
उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में राम मंदिर अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसे लेकर 25 नवंबर को भव्य समारोह के साथ मंदिर पर धर्मध्वजा फहराई जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन को धन्यवाद देते हुए प्रदेशवासियों को पत्र लिखा है, जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया।
सीएम योगी ने अपने पत्र में प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मिलकर अयोध्या और पूरे उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान दें और नव-उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प लें।
सीएम योगी के पत्र से कुछ प्रमुख अंश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा:
"मेरे प्रिय प्रदेशवासियों,
25 नवंबर, 2025 (मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत् 2082) का दिन अयोध्या के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। धर्मध्वजा की स्थापना से अयोध्या वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरेगी। श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह अनुष्ठान केवल अतीत की पुनरावृत्ति नहीं है, बल्कि एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में किए जा रहे प्रत्येक कार्य में प्रभु श्रीराम के जीवन मूल्यों का प्रभाव दिखाई देता है। अयोध्या की महिमा को पुनः स्थापित करने में असंख्य संतों, रामभक्तों और वीरों का योगदान है।
अयोध्या विजन 2047 का लक्ष्य आज तेजी से आकार ले रहा है। नई कनेक्टिविटी, आधुनिक आधारभूत संरचना, पर्यटन विकास, स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी जैसे प्रयास अयोध्या को एक सस्टेनेबल, समावेशी और आधुनिक शहर के रूप में स्थापित कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए श्रीरामधाम तक पहुंच पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हो गई है। अयोध्या अब विश्व मानचित्र पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में चमक रही है। मेरा यह विश्वास है कि धर्मध्वजा की स्थापना प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग लेकर आएगी। आइए, हम सब मिलकर राष्ट्रवाद के आदर्शों से प्रेरित होकर नव-उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।"
धर्मध्वजा स्थापना समारोह में होंगे प्रधानमंत्री मोदी
सूत्रों के अनुसार, धर्मध्वजा स्थापना समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई राजनीतिक और धर्म-आध्यात्मिक हस्तियां भी मौजूद रहेंगी। पीएम मोदी स्वयं श्रीराम मंदिर के शिखर पर पूजित धर्मध्वजा फहराएंगे।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से अयोध्या का वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाएगा, और यह नगरी आधुनिक विकास और धार्मिक गौरव का संगम प्रस्तुत करेगी।














