न्यूज़
Budget 2026 Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सेहत पर भारी पड़ सकता हैं ई-सिगरेट का सेवन, जानें इससे होने वाले नुकसान

आजकल के समय में देखने को मिलता हैं कि ज्यादातर युवा सिर्फ दिखावे के चक्कर में गलत काम करने लगते हैं जो कि उनकी सेहत और जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। ऐसी ही एक आदत हैं वेपिंग अर्थात ई-सिगरेट की। युवाओं में दिनों दिन वेपिंग का क्रेज बढ़ रहा है।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Sat, 16 Sept 2023 09:53:36

सेहत पर भारी पड़ सकता हैं ई-सिगरेट का सेवन, जानें इससे होने वाले नुकसान

आजकल के समय में देखने को मिलता हैं कि ज्यादातर युवा सिर्फ दिखावे के चक्कर में गलत काम करने लगते हैं जो कि उनकी सेहत और जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। ऐसी ही एक आदत हैं वेपिंग अर्थात ई-सिगरेट की। युवाओं में दिनों दिन वेपिंग का क्रेज बढ़ रहा है। खुद को कूल दिखाने के लिए स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में कई लोग इसका प्रयोग कर रहे है। यह उतनी ही हानिकारक है जितनी बीड़ी, सिगरेट या कोई और तंबाकू उत्पाद। हांलाकि भारत में ई-सिगरेट पर साल 2019 में ही बैन लग चुका हैं। साथ ही सरकार ने ई-सिगरेट की सेल, उत्पादन, एक्सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, इंपोर्ट, स्टोरेज और विज्ञापन पर भी रोक लगाई है। हम आपको यहां इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

क्या है ई-सिगरेट

ई-सिगरेट यानी इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट बैटरी से चलने वाला एक डिवाइस है, जिसमें निकोटीन और केमिकल्स के हानिकारक घोल भरे होते हैं। इसे वेप पैन और ई।हुक्का के रूप में भी जाना जाता है। बहुत से आकारों में मिलने वाला ये डिवाइस पारंपरिक सिगरेट, सिगार और पाइप की तरह नज़र आते हैं। वहीं कुछ यूएसबी मेमोरी स्टिक के आकार के भी होते हैं। बैटरी की मदद से चार्ज होने वाले इस डिवाइस में लिक्विड होता है, जो इस्तेमाल के दौरान गर्म होकर हवा में उड़ता है। इस प्रकार से ई-सिगरेट की कश खींचने वाला व्यक्ति धुआं की जगह भाप खींचता है। इसे बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसमें 8 से 10 सिगरेट के समान कश मौजूद होते हैं।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

E-Cigarette और नॉर्मल सिगरेट में अंतर

नॉर्मल सिगरेट में निकोटिन के साथ-साथ तंबाकू होता है लेकिन ई सिगरेट में सिर्फ निकोटिन होता है। इसके अलावा ई सिगरेट में निकोटिन की मात्रा कम पाई जाती है।" नॉर्मल सिगरेट पीते वक्त धुंआ निकलता है जो कि सिगरेट पीने के साथ ही आसपास खड़े दूसरे लोगों को भी नुकसान पहुंचाता है। "ई सिगरेट में कई तरह के फ्लेवर भी आते हैं जिसे पीने के बाद अगर आप किसी के पास बैठेंगे तो उसे एहसास भी नहीं होगा की आपने सिगरेट पी हुई है। यही वजह है कि युवाओं में ई सिगरेट बेहद मशहूर माना जाता है।

E-Cigarette से होने वाले नुकसान

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

दिल की बीमारी

अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियॉलजी में प्रकाशित एक जर्नल के मुताबिक ई-सिगरेट में मौजूद फ्लवेरिंग से रक्त प्रवाह के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

गले में खराश

लगातार वेपिंग से गले में खराश की शिकायत होने लगती है। दरअसल, लिक्विड के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाला निकोटीन, प्रोपलीन ग्लाइकोल, फलेवरिंग्स और प्रयोग किया जाने वाला कॉइल भी खराश का कारण हो सकता है। कुछ कॉइल निकल बेस्ड होते हैं। जो कुछ लोगों के लिए एलर्जी का कारण साबित होते हैं। इसके अलावा हाई निकोटिन भी इसका एक कारण है। साथ ही प्रोपलीन ग्लाइकोल का 50 फीसदी से ज्यादा इस्तेमाल गले में खराश बढ़ाने लगता है।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

कैंसर की आशंका

ई-सिगरेट में निकोटीन के अलावा फ्लवेरिंग के लिए खुशबूदार केमकिल भरे होते हैं। यह केमिकल गर्म होने पर सांस के साथ फेफड़ों में जाते हैं, जिससे फेफड़ों के कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

कैफीन सेंसिटिविटी

बहुत से लोग जो वेपिंग करते है, वे कॉफी या अन्य कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन करने लगते हैं। वेपोराइज़र का उपयोग करने के शुरुआती दिनों में कैफीन सेंसिटिविटी होना एक आम बात है। इसके चलते तनाव और मूड स्विंग का खतरा रहता है। कैफीन का सेवन कम करने से ये लक्षण अपने आप दूर हो जाते हैं।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

गर्भवस्था में हानिकारक

ई-सिगरेट में धुआं की जगह भाप होती है। इस भाप का गर्भस्थ बच्चे पर बुरा असर पड़ता है। वहीं इस सिगरेट को छोटे बच्चों के आसपास पीना नहीं चाहिए क्योंकि यह भाप उनके दिमागी विकास में असर डालती है।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

निकोटीन की लत

ई-सिगरेट में निकोटीन और दूसरे हानिकारक केमिकल्स का घोल होता है। निकोटीन अपने आप में ऐसा नशीला पदार्थ है जिसकी लत लग जाती है। इसलिए विशेषकर हृदय रोगियों को ई-सिगरेट से दूर रहना चाहिए। वैज्ञानिक शोधों में यह कहा गया है कि यह दिल की धमनियों को कमजोर भी करता है। इसकी लत पड़ जाती है इसलिए इसे छोड़ने पर विदड्रॉल सिंड्रोम और डिप्रेशन की समस्‍या हो सकती है।

harmful effects of e-cigarettes,e-cigarette health risks,dangers of vaping,e-cigarette side effects,risks of using e-cigarettes,e-cigarette lung damage,vaping health hazards,e-cigarette addiction,e-cigarette toxins,e-cigarette and heart health,e-cigarette respiratory problems,e-cigarette poisonings,secondhand vaping effects,e-cigarette-related illnesses,long-term effects of e-cigarette use,e-cigarette withdrawal symptoms,e-cigarette marketing tactics,teen vaping epidemic,e-cigarette regulation,quitting e-cigarettes

खांसी की समस्या

हार्वर्ड एजुकेशन के मुताबिक अमेरिका में 9 फीसदी आबादी और 28 फीसदी हाई स्कूल स्टूडेंट ई सिगरेट का प्रयोग करते हैं। इसके लगातार सेवन से खांसी की समस्या होना एक आम बात है। लंबे वक्त तक अगर आप खांसी की चपेट में हैं, तो ये आपके लिए टीबी के रोग की संभावना को भी बढ़ा देता है।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?