महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने दो जोड़ी विशेष ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें जोगबनी से टूंडला के बीच संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को प्रयागराज पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, रेलवे ने माघी पूर्णिमा के अवसर पर चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों को 21 फरवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
स्पेशल ट्रेनों का टाइम टेबल
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रमुख कपिंजल किशोर शर्मा ने ट्रेनों की विस्तृत जानकारी साझा की है:
ट्रेन संख्या 05718 (जोगबनी-टूंडला) – यह ट्रेन शुक्रवार को जोगबनी से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7 बजे टूंडला पहुंचेगी।
ट्रेन संख्या 05717 (टूंडला-जोगबनी) – यह ट्रेन 16 फरवरी (रविवार) को टूंडला से रात 9:40 बजे प्रस्थान करेगी और मंगलवार दोपहर 2:20 बजे जोगबनी पहुंचेगी।
ट्रेन संख्या 05720 (जोगबनी-टूंडला) – यह ट्रेन 15 फरवरी (शनिवार) को शाम 6:40 बजे जोगबनी से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7 बजे टूंडला पहुंचेगी।
ट्रेन संख्या 05719 (टूंडला-जोगबनी) – यह ट्रेन 17 फरवरी (सोमवार) को टूंडला से रात 9:40 बजे प्रस्थान करेगी और बुधवार दोपहर 2:20 बजे जोगबनी पहुंचेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये ट्रेनें श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चलाई जा रही हैं। ये ट्रेनें फारबिसगंज, अररिया कोर्ट, कटिहार, खगड़िया, बरौनी जंक्शन, पाटलिपुत्र, आरा, दीन दयाल उपाध्याय, प्रयागराज और इटावा जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी, जिससे यात्रियों को प्रयागराज आने-जाने में आसानी होगी।
स्पेशल ट्रेन
रंगापाड़ा नॉर्थ से टूंडला तक स्पेशल ट्रेन
ट्रेन संख्या 05841 – यह विशेष ट्रेन रंगापाड़ा नॉर्थ से टूंडला के बीच एकतरफा चलाई जाएगी। यह ट्रेन 15 फरवरी को शाम 5:30 बजे रंगापाड़ा नॉर्थ से प्रस्थान करेगी और 17 फरवरी को सुबह 6:30 बजे टूंडला पहुंचेगी।
माघी पूर्णिमा के लिए विशेष ट्रेनें
रेलवे ने माघी पूर्णिमा के दौरान चलने वाली विशेष ट्रेनों का संचालन 21 फरवरी तक जारी रखने का फैसला किया है।
ट्रेन संख्या 07540 (कटिहार-मनिहारी) – यह ट्रेन रात 8:30 बजे कटिहार से रवाना होगी और रात 9:30 बजे मनिहारी पहुंचेगी।
ट्रेन संख्या 07539 (मनिहारी-कटिहार) – यह ट्रेन सुबह 5:00 बजे मनिहारी से प्रस्थान करेगी और सुबह 6:00 बजे कटिहार पहुंचेगी।
ये ट्रेनें मानशाही, खुर्रमपुर और बाघमारा हाल्ट स्टेशनों पर ठहराव लेंगी। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन ट्रेनों को बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि श्रद्धालु आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।