राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान देवस्थान मंत्री जोरा राम कुमावत ने राज्य में मंदिरों के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के मंदिरों के लिए 101 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की है, जबकि राजस्थान से बाहर स्थित मंदिरों के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
पुजारियों के वेतन और भोग का बजट बढ़ा
मंत्री कुमावत ने कहा कि सरकार सनातन धर्म और देवस्थानों के संवर्धन के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्षों से मंदिरों में कार्यरत पुजारियों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं हुई थी, जिसे अब बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने मंदिरों में भगवान के भोग के लिए मिलने वाली राशि को 1500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने का फैसला किया है। इसके अलावा, प्रयागराज में जारी महाकुंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें मंदिरों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री कुमावत ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में देवस्थानों के उत्थान से जुड़ी योजनाओं को और गति दी जाएगी।
मंदिरों और पुजारियों के लिए बड़े फैसले
8 फरवरी को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रयागराज महाकुंभ में राजस्थान मंडपम में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की। इस बैठक में मंदिरों और पुजारियों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने मंदिरों में सेवा देने वाले पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। साथ ही, मंदिरों में भोग, प्रसाद, पूजा, उत्सव, पोशाक, जल एवं प्रकाश व्यवस्था के लिए दी जाने वाली राशि को दोगुना करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा, देवस्थान विभाग के अंतर्गत आने वाले 6 प्रमुख मंदिरों और 26 आत्मनिर्भर मंदिरों के जीर्णोद्धार, मरम्मत और विकास कार्यों के लिए 101 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इस संबंध में जानकारी देवस्थान मंत्री जोरा राम कुमावत ने मंगलवार को विधानसभा में दी।