गुणों का भंडार है अश्वगंधा, सिर से लेकर पैर तक दूर करे ये रोग

By: Nupur Sun, 02 May 2021 6:17 PM

गुणों का भंडार है अश्वगंधा, सिर से लेकर पैर तक दूर करे ये रोग

अलग-अलग देशों में अश्वगंधा कई प्रकार की होती है, लेकिन असली अश्वगंधा की पहचान करने के लिए इसके पौधों को मसलने पर घोड़े के पेशाब जैसी गंध आती है। अश्वगंधा की ताजी जड़ में यह गंध अधिक तेज होती है। वन में पाए जाने वाले पौधों की तुलना में खेती के माध्यम से उगाई जाने वाली अश्वगंधा की गुणवत्ता अच्छी होती है। तेल निकालने के लिए वनों में पाया जाने वाला अश्वगंधा का पौधा ही अच्छा माना जाता है।

सफेद बाल की समस्या में अश्वगंधा के फायदे


2-4 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करें। अश्वगंधा के फायदे की वजह से समय से पहले बालों के सफेद होने की समस्या ठीक होती है।


health benefits of ashwagandha,ashwagandha,grey hair,arthritis,eye sight,constipation,health news in hindi ,अश्वगंधा, अश्वगंधा के फायदे, अश्वगंधा औषधी, अश्वगंधा चूर्ण, हिन्दी में स्वास्थ्य संबंधी समाचार

आंखों की ज्योति बढ़ाए अश्वगंधा

2 ग्राम अश्वगंधा, 2 ग्राम आंवला और 1 ग्राम मुलेठी को आपस में मिलाकर, पीसकर अश्वगंधा चूर्ण तैयार कर लें। एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को सुबह और शाम पानी के साथ सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। अश्वगंधा के कारण आँखों को आराम मिलता है।

गले के रोग (गलगंड) में अश्वगंधा के पत्ते के फायदे

अश्वगंधा के औषधीय गुणों की वजह से यह गले के रोग में लाभकारी सिद्ध होता है। अश्वगंधा पाउडर तथा पुराने गुड़ को बराबर मात्रा में मिलाकर 1/2-1 ग्राम की वटी बना लें। इसे सुबह-सुबह बासी जल के साथ सेवन करें। अश्वगंधा के पत्ते का पेस्ट तैयार करें। इसका गण्डमाला पर लेप करें। इससे गलगंड में लाभ होता है।

health benefits of ashwagandha,ashwagandha,grey hair,arthritis,eye sight,constipation,health news in hindi ,अश्वगंधा, अश्वगंधा के फायदे, अश्वगंधा औषधी, अश्वगंधा चूर्ण, हिन्दी में स्वास्थ्य संबंधी समाचार

टीबी रोग में अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग

अश्वगंधा चूर्ण की 2 ग्राम मात्रा को अश्वगंधा के ही 20 मिलीग्राम काढ़े के साथ सेवन करें। इससे टीबी में लाभ होता है। अश्वगंधा की जड़ से चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की 2 ग्राम मात्रा लें और इसमें 1 ग्राम बड़ी पीपल का चूर्ण, 5 ग्राम घी और 5 ग्राम शहद मिला लें। इसका सेवन करने से टीबी (क्षय रोग) में लाभ होता है।

अश्वगंधा के इस्तेमाल से खांसी का इलाज

अश्वगंधा की 10 ग्राम जड़ों को कूट लें। इसमें 10 ग्राम मिश्री मिलाकर 400 मिलीग्राम पानी में पकाएं। जब इसका आठवां हिस्सा रह जाए तो आंच बंद कर दें। इसे थोड़ा-थोड़ा पिलाने से कुकुर खांसी या वात से होने वाले कफ की समस्या में विशेष लाभ होता है।

अश्वगंधा के पत्तों से तैयार 40 मिलीग्राम गाढ़ा काढ़ा लें। इसमें 20 ग्राम बहेड़े का चूर्ण, 10 ग्राम कत्था चूर्ण, 5 ग्राम काली मिर्च तथा ढाई ग्राम सैंधा नमक मिला लें। इसकी 500 मिलीग्राम की गोलियां बना लें। इन गोलियों को चूसने से सब प्रकार की खांसी दूर होती है। टीबी के कारण से होने वाली खांसी में भी यह विशेष लाभदायक है। अश्वगंधा खांसी से आराम दिलाने में उपचारस्वरुप काम करता है।

