न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों पर सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखते ही बनता है।

Posts by : Geeta | Updated on: Tue, 13 Jun 2023 2:11:01

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

भारत के उत्तराखंड राज्य में चमोली जिले में बेहद ही खूबसूरत जगह है "औली" जिसे भारत का मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। यहां की वादियों और पहाड़ देखकर स्विट्जरलैंड जैसा ही अनुभव होता है। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों पर सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखते ही बनता है। भारत का मिनी स्विट्जरलैंड "औली" हर समय एक अलग रंग में खूबसूरती बिखेरता हुआ नजर आता है। इसकी ऊँचाई समुद्र तल से 3,000 मीटर है। यहाँ से कई पर्वत श्रृंखलाएँ दिखती हैं। इसके अलावा यहाँ कई प्रकार की एडवेंचर्स एक्टिविटीज़ भी होती हैं। इसे भारत के सबसे अच्छे स्कीइंग स्थलों में से एक माना जाता है। यहां की सुंदरता को निहारने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। सर्दियों के मौसम में यहां पर खूब बर्फबारी होती हैं। चारों तरफ बर्फ की चादर बिछने के बाद यहां की सुंदरता दस गुना ज्यादा बढ़ जाती है। यहां पर कपास जैसी मुलायम बर्फ पड़ती है। बेशक, औली जाने का सबसे अच्छा समय सर्दियों में है जब आप बर्फ से संबंधित गतिविधियों की पूरी श्रृंखला का आनंद ले सकते हैं। चमोली में स्थित औली को उत्तराखंड का स्वर्ग भी कहा जाता है। इस स्थान से कुदरत की खूबसूरती को करीब से महसूस किया जा सकता है। यहां के खूबसूरत नजारे आकर्षित करने का काम करते हैं।

अपनी व्यस्त जिन्दगी में आप अपने साथी के साथ कुछ खूबसूरत और यादगार पलों को जोड़ना चाहते हैं तो उत्तराखंड का औली अपनी प्राकृतिक छटाओं के बीच आपको इंतजार कर रहा है। वहाँ की पहाडियाँ आपको बुलाती नजर आती हैं।

डालते हैं एक नजर औली में घूमने लायक स्थानों, जिन्हें देखने का मोह आप चाहकर भी छोड़ नहीं पाएंगे।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

स्कीइंग रेस

एफआइएस ने स्कीइंग रेस के लिए औली को अधिकृत किया हुआ है। आपको बता दें यह एकमात्र ऐसा स्थान है जिसे एफआइएस ने स्कीइंग रेस के लिए अधिकृत किया हुआ है। यहां पर स्कीइंग के लिए 1300 मीटर लंबा स्की ट्रैक है।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

स्लीपिंग ब्यूटी

औली के ठीक सामने एक पहाड़ दिखाई देता है जो बर्फ से ढकने के बाद लेटी हुई युवती का आकार ले लेता है। इस खूबसूरत दृश्य को स्लीपिंग ब्यूटी के नाम से जाना जाता है।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

बर्फबारी न होने पर बनाई जाती है बर्फ

दुनिया की सबसे ऊंची कृत्रिम झील औली में स्थित है। साल 2010 में 25 हजार किलोमिटर की क्षमता वाली इस झील का निर्माण किया गया था। जिस समय औली में बर्फबारी नहीं होती है उस समय इस झील के पानी से कृत्रिम बर्फ बनाई जाती है। बर्फ बनाने के लिए यहां पर फ्रांस में निर्मित मशीनें लगाई गई हैं।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे

जोशीमठ से औली को जोड़ने वाला 4.15 किमी लंबा रोपवे एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे है। यह रोपवे दस टॉवरों से होते हुए लोगों को समुद्रतल से दस हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर औली ले जाता है। 22 किमी लंबा यह रोपवे एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे है। इसकी स्पीड देश के बाकी रोप वे से अधिक मानी जाती है। एक बार में केबिन में 25 टूरिस्ट बैठ सकते हैं।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

त्रिशूल पर्वत

समुद्रतल से 23490 फीट ऊपर स्थित त्रिशूल पर्वत, औली का एक प्रमुख आकर्षण है। इस पर्वत का नाम भगवान शिव के त्रिशूल से लिया गया है। एक रहस्यमयी जलाशय, रूपकुंड झील इस पर्वत के नीचे स्थित है।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

सोलधार तपोवन

औली का यह प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर चलने वाले गर्म पानी के फव्वारे देखने लायक होते हैं। लेकिन यहां जाने के लिए पर्यटकों को काफी सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कहा जाता है कि जो पर्यटक मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं, वही इस जगह की सैर आसानी से कर सकते हैं।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

नंदा देवी

भारत का सबसे ऊंचा पर्वत, नंदादेवी 7,817 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है । नंदा देवी भारत के सबसे ऊंचे हिल स्टेशनों में से एक है। चोटी का नाम स्वयं देवी को आशीर्वाद देने के लिए पड़ा है। चोटी को घेरे हुए नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान भी एक ऐसा स्थान है जहां आप वनस्पतियों और जीवों और जैव विविधता को देख सकते हैं।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

