भारतीय घरों में सरसों के तेल का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। चाहे खाना पकाना हो या बालों और त्वचा की देखभाल, यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। कई परिवारों में रोजमर्रा की कुकिंग के लिए भी सरसों के तेल का ही इस्तेमाल किया जाता है। यह न केवल एक हेल्दी विकल्प है बल्कि खाने में एक अनोखा स्वाद भी जोड़ता है। इसके पोषण संबंधी गुणों के कारण आयुर्वेद में भी इसे उपयोगी बताया गया है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में सरसों के तेल का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में कुछ लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि किन हेल्थ कंडीशंस में सरसों के तेल का सेवन उचित नहीं है।
जिन्हें पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं
कई लोग पाचन से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं, जैसे अपच, गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी, सीने में जलन और कब्ज आदि। इस तरह के लक्षणों का अनुभव करने वालों को अक्सर खाना पचाने में कठिनाई होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे लोगों को सरसों का तेल अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए। इसका कारण यह है कि सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है, जिससे इसे पचाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कई बार अधिक मात्रा में सरसों के तेल से बना खाना खाने पर उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
प्रेग्नेंसी के दौरान सरसों का तेल न खाएं
गर्भवती महिलाओं को सरसों के तेल से बना अधिक खाना खाने से बचना चाहिए। दरअसल, सरसों के तेल में कुछ केमिकल कंपाउंड होते हैं, जो कभी-कभी शिशु के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है, जो गर्भवस्था के दौरान और जटिलताएं पैदा कर सकती है। इसके अतिरिक्त, इसे खाने से मोटापे का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही सरसों के तेल का उपयोग करना चाहिए।
जिन्हें हार्ट से जुड़ी समस्या हो
आजकल हार्ट से संबंधित बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे खानपान पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ज्यादा सरसों का तेल खाने से हृदय रोगों का जोखिम और बढ़ सकता है। इसमें एरुसिक एसिड होता है, जो हार्ट की मसल्स में अतिरिक्त फैट जमा करता है, जिससे हार्ट अटैक और अन्य दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना सरसों का तेल नहीं खाना चाहिए।
मोटापे से परेशान लोग
अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपको अपनी डाइट में सरसों का तेल कम मात्रा में ही शामिल करना चाहिए। दरअसल, सरसों के तेल में अधिक मात्रा में फैट होता है, जो वजन बढ़ाने में सहायक हो सकता है। ऐसे में इसे सीमित मात्रा में ही सेवन करें, ताकि आपका वजन कंट्रोल में रहे।
एलर्जी वाले कम करें सरसों के तेल का इस्तेमाल
कई लोगों को एलर्जी की समस्या होती है, जिससे उनकी त्वचा पर खुजली, रैशेज, चकत्ते और कभी-कभी आंतों में सूजन हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन लोगों को सरसों के तेल का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए। दरअसल, सरसों के तेल में कुछ केमिकल कंपाउंड होते हैं, जो एलर्जी को ट्रिगर कर सकते हैं या उसे बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सरसों के तेल का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।