर की तरह पूजते हैं, इसलिए यहां भी गांव के लोगों ने तय किया है कि अयोध्या में जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी, तब गांव के हर घर में भगवान श्री राम की पूजा होगी।

पूजा में महिलाओं का दिया कुछ क्यों नहीं खाते लोग

द्रोणागिरी पर्वत की विशेष पूजा हर साल जून में की जाती है। पूजा में गांव वालों के अलावा दूसरे राज्योंम में जाकर बस गए स्था नीय लोग भी शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। इस पूजा में महिलाओं के हाथ का दिया हुआ कुछ भी इस्ते माल नहीं किया जाता है। कहा जाता है कि संजीवनी बूटी लेने के लिए जब हनुमान जी यहां पहुंचे तो उन्हें एक बूढ़ी महिला दिखाई दी थी। उन्होंने उस महिला से संजीवनी बूटी की जगह पूछी तो उसने द्रोणागिरि पर्वत की तरफ इशारा कर दिया था। हनुमान जी संजीवनी बूटी की पहचान नहीं कर पाए और पर्वत के बड़े हिस्से को ही उठा ले गए। ये बात पता चलने के बाद गांव वालों ने वृद्ध महिला का बहिष्कार कर दिया। आज भी इस गांव के लोग पर्वत देव की विशेष पूजा पर महिलाओं के हाथ का दिया कुछ भी नहीं खाते हैं।

द्रोणागिरी के लिए ट्रैकिंग

हनुमान जी की पूजा न करने वाली ये जगह अपनी द्रोणागिरी ट्रैक के लिए भी फेमस है। इस ट्रैक को करने के लिए हर साल कई लोग यहां आकर्षित होते हैं। धार्मिक मूल्यों के साथ घाटी के इस खूबसूरत ट्रैक को आपको भी करना चाहिए। जुम्मा-द्रोणागिरी ट्रैक 15 किमी का फेमस ट्रैक है। यह ट्रेक आपको दाहुली गंगा के किनारे ले जाएगा, ट्रेक शुरू करने के बाद, आपको धौली गंगा नदी पर बने सस्पेंशन ब्रिज को पार करना होगा। अगर आप इस अनोखी जगह को देखना चाहते हैं तो इस जगह को अपने उत्तराखंड टूरिस्ट प्लेसेस में जरूर शामिल करें। दूनागिरी देवी मंदिर भी यहीं स्थित है।

कैसे पहुंचें द्रोणागिरी

द्रोणागिरी दिल्ली से लगभग 400 किमी दूर है। सड़क मार्ग से पर्यटक वाहनों में जुम्मा नाम की जगह तक जा सकते हैं जो धौली गंगा नदी के तट पर है। जुम्मा से ये ट्रैक आपको द्रोणागिरी तक ले जाएगा।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का किया ऐलान, बोले- छात्रों को सांसदों से मिलने की मिले अनुमति
सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का किया ऐलान, बोले- छात्रों को सांसदों से मिलने की मिले अनुमति
23 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, CJP प्रतिनिधियों से मिले जेपी नड्डा
23 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, CJP प्रतिनिधियों से मिले जेपी नड्डा
अनशन खत्म होने लगे, 23 दिन बाद तीन छात्रों ने तोड़ी भूख हड़ताल; सोनम वांगचुक के अगले कदम पर टिकी निगाहें
अनशन खत्म होने लगे, 23 दिन बाद तीन छात्रों ने तोड़ी भूख हड़ताल; सोनम वांगचुक के अगले कदम पर टिकी निगाहें
'एक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी नहीं ले सकते', CJP के संसद मार्च के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा हमला
'एक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी नहीं ले सकते', CJP के संसद मार्च के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा हमला
राममंदिर दान चोरी केस: टिन्नू यादव के बड़े दावे, चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत कई नामों को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे
राममंदिर दान चोरी केस: टिन्नू यादव के बड़े दावे, चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत कई नामों को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे
‘शहीद हो जाऊंगा, फिर जन्म लेकर लौटूंगा...’ सिर से बहता रहा खून, घायल प्रदर्शनकारी पुलिस को देता रहा चुनौती
‘शहीद हो जाऊंगा, फिर जन्म लेकर लौटूंगा...’ सिर से बहता रहा खून, घायल प्रदर्शनकारी पुलिस को देता रहा चुनौती
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबा मकान; एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबा मकान; एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत
'सरकार को इस तरह नहीं झुका सकते', NEET विवाद और राम मंदिर चंदा मुद्दे पर विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत
'सरकार को इस तरह नहीं झुका सकते', NEET विवाद और राम मंदिर चंदा मुद्दे पर विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत
कानपुर पहुंचीं किरण बेदी, भाजपा से चुनाव लड़ने को बताया अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल
कानपुर पहुंचीं किरण बेदी, भाजपा से चुनाव लड़ने को बताया अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल
लॉर्ड्स में IND vs ENG मुकाबला देखने पहुंचे अक्षय कुमार, व्हाइट बीयर्ड लुक ने सोशल मीडिया पर बटोरी सुर्खियां
लॉर्ड्स में IND vs ENG मुकाबला देखने पहुंचे अक्षय कुमार, व्हाइट बीयर्ड लुक ने सोशल मीडिया पर बटोरी सुर्खियां
रोहित-कोहली ने जीत के लिए झोंक दी ताकत, लेकिन गिल के फैसलों ने पलट दिया मैच
रोहित-कोहली ने जीत के लिए झोंक दी ताकत, लेकिन गिल के फैसलों ने पलट दिया मैच
मुंबई में भीषण सड़क हादसा, मानखुर्द में डिवाइडर से भिड़ी BEST बस; एक की मौत, चालक-परिचालक घायल
मुंबई में भीषण सड़क हादसा, मानखुर्द में डिवाइडर से भिड़ी BEST बस; एक की मौत, चालक-परिचालक घायल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: डॉ. अनिल मिश्रा पर भी कस सकता है शिकंजा, जांच में मिले अहम सबूत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: डॉ. अनिल मिश्रा पर भी कस सकता है शिकंजा, जांच में मिले अहम सबूत
मानसून में पेट की परेशानियों से रहना है दूर, तो अपनी डाइट में जरूर शामिल करें ये हेल्दी फूड्स
मानसून में पेट की परेशानियों से रहना है दूर, तो अपनी डाइट में जरूर शामिल करें ये हेल्दी फूड्स