न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

सर्दियों में अगर घूमने का मन बना रहे है और एक ऐसी जगह की तलाश है जहां बर्फ़बारी का नजारा देखने को मिल सकें तो आप हिमाचल प्रदेश में स्थित मैक्लोडगंज का ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Fri, 20 Oct 2023 11:16:14

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

सर्दियों में अगर घूमने का मन बना रहे है और एक ऐसी जगह की तलाश है जहां बर्फ़बारी का नजारा देखने को मिल सकें तो आप हिमाचल प्रदेश में स्थित मैक्लोडगंज का ट्रिप प्लान कर सकते हैं। यह धर्मशाला के पास का एक फेमस हिल स्टेशन है जो शहर के शोर शराबे से दूर हैं। मैक्लोडगंज ट्रैकर्स के बीच लोकप्रिय स्थान है। यहां की संस्कृति कुछ ब्रिटिश प्रभाव के साथ तिब्बती संस्कृति का सुंदर मिश्रण है। मैक्लोडगंज का ट्रिप आपके लिए जिंदगीभर की यादे संजोएगा। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें मैक्लोडगंज में एक्सप्लोर किया जाता हैं। इन जगहों पर जाना अपनेआप में एक नया और अद्भुद अहसास साबित होगा। आइये जानते हैं मैक्लोडगंज की इन जगहों के बारे में...

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

कांगड़ा किला

कांगड़ा किला हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह किला भारत के प्राचीन किलों में से एक है जो भारतीय प्राचीन किलों के नाम से प्रसिद्ध है। इस किले का निर्माण राजपूत परिवार के द्वारा कराया गया था। इसके किलें को देखने के लिए लोग आते हैं तथा सभी लोग बहुत पसंद भी करते हैं। एक बार इस किले को देखने के बाद मन में बहुत खुशी की अनुभव होती है। मैक्लोडगंज में घूमने आने वाले पर्यटक इस किले का भ्रमण करके ही वापस जाते हैं।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

त्रिउंड

त्रिउंड हिमाचल प्रदेश में एक आसान ट्रेक है, जहां से आप खूबसूरत हिमालय को निहार देख सकते हैं। धर्मशाला से कुछ किलोमीटर की दूरी पर 2828 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह ट्रेकिंग के लिए एक आदर्श स्थान है, जहां से पूरी कांगड़ा घाटी के खूबसूरत नज़ारे दिखाई देते हैं। त्रिउंड का ट्रेक छोटा और सरल है। इसे मैक्लोडगंज या धरमकोट से किया जा सकता है, जो मैक्लोडगंज से 2 किमी आगे है। त्रिउंड में शाम का नजारा बेहद ही खूबसूरत लगता है, जहां आप रात के समय कैम्पिंग के दौरान चाँद को देख सकते हैं और सितारों की फोटो खींच सकते हैं।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

भागसू फॉल्स

भागसू फॉल्स मैकलोडगंज के पास का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जो धर्मशाला में स्थित है। यह पर्यटक स्थल हर साल देश भर के उन पर्यटकों को आकर्षित करता है, जो एक प्रकृति प्रेमी हैं। जो भी पर्यटक एक शांति वाली जगह की तलाश कर रहे हैं और प्रकृति के अद्भुद नजारों को देखने चाहते हैं उनके लिए भागसू फॉल्स एक बहुत ही अच्छी जगह है। भागसुन झरना मैकलोडगंज और धर्मशाला को जाने वाली सड़क पर स्थित है। अगर आप अपने परिवार के लोगों या दोस्तों के साथ पिकनिक बनाने के लिए किसी अच्छी जगह की तलाश कर रहे हैं तो भागसू फॉल्स से अच्छी जगह आपके लिए और कोई नहीं हो सकती।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

भागसूनाथ मंदिर और झरना

मंदिर का स्थान प्राचीन दिखने वाले शंकुधारी जंगलों, पहाड़ियों और एक झरने से घिरा हुआ है। लोकप्रिय रूप से भागसूनाथ मंदिर के रूप में भी जाना जाने वाला यह मंदिर स्थानीय गोरखा और हिंदू समुदाय द्वारा अत्यधिक पूजनीय है। माना जाता है कि मंदिर के चारों ओर दो कुंड पवित्र हैं और उन्हें उपचार की चमत्कारी शक्तियां माना जाता है। भव्य मंदिर भी डल झील और कोतवाली बाजार जैसे प्रमुख पर्यटक आकर्षणों से घिरा हुआ है। यही भागसू वाटरफॉल धर्मशाला का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है और उन पर्यटकों को आकर्षित करता है जो प्रकृति की महिमा का आनंद लेना चाहते हैं और शांति के कुछ पल बिताना चाहते हैं। भागसुनाग वाटरफॉल मुख्य सड़क पर स्थित है जो मैक्लोडगंज और धर्मशाला को जोड़ता है और परिवार और प्रियजनों के साथ पिकनिक मनाने के लिए एक परफेक्ट जगह है।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

