3 जनवरी से 15-18 साल के उम्र वालों को लगेगी कोरोना वैक्सीन, 10 जनवरी से बुजुर्गों, फ्रंटलाइन वर्कर्स को दी जाएगी बूस्टर डोज

By: Pinki Sun, 26 Dec 2021 09:25 AM

3 जनवरी से 15-18 साल के उम्र वालों को लगेगी कोरोना वैक्सीन, 10 जनवरी से बुजुर्गों, फ्रंटलाइन वर्कर्स को दी जाएगी बूस्टर डोज

पूरे देश में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी बीच एक राहत देने वाली खबर आई है। देश में 15-18 साल तक की उम्र वाले करीब 8 करोड़ बच्चों को 3 जनवरी से कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगाई जाएगी। इसके अलावा 10 जनवरी से हेल्थ वर्कर्स समेत करीब 3 करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने संबोधन में इस बात की घोषणा की।

पीएम ने कहा कि 60+ उम्र वाले कॉ-मॉरबिडिटी (गंभीर बीमारी से पीड़ित) वाले नागरिकों को भी उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की 'Precaution Dose' का विकल्प दिया जाएगा। इसकी भी शुरुआत 10 जनवरी से ही की जाएगी।

साथ ही PM मोदी ने ये भी कहा कि जल्द ही देश में नेजल वैक्सीन और दुनिया की पहली DNA वैक्सीन लगाना भी शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि पीएम मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से कोरोना महामारी से बचाव के सभी उपायों का पालन करने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि महामारी को हराने के लिए मास्क पहनने जैसे उपायों को अपनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, हम साल के अंतिम सप्ताह में हैं। 2022 आने ही वाला है। आप सभी 2022 के स्वागत की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन उत्साह और उमंग के साथ ही ये समय सचेत रहने का भी है। आज दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है। भारत में भी कई लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हैं। अपील है कि पैनिक न करें, लेकिन सावधान रहें। मास्क का उपयोग करें। साथ ही हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर बाद धुलना हमें भूलना नहीं है।

इसके बाद पीएम मोदी ने कोरोना की किसी भी लहर से निपटने के लिए तैयारियों के प्रति देशवासियों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा, 'देश में इस समय 18 लाख आइसोलेशन बेड और 5 लाख ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड तैयार हैं। इसके अलावा 1 लाख 40 हजार आईसीयू बेड हैं। 90 हजार बेड बच्चों के लिए भी हैं। 3000 ऑक्सीजन प्लांट भी काम कर रहे हैं। राज्यों को दवाओं का बफर स्टॉक तैयार करने में मदद दी जा रही है।'

उन्होंने कहा, 'कोरोना महामारी से लड़ाई का अब तक का अनुभव यही बताता है कि वैक्सीनेशन से बचाव हो रहा है। हमारे यहां भी इसे लेकर व्यापक पैमाने पर काम करना शुरू कर दिया गया था। इन तैयारियों का ही नतीजा था कि हमने जल्द ही वैक्सीनेशन शुरू कर दिया था।'

उन्होंने कहा, 'अब तक 141 करोड़ वैक्सीन डोज के बेहद मुश्किल और अभूतपूर्व टारगेट को पूरा कर चुका है। 61% व्यस्क को दोनों डोज लग चुकी है। 90% व्यस्कों को पहली डोज लग चुकी है। हमने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कैंपेन सफलता से चलाया है। आज देश के सुदुर गांवों में शतप्रतिशत वैक्सीनेशन की खबरें आती हैं तो गर्व की अनुभूति होती है।'

पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे देश में जल्दी ही नेजल वैक्सीन और दुनिया की पहली DNA वैक्सीन भी शुरू होगी। हमारे वैज्ञानिकों ने बेहद मेहनत से काम किया है। भारत ने अपनी स्थिति के मुताबिक भारतीय वैज्ञानिकों की सलाह से ही फैसले लिए हैं और इसके परिणाम भी मिले हैं।'

विश्व में कोरोना को लेकर अनुमान अलग-अलग हैं। लेकिन कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई शुरू से ही वैज्ञानिक सिद्धांतों, वैज्ञानिक पद्धतियों पर आधारित रही है और इसके लाभ भी महसूस किए जा रहे हैं। पिछले 11 महीने में देश ने इसके लाभ महसूस किए हैं। दुनिया के कई देशों के मुकाबले हमारे यहां आर्थिक गतिविधियां चल रही हैं। लेकिन हमें भूलना नहीं चाहिए कि कोरोना अभी गया नहीं है।

'R नंबर' 1 के पार

आपको बता दे, कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) को लेकर हर रोज़ डराने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। भारत में ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है। लेकिन कहा जा रहा है कि ये संख्या और ज्यादा हो सकती है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कोरोना के ताजा आंकड़े दिखा रहे हैं कि देश में ‘R नंबर यानी रिप्रोडक्शन में इज़ाफा हो रहा है। ये वो फैक्टर है, जिससे पता चलता है कि कोरोना कितनी तेज़ी से फैल रहा है। यानी एक आदमी औसतन कितने लोगों को संक्रमित कर रहा है। कई राज्यों में R नंबर एक के पार पहुंच गया है। यानी इससे ये संकेत मिल रहे हैं कि मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। पिछले एक हफ्ते के आंकड़े इस बात के संकेत दे रहे हैं कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। खासकर दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में इज़ाफा देखा जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और पुणे जैसे प्रमुख शहरों से भी डराने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं।

अब देश में बच्चों की वैक्सीन की बारी

भारत बायोटेक की तरफ से तैयार की गई बच्चों की कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इमरजेंसी यूज की मंजूरी दे दी है। DGCI की मंजूरी के बाद भारत बायोटेक की वैक्सीन फिलहाल 12 से 18 साल तक के किशोरों को लगाई जा सकेगी। सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने तीसरी लहर की चेतावनी के बाद 12 मई को बच्चों पर कोवैक्सिन के ट्रायल की सिफारिश की थी। इसे मानते हुए DCGI ने ट्रायल की मंजूरी दी थी। भारत बायोटेक ने बच्चों पर कोवैक्सिन का ट्रायल जून में शुरू किया था। बच्चों के लिए बनाई जा रही जायडस कैडिला की नीडल फ्री वैक्सीन ZyCoV-D को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। ZyCoV-D के बाद कोवैक्सिन देश की दूसरी वैक्सीन है, जिसे इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिली है।

आपको बता दे, दुनियाभर के 40 से भी ज्यादा देश अलग-अलग शर्तों के साथ बच्चों को कोरोना वैक्सीन दे रहे हैं। क्यूबा में 2 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही है तो वहीं, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस में 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों का वैक्सीनेशन हो रहा है। अलग-अलग देशों में वैक्सीनेशन अलग-अलग शर्तों के साथ भी हो रहा है। कहीं केवल कोमोरबिडिटी वाले बच्चों को वैक्सीनेट किया जा रहा है, तो कहीं सभी को वैक्सीन लगाई जा रही है।

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन lifeberrys हिंदी की वेबसाइट पर। जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश से जुड़ीNews in Hindi

Home | About | Contact | Disclaimer| Privacy Policy

| | |

Copyright © 2022 lifeberrys.com