इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 की शुरुआत 22 मार्च से होने जा रही है। उद्घाटन मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा। इसके अगले ही दिन, 23 मार्च को राजस्थान रॉयल्स सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी। यह मैच हैदराबाद में आयोजित होगा। वहीं, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS) को भी इस सीजन के लिए खास तौर पर तैयार किया जा रहा है। इस मैदान पर पहला मुकाबला 13 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होगा।
राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होंगे प्रशंसक
सवाई मानसिंह स्टेडियम को इस बार राजस्थानी थीम पर सजाया जा रहा है। युवा मामले और खेल विभाग के सचिव नीरज के. पवन ने बताया कि स्टेडियम के अंदरूनी हिस्से में पारंपरिक लहरिया और पंचरंगा सजावट की जाएगी, जिससे स्थानीय संस्कृति की झलक मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल क्रिकेट प्रेमियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने के लिए की जा रही है।
स्टेडियम की लाइटिंग में दिखेगा राजस्थान का रंग
युवा मामले और खेल विभाग के सचिव नीरज के. पवन ने बताया कि स्टेडियम के अंदर की लाइटिंग को राजस्थान के पारंपरिक चमकीले रंगों से सजाया जाएगा, जिससे पूरे माहौल में एक उत्सवी ऊर्जा का संचार होगा। इसके अलावा, आईपीएल मैचों के दौरान लोक कलाकारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जो अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
जयपुर में 'ग्रीन आईपीएल' की थीम पर होगा आयोजन
इस बार जयपुर में होने वाले आईपीएल मुकाबलों को 'ग्रीन आईपीएल' थीम पर आयोजित किया जाएगा। नीरज के. पवन ने बताया कि हर खिलाड़ी द्वारा बनाए गए प्रत्येक रन के बदले एक पौधा लगाया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य अगले साल तक सवाई मानसिंह स्टेडियम को एक हरित स्टेडियम में तब्दील करना है। इसके साथ ही, इस बार का आयोजन प्लास्टिक-मुक्त वातावरण में किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
अंगदान और नेत्रदान के प्रति बढ़ेगी जागरूकता
खेल सचिव नीरज के. पवन ने बताया कि इस आईपीएल आयोजन के जरिए अंगदान और नेत्रदान को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। खिलाड़ियों को जागरूकता वीडियो में शामिल किया जाएगा, जिसमें वे लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा, "देशभर में करीब तीन लाख लोग नेत्र प्रत्यारोपण के इंतजार में हैं। इस आईपीएल के जरिए हम स्टेडियम में होर्डिंग्स और विशेष अभियानों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत लोगों के परिवार अंगदान का विकल्प चुनकर जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।