दलाई लामा मंदिर

दलाई लामा मंदिर मैक्लोडगंज दर्शनीय स्थल का प्रमुख पर्यटन स्थल है इस मंदिर की वातावरण शांति से परिपूर्ण होती है जिससे आपको इस मंदिर के अंदर प्रवेश करने पर शांति का अनुभव होता है। इस मंदिर में बौद्ध धर्म को मानने वाले अत्यधिक लोग इस मंदिर के दर्शन करने आते हैं तथा अपने सुखी जीवन के लिए भी प्रार्थना करने आते हैं। दलाई लामा मंदिर के अंदर भगवान बुद्ध की प्रतिमा बैठे हुए आकार में स्थापित की गई है जिसके चारों तरफ श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं और विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

नामग्याल मठ

नामग्याल मठ, मैकलोडगंज का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है, जो तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा का निवास स्थान है। नामग्याल मठ 14वें दलाई लामा के मठ के रूप में भी जाना जाता है। नामग्याल मठ सबसे बड़ा तिब्बती मंदिर भी है जिसकी नींव 16 वीं शताब्दी में दूसरे दलाई लामा द्वारा रखी गई थी और इसे भिक्षुओं द्वारा धार्मिक मामलों में दलाई लामा की मदद करने के लिए स्थापित किया गया था। वर्तमान में मठ में लगभग 200 भिक्षु हैं जो मठ की प्रथाओं, कौशल और परंपराओं की रक्षा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। नामग्याल मठ उन पर्यटकों के लिए बेहद खास जगह है, जो एक शांति वाली जगह की तलाश में हैं।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

मिंकियानी दर्रा

मिंकियानी दर्रा धौलाधार पर्वतमाला का एक हिस्सा है जो प्रकृति के कुछ शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है, ये दर्रा मैक्लोडगंज के पास एक खूबसूरत जगह के रूप में जाना जाता है। अगर आप एक फोटोग्राफर हैं, तो आपको आसपास की प्रकृति बेहद पसंद आने वाली है। मिंकियानी दर्रा पर्यटकों के लिए एक अच्छा ट्रैकिंग अनुभव भी प्रदान करता है। हरी-भरी वनस्पतियों के अलावा, आप इस क्षेत्र में वन्य जीवन को भी देख सकते हैं। वन्यजीवों में मुख्य रूप से क्षेत्र के पक्षियों और तेंदुओं की विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं। मिंकियानी दर्रे का निकटतम हवाई अड्डा धर्मशाला का कांगड़ा हवाई अड्डा है।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

डल झील

डल झील मैकलोडगंज के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है, जो हिमाचल प्रदेश कांगड़ा जिले में तोता रानी के गाँव के पास समुद्र तल से 1,775 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। डल झील नाम के साथ श्रीनगर की प्रसिद्ध और आकर्षक डल झील से लिया गया। यह झील ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों और विशाल देवदार के पेड़ों से घिरी हुई है, जो पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है। इस शांत झील का पानी हरा है, जो कई प्रकार की मछलियों का निवास स्थान है। कई लोग इस झील को शापित बताते हैं और कुछ इसे पवित्र मानते हैं, क्योंकि यहां पर झील के किनारे भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है।

सर्दियों में घूमने के लिए बेहतरीन लोकेशन हैं मैक्लोडगंज, करें यहां की इन 9 जगहों को एक्सप्लोर

करेरी झील

ऊंचाई वाले इलाके में स्थित करेरी झील मीठे पानी की झील है जो मैक्लोडगंज के पास घूमने लायक जगह है। झील के पानी का स्रोत धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं की बर्फ से है जो गर्म मौसम में पिघल जाती है। चूंकि बर्फ मुख्य जल स्रोत है, झील का पानी लगभग क्रिस्टल जैसा है। पर्यटक अपने कैमरे में झील की खूबसूरती को कैद करने के अलावा घाटी में स्थित सुंदर देवदार के पेड़ों को भी कैद कर सकते हैं। यह ट्रैकिंग और फोटोग्राफी के लिए एक अच्छी जगह है। करेरी झील धौलाधार पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी क्षेत्रों में स्थित है। झील मैक्लोडगंज से शुरू होकर करेन गांव तक जाती है। दिसंबर से मार्च के सर्दियों के महीनों के दौरान झील तब और आकर्षित लगती है जब वो जमा हो जाती है। इस प्रकार करेरी झील की यात्रा निश्चित रूप से देखने लायक है, खासकर उनके लिए जो प्रकृति से बेहद प्यार करते हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