छाती के दर्द में अश्वगंधा के लाभ

अश्वगंधा की जड़ का चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा का जल के साथ सेवन करें। इससे सीने के दर्द में लाभ होता है।

health benefits of ashwagandha,ashwagandha,grey hair,arthritis,eye sight,constipation,health news in hindi ,अश्वगंधा, अश्वगंधा के फायदे, अश्वगंधा औषधी, अश्वगंधा चूर्ण, हिन्दी में स्वास्थ्य संबंधी समाचार

पेट की बीमारी में अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे आप पेट के रोग में भी ले सकते हैं। पेट की बीमारी में आप अश्वगंधा चूर्ण का प्रयोग कर सकते हैं। अश्वगंधा चूर्ण में बराबर मात्रा में बहेड़ा चूर्ण मिला लें। इसे 2-4 ग्राम की मात्रा में गुड़ के साथ सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म होते हैं।

अश्वगंधा चूर्ण में बराबर भाग में गिलोय का चूर्ण मिला लें। इसे 5-10 ग्राम शहद के साथ नियमित सेवन करें। इससे पेट के कीड़ों का उपचार होता है।

अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग से कब्ज की समस्या का इलाज

अश्वगंधा चूर्ण या अश्वगंधा पाउडर की 2 ग्राम मात्रा को गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से कब्ज की परेशानी से छुटकारा मिलता है।

health benefits of ashwagandha,ashwagandha,grey hair,arthritis,eye sight,constipation,health news in hindi ,अश्वगंधा, अश्वगंधा के फायदे, अश्वगंधा औषधी, अश्वगंधा चूर्ण, हिन्दी में स्वास्थ्य संबंधी समाचार

गर्भधारण करने में अश्वगंधा के प्रयोग से लाभ

- 20 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को एक लीटर पानी तथा 250 मिलीग्राम गाय के दूध में मिला लें। इसे कम आंच पर पकाएं। जब इसमें केवल दूध बचा रह जाय तब इसमें 6 ग्राम मिश्री और 6 ग्राम गाय का घी मिला लें। इस व्यंजन का मासिक धर्म के शुद्धिस्नान के तीन दिन बाद, तीन दिन तक सेवन करने से यह गर्भधारण में सहायक होता है।

- अश्वगंधा चूर्ण के फायदे गर्भधारण की समस्या में भी मिलते हैं। अश्वगंधा पाउडर को गाय के घी में मिला लें। मासिक-धर्म स्नान के बाद हर दिन गाय के दूध के साथ या ताजे पानी से 4-6 ग्राम की मात्रा में इसका सेवन लगातार एक माह तक करें। यह गर्भधारण में सहायक होता है।

- अश्वगंधा और सफेद कटेरी की जड़ लें। इन दोनों के 10-10 मिलीग्राम रस का पहले महीने से पांच महीने तक की गर्भवती स्त्रियों को सेवन करने से अकाल में गर्भपात नहीं होता है।

ल्यूकेमिया के इलाज में अश्वगंधा से फायदा

2-4 ग्राम अश्वगंधा की जड़ के चूर्ण में मिश्री मिला लें। इसे गाय के दूध के साथ सुबह और शाम सेवन करने से ल्यूकेमिया में लाभ होता है। अश्वगंधा, तिल, उड़द, गुड़ तथा घी को समान मात्रा में लें। इसे लड्डू बनाकर खिलाने से भी ल्यूकेमिया में फायदा होता है।

health benefits of ashwagandha,ashwagandha,grey hair,arthritis,eye sight,constipation,health news in hindi ,अश्वगंधा, अश्वगंधा के फायदे, अश्वगंधा औषधी, अश्वगंधा चूर्ण, हिन्दी में स्वास्थ्य संबंधी समाचार

अश्वगंधा का गुम गठिया के इलाज के लिए फायदेमंद

- 2 ग्राम अश्वगंधा पाउडर को सुबह और शाम गर्म दूध या पानी या फिर गाय के घी या शक्कर के साथ खाने से गठिया में फायदा होता है। इससे कमर दर्द और नींद न आने की समस्या में भी लाभ होता है।

- अश्वगंधा के 30 ग्राम ताजा पत्तों को, 250 मिलीग्राम पानी में उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए तो छानकर पी लें। एक सप्ताह तक पीने से कफ से होने वाले वात तथा गठिया रोग में विशेष लाभ होता है। इसका लेप भी लाभदायक है।

चोट लगने पर करें अश्वगंधा का सेवन

अश्वगंधा पाउडर में गुड़ या घी मिला लें। इसे दूध के साथ सेवन करने से शस्त्र की चोट से होने वाले दर्द में आराम मिलता है।

Tags :

Home | About | Contact | Disclaimer| Privacy Policy

| | |

Copyright © 2021 lifeberrys.com