न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

द्रोणागिरी गांव : जहाँ के ग्रामीण नहीं करते हनुमान जी की पूजा

उत्तराखंड देवताओं की भूमि कही जाती है। लेकिन यहां एक ऐसा गांव भी है जहां हनुमान जी की पूजा नहीं की जाती है। यह गांव चमोली जनपद में समुद्र तल से करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है

Posts by : Anuj | Updated on: Wed, 31 July 2024 1:04:55

द्रोणागिरी गांव : जहाँ के ग्रामीण नहीं करते हनुमान जी की पूजा

उत्तराखंड देवताओं की भूमि कही जाती है। लेकिन यहां एक ऐसा गांव भी है जहां हनुमान जी की पूजा नहीं की जाती है। यह गांव चमोली जनपद में समुद्र तल से करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। जी हां हम बात कर रहे हैं चमोली जिले के जोशीमठ से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित द्रोणागिरि गांव की। यहां के ग्रामीण आज भी रामभक्त हनुमान से नाराज हैं। इसलिए इस गांव में बजरंग बली हनुमान की पूजा नहीं की जाती है बल्कि गांव के समीप स्थित द्रोणागिरि पर्वत को देवता के रूप में पूजते हैं। इस गांव में कहीं भी दूर-दूर तक हनुमान जी का मंदिर देखने को नहीं मिलेगा। हनुमानजी जहां-जहां गए, वो जगह बड़े तीर्थ स्थल के लिए मशहूर हो गई, लेकिन इसके विपरीत भारत में एक ऐसी जगह भी है, जहां हनुमान जी की पूजा करना पाप माना जाता है। आप भी ये सुनकर चौक गए होंगे लेकिन ये सच है, उत्तराखंड के इस गांव में लोग अगर हनुमान जी पूजा करते भी पाए जाते हैं, तो उन्हें बिरादरी से बेदखल भी कर दिया जाता है। हां तक कि इस गांव में लाल रंग का झंडा लगाने पर पाबंदी है।

dronagiri village,dronagiri village hanuman,no hanuman worship village,dronagiri village bihar,unique village traditions bihar,dronagiri village story,hanuman worship dronagiri,bihar tourism dronagiri,visit dronagiri village,cultural traditions bihar

यह है कारण

ग्रामीण गांव के समीप स्थित द्रोणागिरि पर्वत को पर्वत देवता के रूप में पूजते हैं। कहा जाता है कि त्रेता युग में राम-रावण युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे, तो सुषेण वैद्य के कहने पर हनुमान संजीवनी बूटी लेने के लिए द्रोणागिरि गांव आए थे। संजीवनी बूटी की पहचान ना होने के कारण वे द्रोणागिरि पर्वत के एक बड़े हिस्से को ही उठा कर ले गए थे। तब से ग्रामीण हनुमान जी से नाराज हैं।

शबरी के जूठे बेर की गुठलियों से बनी थी संजीवनी बूटी

धार्मिक मान्यताओं के जानकर प्रतीक मिश्र पुरी बताते हैं कि धार्मिक कहानी में कई जगह जिक्र है कि संजीवनी बूटी शबरी के जूठे बेर की गुठलियों से बनाई गई थी। द्रोणागिरी के लोगों का हनुमान से खफा होना इसलिए भी जायज है क्योंकि अगर आज यहां पर द्रोणागिरी पर्वत पूरी तरह से होता, तो शायद गांव में और संपन्नता रहती।

dronagiri village,dronagiri village hanuman,no hanuman worship village,dronagiri village bihar,unique village traditions bihar,dronagiri village story,hanuman worship dronagiri,bihar tourism dronagiri,visit dronagiri village,cultural traditions bihar

द्रोणागिरी में पड़े थे श्री राम के चरण

पौराणिक मान्यता है कि द्रोणागिरी गांव में जिस स्थान पर भगवान श्री राम आए थे, उसे आज राम पाताल के नाम से जाना जाता है। द्रोणागिरी गांव में प्रभु राम सभी के आराध्य हैं। राम पाताल इलाके की पूरी भूमि को द्रोणागिरी गांव के लोग मंदिर की तरह पूजते हैं, इसलिए यहां भी गांव के लोगों ने तय किया है कि अयोध्या में जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी, तब गांव के हर घर में भगवान श्री राम की पूजा होगी।

पूजा में महिलाओं का दिया कुछ क्यों नहीं खाते लोग

द्रोणागिरी पर्वत की विशेष पूजा हर साल जून में की जाती है। पूजा में गांव वालों के अलावा दूसरे राज्योंम में जाकर बस गए स्था नीय लोग भी शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। इस पूजा में महिलाओं के हाथ का दिया हुआ कुछ भी इस्ते माल नहीं किया जाता है। कहा जाता है कि संजीवनी बूटी लेने के लिए जब हनुमान जी यहां पहुंचे तो उन्हें एक बूढ़ी महिला दिखाई दी थी। उन्होंने उस महिला से संजीवनी बूटी की जगह पूछी तो उसने द्रोणागिरि पर्वत की तरफ इशारा कर दिया था। हनुमान जी संजीवनी बूटी की पहचान नहीं कर पाए और पर्वत के बड़े हिस्से को ही उठा ले गए। ये बात पता चलने के बाद गांव वालों ने वृद्ध महिला का बहिष्कार कर दिया। आज भी इस गांव के लोग पर्वत देव की विशेष पूजा पर महिलाओं के हाथ का दिया कुछ भी नहीं खाते हैं।

