न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

राहतभरी खबर! टॉप जीनोम सिक्वेंसर बोले - कोरोना का Delta+ वैरिएंट चिंताजनक, फिर भी इसकी वजह से तीसरी लहर आने के कोई सबूत नहीं

देश के टॉप जीनोम सिक्वेंसर का मानना है कि कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट से तीसरी लहर आने के कोई सबूत नहीं हैं।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Thu, 24 Jun 2021 9:24:56

राहतभरी खबर! टॉप जीनोम सिक्वेंसर बोले - कोरोना का Delta+ वैरिएंट चिंताजनक, फिर भी इसकी वजह से तीसरी लहर आने के कोई सबूत नहीं

देश में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की दूसरी लहर (Second Wave) के बीच तीसर लहर (Third Wave) की आहट सुनाई देने लगी है। दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के 'Delta' वैरिएंट' के कुछ मामले अब भारत में भी पाए जाने रहे हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना का यह खतरनाक वैरिएंट अब 4 राज्‍यों (तमिलनाडु, केरल, महाराष्‍ट्र और मध्‍य प्रदेश) में फैल चुका है। इन राज्‍यों में अब तक इसके कुल 40 मरीज सामने आ चुके है। सूत्रों का कहना है कि यह वैरिएंट लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। कोरोना वायरस का ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट भारत के अलावा, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है। ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट के मामले महाराष्ट्र के रत्नागिरि और जलगांव तथा केरल और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मिले हैं। ऐसे में आशंका लगाई जा रही है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर इसी डेल्टा प्लस वैरिएंट की वजह से आ सकती है। हालाकि, देश के टॉप डॉक्टर्स और जीनोम सिक्वेंसर ने ऐसी आशंकाओं को निराधार ठहराया है।

देश के टॉप जीनोम सिक्वेंसर का मानना है कि कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट से तीसरी लहर आने के कोई सबूत नहीं हैं। द इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (IGIB) के डायरेटर डॉ अनुराग अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि हमें इस बात की चिंता होनी चाहिए कि कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि कोरोना के इस म्यूटेंटेड स्वरूप का तीसरी लहर से कोई लेना-देना नहीं है।

NDTV के मुताबिक, डॉ अग्रवाल ने कहा कि डेल्टा प्लस (Delta Plus) की बजाय हमें यह चिंता करनी चाहिए कि कोरोना की दूसरी लहर को कमजोर करने के दौरान हमारी सतर्कता कम न हो। इस वैरिएंट का फिलहाल कोरोना की तीसरी लहर से कोई संबंध नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि डेल्टा का कोई भी वैरिएंट भारत के लिए चिंता का विषय है, लेकिन हमारी सबसे बड़ी चिंता है कि कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है और इसको लेकर ढिलाई हम पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है कि डेल्टा प्लस डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है या फिर ये वैरिएंट कोरोना की तीसरी बड़ी लहर का कारण बन सकता है।

उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट ने महाराष्ट्र में जून महीने में 3500 से ज्यादा सैंपल की सिक्वेंसिंग की है, जो अप्रैल और मई के हैं। इसमें हम देख सकते हैं कि इसमें डेल्टा प्लस वैरिएंट भी बहुत ज्यादा है, लेकिन यह अभी भी 1% से कम है। जहां कोरोना के ज्यादा मामले मिल रहे थे, वहां भी यह वैरिएंट बहुत ज्यादा नहीं हैं।

वैक्‍सीन और कोविड प्रोटोकॉल मजबूत हथियार

उधर, भारत में कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने लॉकडाउन, वैक्सीनेशन और कोविड प्रोटोकॉल को कोरोना संक्रमण की इस लड़ाई में मजबूत हथियार बताया है।