आर्टिफिशियल लेक

औली की आर्टिफिशियल लेक एक प्राचीन झील है, जो एक बहुत ही ऊंचाई पर स्थित है और दुनिया की सबसे ऊंची मानव निर्मित झीलों में से एक है। सरकार द्वारा यह झील कम बर्फबारी के महीनों में स्की ढलानों पर कृत्रिम बर्फ उपलब्ध कराने के लिए बनवाई गई थी। इस झील का पानी स्की ढलानों के साथ रखी स्नो गन्स में भरा जाता है।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

जोशीमठ

जोशी मठ औली से 12 किलोमीटर की दूरी पर है। यह बद्रीनाथ और फूलो की घाटी का प्रवेशद्वार माना जाता है। जोशीमठ शहर को ‘ज्योतिर्मठ’ के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि महागुरू आदि शंकराचार्य ने यहीं पर ज्ञान प्राप्त किया था। यहां पर शंकराचार्य का मठ और अमर कल्प वृक्ष भी है। माना जाता है कि यह वृक्ष लगभग 2,500 वर्ष पुराना है।

चिनाब झील

चिनाब झील एक सुंदर झील है जो डांग पर स्थित है। डांग एक छोटा सा गांव है। चिनाब झील को देखने के लिए बहुत ऊंची चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। अगर आप चढ़ाई चढ़ सकते हैं, तो इस जगह पर जरूर जाएं, क्योंकि यहां का मनोरम दृश्य देखने का मौका बार-बार नहीं मिलता।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

वंशीनारायण मंदिर कल्पेश्वर

इस स्थल तक पहुंचने के लिए काफी पैदल चलना पढता है। अगर आप पैदल चलने में समर्थ हैं तो यहां अवश्य जाएं। इस स्थल तक पहुंचने के लिए पहले जोशीमठ से हेलंग चट्टी आना पड़ता है। ये औली से 12 किलोमीटर दूर है। हेलंग चट्टी से 10 किलोमीटर पैदल चलने के बाद कल्पेश्वर की घाटी आती है। वंशीनारायण मंदिर कल्पेश्वर से केवल 2 किलोमीटर दूर है। आपको वंशीनारायण मंदिर में बेहद सुकून मिलेगा।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

छत्रा कुंड

जंगल के बीच में बने छत्रा कुंड सरोवर गुरसौं से एक किलोमीटर की दूरी पर है। यह स्थल घने जंगल के बीच स्थित है। यहां का दर्शनीय सरोवर पर्यटको को काफी ज्यादा पसंद आता है। यहां से प्रकृति के खूबसूरत नज़ारे देखने योग्य होते हैं।

संजीवनी शिखर

औली को औषधीय वनस्पतियों का भंडार भी माना जाता है। इसी कारण इसे संजीवनी शिखर का भी नाम मिला है। कहते हैं कि रामायण काल में जब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेने हिमालय आए तो उन्होंने औली के टीले में रुककर यहां से ही द्रोणागिरि पर्वत को देखा और उन्हें संजीवनी बूटी का दिव्य प्रकाश नजर आया। औली के इसी संजीवनी शिखर पर हनुमानजी का भव्य मंदिर भी है।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

विष्णुप्रयाग

विष्णुप्रयाग उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है और समुद्र तल से 1,372 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस राजसी तट पर आप एक प्रसिद्ध विष्णु मंदिर भी देख सकते हैं जो 1889 में इंदौर की महारानी ने बनवाया था। यहां अलकनंदा और दहलीगंगा की दो सहायक नदियों को एक साथ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। विष्णुप्रयाग वास्तव में उन पांच स्थानों (पंचप्रयाग) में से एक है जहां नदी शक्तिशाली गंगा नदी में बदलने से पहले अपनी बहन सहायक नदियों से मिलती है।

ट्रैकिंग

औली में कुछ बेहतरीन ढलानें हैं जहां आप ट्रेक कर सकते हैं। लगभग 2500 से 3000 मीटर तक की चोटियाँ, औली में ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए अच्छे ट्रैकिंग मार्ग हैं। आप औली से नंदादेवी, कामेत, मन पर्वत, दुनागिरि, और जोशीमठ जैसे हिमालय की चोटियों तक जा सकते हैं। अन्य छोटी ट्रेकिंग रेंज गोर्सन, टाली, कुआरी पास, खुलारा और तपोवन हैं।

भव्य बद्री

यह स्थान घने जंगल के केंद्र में स्थित है। समुद्र तल से 2744 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह स्थल पांच बद्री मंदिरों में से एक है। हिंदू भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह की एक छवि यहां स्थित मंदिर में विराजित है। तपोवन से आगे धौलीगंगा नदी तक जाने वाले सभी मार्ग से पर्यटक ट्रेकिंग मार्ग से इस स्थान तक पहुंच सकते हैं।

स्विट्जरलैंड का अहसास करवाता है चमोली जिले का औली, सुरम्य पहाड़ियों की सुन्दरता मोह लेती है मन