CJP आंदोलन पर अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, बोले- मांग पूरी होने तक नहीं हटेंगे पीछे
CJP आंदोलन पर अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, बोले- मांग पूरी होने तक नहीं हटेंगे पीछे
'बदले की भावना से किया गया केस', खान सर के वकील बोले- सुरक्षा कारणों से चली थी गोली
'बदले की भावना से किया गया केस', खान सर के वकील बोले- सुरक्षा कारणों से चली थी गोली
उत्तराखंड चारधाम यात्रा: केदारनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, 11 लाख से अधिक पहुंचे श्रद्धालु; स्वास्थ्य कारणों से 161 यात्रियों की मौत
उत्तराखंड चारधाम यात्रा: केदारनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, 11 लाख से अधिक पहुंचे श्रद्धालु; स्वास्थ्य कारणों से 161 यात्रियों की मौत
CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन का आज आखिरी मौका, रात 12 बजे तक खुला रहेगा पोर्टल
CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन का आज आखिरी मौका, रात 12 बजे तक खुला रहेगा पोर्टल
सियासी जमीन खिसकने के बीच INDIA गठबंधन की याद, दिल्ली बैठक में ममता बनर्जी को कितना मिलेगा समर्थन?
सियासी जमीन खिसकने के बीच INDIA गठबंधन की याद, दिल्ली बैठक में ममता बनर्जी को कितना मिलेगा समर्थन?
पेड्डी स्टार राम चरण की पत्नी संभालती हैं 77 हजार करोड़ का कारोबार, ग्लैमर से दूर बनाई अलग राह
पेड्डी स्टार राम चरण की पत्नी संभालती हैं 77 हजार करोड़ का कारोबार, ग्लैमर से दूर बनाई अलग राह
लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाने वाली यूट्यूबर रचना गुर्जर के घर फिल्मी अंदाज में चोरी, नकदी और जेवर लेकर फरार हुए बदमाश
लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाने वाली यूट्यूबर रचना गुर्जर के घर फिल्मी अंदाज में चोरी, नकदी और जेवर लेकर फरार हुए बदमाश
बॉक्स ऑफिस पर 'पेद्दी' का तूफान जारी, तीसरे दिन ही 100 करोड़ क्लब के पार पहुंची फिल्म, वर्ल्डवाइड भी मचा रही धमाल
बॉक्स ऑफिस पर 'पेद्दी' का तूफान जारी, तीसरे दिन ही 100 करोड़ क्लब के पार पहुंची फिल्म, वर्ल्डवाइड भी मचा रही धमाल
Samsung यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, पुराने फोन भी बनेंगे बिल्कुल नए जैसे, जल्द आ सकता है Android 17 अपडेट
Samsung यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, पुराने फोन भी बनेंगे बिल्कुल नए जैसे, जल्द आ सकता है Android 17 अपडेट
CJP प्रदर्शन पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली प्रतिक्रिया, बोले- विदेश से युवाओं को भटकाने की कोशिशें नहीं होंगी सफल
CJP प्रदर्शन पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली प्रतिक्रिया, बोले- विदेश से युवाओं को भटकाने की कोशिशें नहीं होंगी सफल
जाम में थमी एंबुलेंस, बिगड़ती हालत देख मरीज को गोद में अस्पताल ले गए परिजन
जाम में थमी एंबुलेंस, बिगड़ती हालत देख मरीज को गोद में अस्पताल ले गए परिजन
घर में आग लगने के पीछे अक्सर होती हैं ये वजहें, समय रहते हो जाएं सतर्क
घर में आग लगने के पीछे अक्सर होती हैं ये वजहें, समय रहते हो जाएं सतर्क
'सिर्फ खेलने नहीं, दो दशक तक राज करने आया हूं', वैभव सूर्यवंशी का बड़ा दावा; विराट कोहली से मुलाकात को बताया सपनों जैसा पल
'सिर्फ खेलने नहीं, दो दशक तक राज करने आया हूं', वैभव सूर्यवंशी का बड़ा दावा; विराट कोहली से मुलाकात को बताया सपनों जैसा पल
बैंक लॉकरों से निकले करोड़ों रुपये, कई मकान और प्लॉट भी मिले; जांच में फंसा इंजीनियर
बैंक लॉकरों से निकले करोड़ों रुपये, कई मकान और प्लॉट भी मिले; जांच में फंसा इंजीनियर