द्रोणागिरी के लिए ट्रैकिंग

हनुमान जी की पूजा न करने वाली ये जगह अपनी द्रोणागिरी ट्रैक के लिए भी फेमस है। इस ट्रैक को करने के लिए हर साल कई लोग यहां आकर्षित होते हैं। धार्मिक मूल्यों के साथ घाटी के इस खूबसूरत ट्रैक को आपको भी करना चाहिए। जुम्मा-द्रोणागिरी ट्रैक 15 किमी का फेमस ट्रैक है। यह ट्रेक आपको दाहुली गंगा के किनारे ले जाएगा, ट्रेक शुरू करने के बाद, आपको धौली गंगा नदी पर बने सस्पेंशन ब्रिज को पार करना होगा। अगर आप इस अनोखी जगह को देखना चाहते हैं तो इस जगह को अपने उत्तराखंड टूरिस्ट प्लेसेस में जरूर शामिल करें। दूनागिरी देवी मंदिर भी यहीं स्थित है।

कैसे पहुंचें द्रोणागिरी

द्रोणागिरी दिल्ली से लगभग 400 किमी दूर है। सड़क मार्ग से पर्यटक वाहनों में जुम्मा नाम की जगह तक जा सकते हैं जो धौली गंगा नदी के तट पर है। जुम्मा से ये ट्रैक आपको द्रोणागिरी तक ले जाएगा।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिकी मिसाइल हमलों के बीच ईरान में कांपी धरती, 4.3 तीव्रता का भूकंप
अमेरिकी मिसाइल हमलों के बीच ईरान में कांपी धरती, 4.3 तीव्रता का भूकंप
कब्रों की चुप्पी में बसी दर्द की गूँज: ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, गाजा का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने शेयर की तस्वीर
कब्रों की चुप्पी में बसी दर्द की गूँज: ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, गाजा का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने शेयर की तस्वीर
‘खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है’, सोनिया गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
‘खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है’, सोनिया गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
मिडिल ईस्ट तनाव का असर, दिल्ली एयरपोर्ट से आज रद्द हुई 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
मिडिल ईस्ट तनाव का असर, दिल्ली एयरपोर्ट से आज रद्द हुई 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
725 क्रेडिट स्कोर: जानिए यह अच्छा है या बुरा? क्या आपको मिल सकेगा लोन, जरुरी जानकारी
725 क्रेडिट स्कोर: जानिए यह अच्छा है या बुरा? क्या आपको मिल सकेगा लोन, जरुरी जानकारी
करण औजला की दरियादिली, मुंबई में ऑटो चालकों का भरा बकाया चालान, फैंस ने की जमकर तारीफ
करण औजला की दरियादिली, मुंबई में ऑटो चालकों का भरा बकाया चालान, फैंस ने की जमकर तारीफ
युद्ध के तनाव के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए राहत, आज स्पाइसजेट के 4 विशेष विमान करेंगे स्वदेश वापसी
युद्ध के तनाव के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए राहत, आज स्पाइसजेट के 4 विशेष विमान करेंगे स्वदेश वापसी
मंडे टेस्ट में कितना खरा उतरी ‘द केरल स्टोरी 2’? जानिए चार दिन की कुल कमाई
मंडे टेस्ट में कितना खरा उतरी ‘द केरल स्टोरी 2’? जानिए चार दिन की कुल कमाई
होली पर कहीं नकली मावा तो नहीं खरीद रहे? इन आसान तरीकों से करें शुद्धता की पहचान
होली पर कहीं नकली मावा तो नहीं खरीद रहे? इन आसान तरीकों से करें शुद्धता की पहचान
80W फास्ट चार्जिंग वाले OnePlus फोन की कीमत में बड़ी गिरावट, पूरे 10,000 रुपये तक हुआ सस्ता
80W फास्ट चार्जिंग वाले OnePlus फोन की कीमत में बड़ी गिरावट, पूरे 10,000 रुपये तक हुआ सस्ता
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन अटैक के बाद ट्रंप का बदला रुख, बोले– 'जमीन पर तैनात सैनिकों की जरूरत नहीं'
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन अटैक के बाद ट्रंप का बदला रुख, बोले– 'जमीन पर तैनात सैनिकों की जरूरत नहीं'
क्या एलोवेरा जेल से होली का रंग आसानी से हटाया जा सकता हैं? जानिए इस्तेमाल का सही तरीका
क्या एलोवेरा जेल से होली का रंग आसानी से हटाया जा सकता हैं? जानिए इस्तेमाल का सही तरीका
नथिंग फोन 4ए सीरीज के लॉन्च से से पहले लीक हुई इंडिया प्राइस, इस बार प्रीमियम मिड-रेंज में हो सकती एंट्री
नथिंग फोन 4ए सीरीज के लॉन्च से से पहले लीक हुई इंडिया प्राइस, इस बार प्रीमियम मिड-रेंज में हो सकती एंट्री
दोस्ती का कत्ल: लूट के लिए चार लोगों ने युवक की हत्या की, फिर शव को काटा, वृंदावन के पास यमुना में फेंका
दोस्ती का कत्ल: लूट के लिए चार लोगों ने युवक की हत्या की, फिर शव को काटा, वृंदावन के पास यमुना में फेंका