
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में अपराध में हुई कमी को लेकर हाल ही में जानकारी साझा की। सीएम ने बताया कि वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में कुल अपराधों में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसी अवधि में हत्या के मामलों में 25 प्रतिशत, लूट के मामलों में 50 प्रतिशत, महिला अत्याचार के मामलों में 10 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के खिलाफ अपराधों में 28 प्रतिशत कमी आई है।
सख्त कार्रवाई और संगठित अपराधों पर निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में संगठित अपराधों, गैंगस्टर गतिविधियों और अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराधियों के महिमामंडन और आपराधिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग से अपराध नियंत्रण में मदद मिली है। इस रणनीति का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।
अपराध छुपाना अब आसान नहीं
भजनलाल शर्मा ने कहा कि नए आपराधिक न्याय कानूनों के लागू होने से अपराधियों के लिए कानून से बचना मुश्किल हो गया है। गंभीर मामलों में एफएसएल आधारित जांच, ई-एफआईआर और डिजिटल चार्जशीट जैसे उपायों के कारण अपराध छुपाना और आरोपों से बचना अब संभव नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि समयबद्ध न्याय और त्वरित जांच ने अपराधियों पर दबाव बढ़ाया है।
निवेश और आमजन की सुरक्षा पर सकारात्मक असर
सीएम ने बताया कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक असर आम नागरिकों के विश्वास और निवेश के माहौल पर पड़ा है। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश में निवेश का सुरक्षित माहौल बना है और अपराधियों के लिए राजस्थान अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं रहा।
पुलिस आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण पर जोर
राज्य सरकार ने पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण, साइबर अपराध नियंत्रण और प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी है। सीएम ने कहा कि अपराध नियंत्रण की यह मुहिम लगातार सख्ती के साथ जारी रहेगी, ताकि राजस्थान में शांति, सुरक्षा और कानून का राज कायम रहे।