डॉ गुलेरिया ने कहा, 'यह कहना अभी मुश्किल है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत में कोई समस्या पैदा कर रहा है, लेकिन दुनियाभर में जिस तरह से कोरोना वायरस के डेल्‍ट प्‍लस वैरिएंट बढ़ रहा रहा है उसे देखते हुए हम सुरक्षा नियमों से समझौता नहीं कर सकते हैं। हमें कोरोना वायरस को लेकर दर्ज किए गए उन सभी मामलों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है, जहां इसमें किसी भी तरह की बढ़ोतरी देखी जाती है।'

डॉ गुलेरिया ने कहा, 'हमें अभी से तीसरी लहर से बचने के लिए उपाय करने और सतर्क रहने की जरूरत है। इसके साथ ही हमें उन सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा जो हम अभी तक करते आए हैं। हमें आक्रामक तरीके जांच और उसे ट्रैक करने की जरूरत है, ताकि अधिक-से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा सके।'

फर्क नहीं पड़ता कि देश में कौन का वैरिएंट आया है

एम्स के निदेशक ने कहा कि आज के हालात को देखते हुए हम कह सकते हैं कि इससे किसी भी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता कि देश में कौन का वैरिएंट आया है। जब तक देश के नागरिक कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सही तरीके से करते रहेंगे, तब तक कोरोना के किसी भी संक्रमण से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा, किसी भी वेरिएंट पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन, वैक्सीनेशन और प्रोटोकॉल ये तीन सबसे बेहतर हथियार हैं।

इन राज्यों में मिले डेल्टा प्लस वैरिएंट के मरीज

आपको बता दे, डेल्टा प्लस वैरिएंट के सबसे ज्यादा 21 केस महाराष्ट्र और 6 केस मध्यप्रदेश में दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु में 3-3, कर्नाटक में 2 और पंजाब, आंध्र प्रदेश और जम्मू में एक-एक मामले में इस वैरिएंट की पुष्टि हुई है।

दोनों भारतीय टीके डेल्टा स्वरूप (Delta Variant) के खिलाफ प्रभावी

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि भारत उन दस देशों में से एक है, जहां अब तक ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप मिला है। उन्होंने कहा कि 80 देशों में ‘डेल्टा स्वरूप’ का पता चला है।

भूषण ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के बारे में एक परामर्श जारी किया है कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और केरल को इस मुद्दे पर पहल की शुरुआत करनी चाहिए। अभी संख्या के लिहाज से यह काफी छोटा दिखता है और हम नहीं चाहते कि इसमें वृद्धि हो।

भूषण ने कहा था कि मोटे तौर पर दोनों भारतीय टीके - कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) - डेल्टा स्वरूप (Delta Variant) के खिलाफ प्रभावी हैं, लेकिन वे किस हद तक और किस अनुपात में एंटीबॉडी बना पाते हैं, इसकी जानकारी बहुत जल्द साझा की जाएगी।

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि भारतीय सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने सूचना दी थी कि डेल्टा प्लस स्वरूप (Delta Plus variant) वर्तमान में चिंताजनक स्वरूप (वीओसी) है, जिसमें तेजी से प्रसार, फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी प्रतिक्रिया में संभावित कमी जैसी विशेषताएं हैं।

डेल्टा प्लस के बारे में 4 अहम पॉइंट्स

- डेल्टा वैरिएंट के सभी स्ट्रेन को वैरिएंट ऑफ कंसर्न माना जाएगा। डेल्टा प्लस के बारे में सबसे पहले पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (Public Health England) में 11 जून को एक रिपोर्ट दी थी।

- भारत में 45 हजार से ज्यादा सैंपल की सिक्वेंसिंग हुई, जिनमें से डेल्टा प्लस के 40 मामले पाए गए। हालांकि, इनमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी जा रही है।

- डेल्टा प्लस का भारत में पहला मामला 5 अप्रैल को महाराष्ट्र में लिए गए एक सैंपल में पाया गया।

