आजकल के बिगड़ते खानपान और अनियमित जीवनशैली की वजह से कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें से एक प्रमुख समस्या है हाई यूरिक एसिड। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से गठिया, जोड़ों में सूजन, किडनी स्टोन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। यूरिक एसिड तब बढ़ता है जब प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक किया जाता है और किडनी इसे पूरी तरह से बाहर नहीं निकाल पाती। इस स्थिति में, जोड़ों में यूरिक एसिड क्रिस्टल बनने लगते हैं, जिससे दर्द और सूजन की समस्या होती है। यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए खानपान में सुधार करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, कुछ घरेलू नुस्खे अपनाकर यूरिक एसिड को प्राकृतिक रूप से कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं यूरिक एसिड को कम करने के प्रभावी घरेलू उपाय—
आंवला – यूरिक एसिड को कम करने का रामबाण इलाज
आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने और किडनी को डिटॉक्स करने में सहायक है। रोज़ाना आंवला का रस एलोवेरा जूस में मिलाकर पीने से शरीर को लाभ मिलता है। इसके अलावा, आप कच्चे आंवले का सेवन कर सकते हैं या आंवला पाउडर गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
अजवायन – जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत
अजवायन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और पाचन सुधारने में मदद करते हैं। रातभर 1 चम्मच अजवायन को पानी में भिगोकर रखने के बाद सुबह इसका सेवन करने से यूरिक एसिड नियंत्रित होता है। साथ ही, भोजन में अजवायन का उपयोग करने से भी लाभ मिलता है।
नींबू पानी – शरीर को अल्कलाइन बनाकर यूरिक एसिड कम करे
नींबू विटामिन C से भरपूर होता है, जो शरीर को अल्कलाइन बनाकर यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और किडनी की कार्यक्षमता बढ़ती है। नींबू और शहद का मिश्रण भी फायदेमंद होता है।
दालचीनी – गठिया के दर्द से राहत देने वाला मसाला
दालचीनी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। रोज़ाना गर्म पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से शरीर को फायदा होता है। इसे चाय में मिलाकर या भोजन में इस्तेमाल करके भी लिया जा सकता है।
गिलोय – शरीर को डिटॉक्स करने वाली आयुर्वेदिक औषधि
गिलोय शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने से रोकने में मदद करता है। इसका काढ़ा बनाकर या जूस के रूप में सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर कम होता है।
अदरक – सूजन और दर्द कम करने के लिए गुणकारी
अदरक में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। अदरक की चाय रोज़ाना पीने से यूरिक एसिड नियंत्रित होता है। इसके अलावा, अदरक और हल्दी का मिश्रण दूध में मिलाकर पीना भी लाभदायक होता है।
सेब का सिरका – शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार
सेब का सिरका शरीर के pH स्तर को संतुलित रखता है और यूरिक एसिड को कम करता है। रोज़ सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
नोट : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।