मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है. मंगलवार को 12 हजार 727 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 8 हजार 937 लोग रिकवर हुए और 77 की मौत हो गई। अब तक यहां 4.33 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3.50 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। 4 हजार 713 मरीजों की जान चली गई। 78 हजार 271 मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ ही सरकार ज्यादा सख्त हो गई है। इसे देखते हुए गृह विभाग ने 20 अप्रैल को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसका पालन कराने की जिम्मेदारी कलेक्टरों को दी गई है। गृह विभाग का कहना है, संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सख्ती की जा रही है।
ये है नई गाइडलाइन
- केंद्र सरकार के ऐसे कार्यालय, जो अत्यावश्यक सेवाएं प्रदान नहीं करते, वहां कर्मचारियों की उपस्थिति 10% रहेगी।
- राज्य सरकार के कार्यालय कलेक्टोरेट, पुलिस, आपदा प्रबंधन, फायर, स्वास्थ्य, जेल, राजस्व, पेयजल आपूर्ति, नगरीय प्रशासन, विद्युत प्रदाय, सावर्जनिक परिवहन और कोषालय को छोड़कर सभी में 10% उपस्थिति रहेगी।
- आईटी कंपनियों, बीपीओ अथवा मोबाइल कंपनियों का सपोर्ट स्टॉफ व यूनिट्स को छोड़कर शेष निजी कार्यालय भी 10% की क्षमता से काम करेंगे।
- ऑटो-ई रिक्शा में 2 सवारी, टैक्सी और निजी चार पहिया वाहनों में ड्राइवर व 2 पैंसेंजर को यात्रा करने की अनुमति रहेगी।
- धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, स्पोर्टस व मनोरंजन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।
इन्हें मिली छूट
- बड़ी सब्जी मंडियों को छोटे स्वरूप में शहरों के विभिन्न हिस्सों में बांटे जाने की कार्रवाई की जा सकती है।
- किराना के थोक व्यापारियों द्वारा फुटकर किराना दुकानों में सामग्री सप्लाई निरंतर जारी रहेगी।