रुद्रप्रयाग

अलकनंदा नदी के पांच ‘प्रयाग’ (संगम) में से एक, रुद्रप्रयाग अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का मिलन बिंदु है। बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों से निकटता के कारण रुद्रप्रयाग एक व्यस्त बिंदु बना हुआ है। पास में कई मंदिर स्थित हैं जैसे रुद्रनाथ मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर और कई अन्य जहां के आपको दर्शन जरूर करने चाहिए।

कब जाएं औली

वैसे तो आप औली साल के 365 दिन जा सकते हैं लेकिन नवंबर से मार्च के बीच का समय सबसे बेस्ट रहेगा। दिसंबर से फरवरी के बीच भारी बर्फबारी की वजह से यहां का वातावरण बहुत ज्यादा ठंडा रहता है तो वहीं मई से नवंबर के बीच का मौसम ठंडा रहता है।

कैसे जाएं औली

वैसे तो आप औली हवाई, रेल और सड़क मार्ग के जरिए भी जा सकते हैं। पर यदि आप सड़क मार्ग के जरिए औली जाते हैं तो आपको जीवनभर याद रहने वाला एक्सपीरियंस होगा क्योंकि सफर के दौरान रास्ते में पड़ने वाली प्राकृतिक खूबसूरती आपकी यात्रा को और भी रोमांचक बना देते हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

  • UPI से पैसे भेजना आसान है, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए PIN का ध्यान रखना जरूरी है।
  • समय-समय पर UPI PIN बदलने से ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा कम होता है।
  • PIN भूलने पर डेबिट कार्ड और OTP से आसानी से रीसेट किया जा सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा प्रशासनिक कदम, 17 वर्षों से अयोध्या में तैनात RMO अर्जुन देव का हुआ तबादला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा प्रशासनिक कदम, 17 वर्षों से अयोध्या में तैनात RMO अर्जुन देव का हुआ तबादला
राम मंदिर जाने से पहले अजय राय को पुलिस ने लिया हिरासत में, देर रात कार्रवाई पर पत्नी ने उठाए सवाल
राम मंदिर जाने से पहले अजय राय को पुलिस ने लिया हिरासत में, देर रात कार्रवाई पर पत्नी ने उठाए सवाल
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर से टकराई डबल डेकर वोल्वो बस; 4 की मौत, कई घायल
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर से टकराई डबल डेकर वोल्वो बस; 4 की मौत, कई घायल
प्रतापगढ़ में प्रेम विवाह बना जानलेवा, युवक की गोली मारकर हत्या; पत्नी के भाई सहित तीन नामजद
प्रतापगढ़ में प्रेम विवाह बना जानलेवा, युवक की गोली मारकर हत्या; पत्नी के भाई सहित तीन नामजद
दिल्ली में आज से शुरू हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता पहले से रखें ये जरूरी जानकारी तैयार
दिल्ली में आज से शुरू हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता पहले से रखें ये जरूरी जानकारी तैयार
'वेलकम टू द जंगल' ने चौथे दिन भी बनाए रखी रफ्तार, बॉक्स ऑफिस पर शानदार पकड़; दुनियाभर में कमाए 106 करोड़
'वेलकम टू द जंगल' ने चौथे दिन भी बनाए रखी रफ्तार, बॉक्स ऑफिस पर शानदार पकड़; दुनियाभर में कमाए 106 करोड़
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर चंपत राय का पहला बयान, बोले- हेराफेरी में नहीं था कोई हाथ; नैतिक जिम्मेदारी जरूर स्वीकार
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर चंपत राय का पहला बयान, बोले- हेराफेरी में नहीं था कोई हाथ; नैतिक जिम्मेदारी जरूर स्वीकार
केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील को लेकर विवाद; आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील को लेकर विवाद; आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
मुहर्रम पॉइजनिंग केस: बदले की आग में फैयाज ने इंदौर से मंगाया 40 किलो जहर, गेस्ट हाउस में भर रहा था कैप्सूल
मुहर्रम पॉइजनिंग केस: बदले की आग में फैयाज ने इंदौर से मंगाया 40 किलो जहर, गेस्ट हाउस में भर रहा था कैप्सूल
राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय से 3 घंटे तक चली पूछताछ, कई सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले
राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय से 3 घंटे तक चली पूछताछ, कई सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले
'पेट्रोल के दाम तुरंत घटाएं', ट्रंप ने तेल कंपनियों को दी सख्त चेतावनी; बोले- अमेरिकी जनता के हित में लें सही फैसला
'पेट्रोल के दाम तुरंत घटाएं', ट्रंप ने तेल कंपनियों को दी सख्त चेतावनी; बोले- अमेरिकी जनता के हित में लें सही फैसला
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बोलीं मायावती, कहा- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई, लेकिन राजनीति से बचें
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बोलीं मायावती, कहा- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई, लेकिन राजनीति से बचें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सभी 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, बार एसोसिएशन ने पैरवी से किया इनकार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सभी 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, बार एसोसिएशन ने पैरवी से किया इनकार
Amarnath Yatra 2026: बारिश और बर्फबारी के बीच अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं? बैग में जरूर रखें ये 15 जरूरी सामान
Amarnath Yatra 2026: बारिश और बर्फबारी के बीच अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं? बैग में जरूर रखें ये 15 जरूरी सामान