- दुनियाभर में डेल्टा प्लस के 205 मामले पाए गए हैं, जिसमें से आधे से ज्यादा केस अमेरिका और ब्रिटेन में हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर धंसे हिस्से की मरम्मत पूरी, यातायात बहाल; लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर धंसे हिस्से की मरम्मत पूरी, यातायात बहाल; लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
धर्मेंद्र प्रधान सहित 2 मंत्रियों की छुट्टी संभव; कैबिनेट में एक का हो सकता है प्रमोशन
धर्मेंद्र प्रधान सहित 2 मंत्रियों की छुट्टी संभव; कैबिनेट में एक का हो सकता है प्रमोशन
राम मंदिर चढ़ावा जांच: चंपत राय से छह घंटे तक पूछताछ, SIT की रडार पर आ सकते हैं और लोग
राम मंदिर चढ़ावा जांच: चंपत राय से छह घंटे तक पूछताछ, SIT की रडार पर आ सकते हैं और लोग
सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जमानत पर रोक लगाने से इनकार; सुनवाई में केतन और सिया का भी जिक्र
सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जमानत पर रोक लगाने से इनकार; सुनवाई में केतन और सिया का भी जिक्र
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहली बार RSS का आधिकारिक बयान, कहा- 'यह महापाप है, दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहली बार RSS का आधिकारिक बयान, कहा- 'यह महापाप है, दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा'
मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज, स्मृति ईरानी की वापसी संभव; राजनाथ सिंह और गडकरी को लेकर भी चर्चाएं गर्म
मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज, स्मृति ईरानी की वापसी संभव; राजनाथ सिंह और गडकरी को लेकर भी चर्चाएं गर्म
'मैं सिर्फ 2 रोटी खाता हूं, फिर भी पेट क्यों निकल रहा है?' जानिए असली वजह और कहां हो रही है गलती
'मैं सिर्फ 2 रोटी खाता हूं, फिर भी पेट क्यों निकल रहा है?' जानिए असली वजह और कहां हो रही है गलती
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विनय कटियार का बड़ा दावा, बोले- जेल जा सकते हैं चंपत राय; पीएम मोदी से बातचीत का किया जिक्र
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विनय कटियार का बड़ा दावा, बोले- जेल जा सकते हैं चंपत राय; पीएम मोदी से बातचीत का किया जिक्र
होटल के कमरे में संदिग्ध हालात में मिली 26 वर्षीय रेणुका की लाश, फारूक के साथ किया था रूम बुक
होटल के कमरे में संदिग्ध हालात में मिली 26 वर्षीय रेणुका की लाश, फारूक के साथ किया था रूम बुक
'वेलकम टू द जंगल' का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, 7वें दिन भी की शानदार कमाई
'वेलकम टू द जंगल' का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, 7वें दिन भी की शानदार कमाई
आयुष मंत्रालय की सलाह: मानसून में सुबह की शुरुआत इस आसान ड्रिंक से करें, दिनभर महसूस होगी ताजगी
आयुष मंत्रालय की सलाह: मानसून में सुबह की शुरुआत इस आसान ड्रिंक से करें, दिनभर महसूस होगी ताजगी
'5 जुलाई को हमारी शादी है...', आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग वेडिंग प्लान का किया खुलासा, बताया कैसी होगी सेरेमनी
'5 जुलाई को हमारी शादी है...', आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग वेडिंग प्लान का किया खुलासा, बताया कैसी होगी सेरेमनी
लखनऊ के ATM में दिखा अनोखा नज़ारा, दो लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल
लखनऊ के ATM में दिखा अनोखा नज़ारा, दो लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल
साढ़े पांच साल की नौकरी के बाद अचानक निकाले जाने पर युवती का भावुक वीडियो वायरल, शेयर किया अपना दर्द और संघर्ष
साढ़े पांच साल की नौकरी के बाद अचानक निकाले जाने पर युवती का भावुक वीडियो वायरल, शेयर किया अपना दर्द और संघर्ष