बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की अगुवाई में 3-3 मैच की वनडे और टी20 सीरीज खेलने पहुंची भारतीय युवा टीम ने शुक्रवार से अभ्यास शुरू कर दिया। भले ही टीम नई और अनुभवहीन हो, लेकिन अधिकतर खिलाड़ी देश के लिए एक न एक मैच खेल चुके हैं। साथ ही वे टी20 क्रिकेट में सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट माने जाने वाले आईपीएल में भी अपना जलवा बिखेरने में सफल रहे हैं। ऐसे में उन्हें कमतर आंकना भारी भूल हो सकती है। इस बीच, श्रीलंका की 1996 की विश्व कप विजेता टीम के कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने ‘दूसरी श्रेणी' की भारतीय टीम की मेजबानी करने के लिए अपने देश के क्रिकेट बोर्ड की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह अपमान से कम नहीं है।
दो साल पहले तक सरकार में मंत्री थे रणतुंगा
दो साल पहले तक
सरकार में मंत्री रहे बाएं हाथ के बल्लेबाज रणतुंगा ने अपने आवास पर
पत्रकारों से कहा कि यह दूसरी श्रेणी की भारतीय टीम है और उनका यहां आना
हमारी क्रिकेट का अपमान है। मैं टेलीविजन मार्केटिंग की जरूरतों को पूरा
करने के लिए उनके साथ खेलने पर सहमत होने के लिए वर्तमान प्रशासन को दोषी
मानता हूं। भारत ने अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम इंग्लैंड भेजी है और कमजोर टीम
यहां भेज दी। मैं इसके लिए बोर्ड को दोष देता हूं। वनडे सीरीज 13 जुलाई से
शुरू होगा।
पांच श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने इसलिए किया खेलने से मना
वनडे
सीरीज शुरू होने से ठीक पहले श्रीलंका के पांच क्रिकेटरों ने इसमें खेलने
से साफ तौर पर इंकार कर दिया है। ये मामला श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और
खिलाड़ियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे अनुबंध (कॉन्ट्रेक्ट) विवाद को
लेकर है। पांच खिलाड़ियों लसिथ एंबुलडेनिया, लाहिरू कुमारा, विश्वा
फर्नांडो, अशेन बंडारा और कासुन रजिता ने टूर कॉन्ट्रेक्ट पर हस्ताूक्षर
करने से मना कर दिया। ये पांचों सीरीज के लिए लगाए गए रेजीडेंशियल कैंप से
भी चले गए हैं।
बोर्ड के सीईओ एश्ले डीसिल्वा ने कहा है कि इन
पांचों क्रिकेटरों से अनुबंध साइन कर बायो बबल में प्रवेश करने के लिए कहा
गया था लेकिन उन्हों ने ऐसा नहीं किया। जब तक नेशनल कॉन्ट्रेक्ट का विवाद
नहीं सुलझ जाता तब तक हमने इन खिलाड़ियों को टूर कॉन्ट्रेक्ट साइन करने के
लिए कहा था। अगर वे साइन कर देंगे तो हम इन्हें खिला सकते हैं।