बिहार में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. सोमवार को कोरोना ने प्रदेश में 41 लोगों की जान ले ली है और 7487 लोगों को पॉजिटिव कर दिया है। प्रदेश में अब कुल एक्टिव मामलों की संख्या 49527 हो गई है। उधर, पटना के बाढ़ स्थित NTPC में करीब 200 कर्मी और उनके परिजनों के पॉजिटिव होने की खबर आई है। इससे बिहार में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। बिहार के अलावा झारखंड और पं बंगाल के भी कुछ जिलों पर असर पड़ सकता है।
राज्य में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अगर ऐसे ही संक्रमण बढ़ता रहा तो कुछ ही दिनों में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 10 हजार तक पहुंच जाएगा। सोमवार को जांच की संख्या घटकर 83361 हो गई। बावजूद इसके 7487 पॉजिटिव केस मिले। यह करीब 8.99 % है। पटना में सोमवार को 17 लोगों की मौत हुई थी। इसमें पटना AIIMS में 3, पटना मेडिकल कॉलेज में 6 संक्रमितों की मौत हुई, वहीं नालंदा मेडिकल कॉलेज में 8 लोगों की जान गई थी।
सोमवार की सुबह पूर्व मंत्री मेवालाल चौधरी की कोरोना से मौत हो गई। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं दीपक मिश्रा भी नहीं रहे। बेगूसराय के समाजसेवी मुचकुंद कुमार मोनू की भी जान चली गई। गया के गरुआ से रिपोर्टिंग करने वाले 30 वर्षीय पत्रकार मनीष कुमार का मगध मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उधर, विधानसभा के बाद अब मौत सुन परिषद पर भी ताला लग गया है। कोरोना से माली लाल बाबू की मौत हो गई।
पुलिसकर्मियों पर टूटा कोरोना का कहर
बिहार में इस साल में अब तक 202 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं और 5 पुलिसकर्मियों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। बीते 2 दिनों में ही 3 अफसर करोना की जंग हार गए हैं। पुलिसकर्मियों में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आ गया है। पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि जिन भी पुलिसकर्मियों को कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं और फौरन इसकी जांच कराएं। जबतक रिपोर्ट नहीं आती वो होम क्वारंटीन में रहें। इसी के ही साथ कोरोना संक्रमित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए रेंज आईजी-डीआईजी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। फैलते संक्रमण को देखते हुए पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह और मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार धीरज ने पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर इलाज की मांग की है।