फैटी लिवर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे नजरअंदाज करने से आगे चलकर गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे कि लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर। फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण गलत खानपान और खराब जीवनशैली होती है। अगर आप समय रहते अपने लिवर की स्थिति को जानना चाहते हैं, तो कुछ घरेलू संकेतों के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा, लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव कर इसे ठीक भी किया जा सकता है।
फैटी लिवर के लक्षणों को पहचानें
अगर आपके शरीर में नीचे दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका लिवर हेल्दी नहीं है और फैटी लिवर की समस्या शुरू हो रही है।
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
अगर आप पर्याप्त आराम करने के बावजूद भी हमेशा थकान महसूस कर रहे हैं और शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है, तो यह लिवर की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है। लिवर हमारे शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने का काम करता है, लेकिन जब यह फैटी लिवर की चपेट में आ जाता है, तो विषाक्त पदार्थों को ठीक से फ़िल्टर नहीं कर पाता, जिससे शरीर सुस्त और थका हुआ महसूस करता है।
पेट में तकलीफ और सूजन
अगर आपके पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अक्सर दर्द या भारीपन महसूस होता है, तो यह फैटी लिवर का संकेत हो सकता है। फैटी लिवर की वजह से लिवर में सूजन आ सकती है, जिससे यह लक्षण दिखाई देते हैं। पेट फूलना, अपच की समस्या और भारीपन भी लिवर से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकते हैं।
वजन बढ़ना और पेट पर चर्बी जमा होना
बिना किसी खास कारण के पेट के आसपास चर्बी बढ़ रही है और वजन लगातार बढ़ रहा है, तो यह भी फैटी लिवर का संकेत हो सकता है। खासतौर पर अगर आप संतुलित डाइट और एक्सरसाइज करने के बावजूद वजन कम नहीं कर पा रहे हैं, तो लिवर की जांच करवाना जरूरी हो जाता है।
त्वचा और आंखों में पीलापन आना (पीलिया)
अगर आपकी त्वचा या आंखों का सफेद हिस्सा हल्का पीला दिख रहा है, तो यह एक गंभीर संकेत हो सकता है कि आपका लिवर सही से काम नहीं कर रहा। फैटी लिवर के बढ़ने से लिवर टॉक्सिन्स को सही से फिल्टर नहीं कर पाता, जिससे शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है और त्वचा तथा आंखें पीली दिखने लगती हैं।
चेहरे और त्वचा पर बदलाव
अगर आपके चेहरे पर अचानक मुंहासे, काले धब्बे, खुजली या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं, तो इसका संबंध फैटी लिवर से हो सकता है। जब लिवर में ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो यह शरीर में सूजन बढ़ाने वाले तत्व छोड़ता है, जिससे त्वचा बेजान दिखने लगती है।
किन लोगों को अधिक खतरा है?
- जो लोग लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली अपनाते हैं।
- जो लोग अधिक जंक फूड और तला-भुना खाना खाते हैं।
- जो लोग नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं।
- जिन लोगों को डायबिटीज, हाई बीपी या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है।
- जो लोग ज्यादा मीठा, प्रोसेस्ड फूड और अधिक कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते हैं।
फैटी लिवर को नैचुरल तरीके से कैसे ठीक करें?
अगर फैटी लिवर की समस्या शुरू हो गई है, तो आप बिना दवाओं के भी इसे नैचुरल तरीकों से ठीक कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव लाने की जरूरत होगी।
डाइट में फाइबर और हेल्दी फूड्स शामिल करें
- ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ, नट्स, बीज, साबुत अनाज, दालें और हरी सब्जियां खाएं।
- दलिया, ब्राउन राइस, जई (ओट्स), जौ और सोया प्रोडक्ट्स लिवर हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं।
- प्रोसेस्ड फूड, तला-भुना खाना और शुगर वाले ड्रिंक्स से बचें।
शराब को पूरी तरह छोड़ दें
अगर आपको फैटी लिवर की समस्या है, तो शराब को अपनी जिंदगी से पूरी तरह से हटा देना ही सबसे अच्छा उपाय है। शराब पीने से लिवर की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और इससे लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है।
वजन को कंट्रोल करें
- हेल्दी डाइट अपनाएं और कैलोरी का संतुलन बनाए रखें।
- रोजाना एक्सरसाइज और योग करें।
- अगर वजन अधिक है, तो धीरे-धीरे इसे कम करने की कोशिश करें क्योंकि अचानक वजन कम करना भी लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें
- कार्डियो एक्सरसाइज जैसे रनिंग, ब्रिस्क वॉक, साइकलिंग और स्विमिंग करें।
-- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और योग भी लिवर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकते हैं।
रोजाना 30-45 मिनट वर्कआउट करने से लिवर पर जमी चर्बी कम हो सकती है।
हर्बल और घरेलू उपाय अपनाएं
- हल्दी वाला दूध पिएं, क्योंकि हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो लिवर की सूजन को कम करते हैं।
- ग्रीन टी पिएं, यह लिवर डिटॉक्स करने में मदद करती है।
- आंवला, एलोवेरा और नीम के रस का सेवन करें, ये लिवर को हेल्दी बनाए रखते हैं।