न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

लोकसभा का चुनाव लड़ने की तैयारी में रॉबर्ट वाड्रा, अमेठी है पहली पसन्द

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने भविष्य में चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। उत्तर प्रदेश के रायबरेली और अमेठी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने इशारा दिया है कि जनता चाहती है कि वह चुनाव लड़ें। इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लोग यह चाहते हैं कि उनका प्रतिनिधित्व गांधी परिवार ही करे।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Thu, 04 Apr 2024 10:15:48

लोकसभा का चुनाव लड़ने की तैयारी में रॉबर्ट वाड्रा, अमेठी है पहली पसन्द

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने भविष्य में चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। उत्तर प्रदेश के रायबरेली और अमेठी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने इशारा दिया है कि जनता चाहती है कि वह चुनाव लड़ें। इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लोग यह चाहते हैं कि उनका प्रतिनिधित्व गांधी परिवार ही करे।

एक इंटरव्यू में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "मैं रायबरेली और अमेठी में 1999 से प्रचार कर रहा हूं. लोग जब देखते हैं कि कैसे भाजपा ईडी से मुझे हमेशा चुनाव के समय निशाना बनाती है तो लोग मांग करते हैं कि मुझे भी जवाब देने के लिए संसद में आना चाहिए। लोगों की मांग होती है कि मैं संसद में आऊं, फिर चाहे वह रायबरेली सीट हो, अमेठी सीट हो, मुरादाबाद सीट हो, तेलंगाना हो या फिर दिल्ली की कोई सीट हो।" जाने-माने कारोबारी के मुताबिक, "रायबरेली या अमेठी के लोग जरूर चाहते हैं कि कोई न कोई गांधी परिवार का व्यक्ति उनका प्रतिनिधित्व करे और अब वे इस पर पछतावा भी करते हैं कि उन्होंने भाजपा की स्मृति ईरानी से राहुल गांधी को हटा दिया।"

एएनआई से बातचीत में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "अमेठी के लोग चाहते हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करूं। सालों तक गांधी परिवार ने रायबरेली, अमेठी में कड़ी मेहनत की। अमेठी के लोग वास्तव में वर्तमान सांसद (स्मृति ईरानी) से परेशान हैं, मतदाताओं को लगता है कि उन्होंने उन्हें (स्मृति ईरानी को) चुनकर गलती की है।"

रॉबर्ट वाड्रा ने आगे कहा, "अमेठी के लोगों ने अपनी गलती समझ ली है। मुझे लगता है कि अब वे चाहते हैं कि गांधी परिवार का कोई सदस्य इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करे। यहां तक कि मुझे अमेठी के लोगों से अनुरोध मिलता है कि अगर मैं राजनीति में शामिल होता हूं, तो मुझे अमेठी को चुनना चाहिए। मुझे याद है, मेरा पहला राजनीतिक अभियान प्रियंका के साथ साल 1999 में अमेठी से ही था।"

बता दें 2019 के लोकसभा चुनाव में तब अमेठी की सीट काफी चर्चा में रही, जब स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को उनके ही गढ़ मात दी थी। राहुल गांधी ने 2004, 2009 और 2014 में अमेठी से जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने अभी तक अमेठी और रायबरेली के लिए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, जबकि राहुल गांधी ने वायनाड से अपना नामांकन दाखिल किया है।


अटकलें लगाई जा रही थीं कि राहुल गांधी 2019 की तरह अमेठी और वायनाड दोनों सीटों से चुनाव लड़ेंगे और प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली से चुनावी शुरुआत कर सकती हैं। मगर इन दोनों सीटों पर सस्पेंस अभी तक कायम है। अब रॉबर्ट वाड्रा के बयान ने एक बड़ा संकेत दिया है कि वह अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।

एएनआई से रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "अमेठी मौजूदा सांसद से परेशान है और अमेठी की जनता अपनी गलती समझ चुकी है। मौजूदा सांसद अपनी ताकत का दुरुपयोग कर खूब शोर मचा रही हैं, गांधी परिवार पर आरोप लगा रही हैं। सालों तक गांधी परिवार ने रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में कड़ी मेहनत की है। अब जब अमेठी के लोग राहुल गांधी के बजाय स्मृति ईरानी को चुनने के लिए पछता रहे हैं, तो मुझे लगता है कि वे चाहते हैं कि गांधी परिवार का कोई सदस्य उनका प्रतिनिधित्व करे।''


राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

डोनाल्ड ट्रंप के जीत के ऐलान के बाद ईरान का मिसाइल हमला, अब अमेरिका की अगली चाल क्या होगी?
डोनाल्ड ट्रंप के जीत के ऐलान के बाद ईरान का मिसाइल हमला, अब अमेरिका की अगली चाल क्या होगी?
ट्रंप कब करेंगे Iran पर बड़ा हमला? महायुद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताई संभावित टाइमिंग
ट्रंप कब करेंगे Iran पर बड़ा हमला? महायुद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताई संभावित टाइमिंग
‘मरना नहीं चाहते, हमें बचा लो’… होर्मुज में फंसे 20 हजार नाविक, कर रहे है बम और भूख का सामना
‘मरना नहीं चाहते, हमें बचा लो’… होर्मुज में फंसे 20 हजार नाविक, कर रहे है बम और भूख का सामना
पंजाब की सियासत में बड़ा बदलाव, दंगा पीड़ितों के ‘मसीहा’ एच.एस. फुल्का ने थामा BJP का हाथ
पंजाब की सियासत में बड़ा बदलाव, दंगा पीड़ितों के ‘मसीहा’ एच.एस. फुल्का ने थामा BJP का हाथ
महाराष्ट्र की राहुरी और बारामती सीट पर उपचुनाव, बीजेपी ने जारी किए उम्मीदवारों के नाम
महाराष्ट्र की राहुरी और बारामती सीट पर उपचुनाव, बीजेपी ने जारी किए उम्मीदवारों के नाम
7 साल बाद भारत पहुंच रहा दुनिया का सबसे सस्ता तेल, ईरान के खार्ग से वाडिनार पोर्ट पर आएगी 9.5 करोड़ लीटर की खेप
7 साल बाद भारत पहुंच रहा दुनिया का सबसे सस्ता तेल, ईरान के खार्ग से वाडिनार पोर्ट पर आएगी 9.5 करोड़ लीटर की खेप
गाजियाबाद: मुस्लिम छात्रा से शादी करने वाले हिंदू शिक्षक की ससुरालवालों ने कर दी हत्या, मां बनने वाली थी पत्नी
गाजियाबाद: मुस्लिम छात्रा से शादी करने वाले हिंदू शिक्षक की ससुरालवालों ने कर दी हत्या, मां बनने वाली थी पत्नी
साउथ में फीकी पड़ी ‘धुरंधर 2’, तमिल-तेलुगु में 1 करोड़ भी नहीं जुटा पाई
साउथ में फीकी पड़ी ‘धुरंधर 2’, तमिल-तेलुगु में 1 करोड़ भी नहीं जुटा पाई
चार टीमों ने खोला जीत का खाता, अंक तालिका में किस टीम का दबदबा
चार टीमों ने खोला जीत का खाता, अंक तालिका में किस टीम का दबदबा
एक महीने तक सुबह खाली पेट जीरे का पानी पीने के फायदे,जानें क्यों बनाएं इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा
एक महीने तक सुबह खाली पेट जीरे का पानी पीने के फायदे,जानें क्यों बनाएं इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा
‘धुरंधर 2’ का 13वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर जलवा, ‘पुष्पा 2’ को पछाड़ रचा नया रिकॉर्ड
‘धुरंधर 2’ का 13वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर जलवा, ‘पुष्पा 2’ को पछाड़ रचा नया रिकॉर्ड
पेट सही से साफ नहीं होता? आजमाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे और पाएँ तुरंत आराम
पेट सही से साफ नहीं होता? आजमाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे और पाएँ तुरंत आराम
खीरा कब खाएं, जानें किस समय खाने से मिलते हैं सबसे ज्यादा सेहतमंद फायदे
खीरा कब खाएं, जानें किस समय खाने से मिलते हैं सबसे ज्यादा सेहतमंद फायदे
ऋषभ पंत की एक गलती पड़ी भारी, आखिर किसने लिया था यह चौंकाने वाला फैसला?
ऋषभ पंत की एक गलती पड़ी भारी, आखिर किसने लिया था यह चौंकाने वाला फैसला?