रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बातचीत की पहल की है। हेमंत सोरेन सरकार की ओर से आंदोलनकारी छात्रों को सोमवार, 17 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है।
इस प्रस्ताव की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और ADM, लॉ एंड ऑर्डर की ओर से छात्रों को दी गई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि आंदोलनरत छात्रों के साथ बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने की दिशा में सरकार ने एक और कदम उठाया है।
17 अगस्त को दोपहर 2 बजे होगी बातचीत
सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव के मुताबिक, छात्रों के प्रतिनिधियों को 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में छात्र अपने कानूनी सलाहकारों के साथ शामिल हो सकते हैं।
छात्र आंदोलन को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। सरकार की बातचीत की पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब छात्रों की ओर से प्रदर्शन को और तेज करने की घोषणा की गई थी।
रविवार को कई जगह हुआ प्रदर्शन
JPSC और JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र रांची समेत पूरे झारखंड में प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को भी आंदोलनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। रांची में प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका गया।
प्रदर्शनकारियों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के पुतले भी फूंके। छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान भी किया था।
इसी घटनाक्रम के बीच सरकार की ओर से छात्रों को बातचीत के लिए बुलाने की जानकारी सामने आई है।
देवेंद्र नाथ महतो के मामले से भी बढ़ा आक्रोश
छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और अनशन पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल में उनके साथ मारपीट की गई। एक वीडियो के जरिए उन्होंने न्याय की मांग की थी।
देवेंद्र नाथ महतो ने यह भी आरोप लगाया था कि 15 अगस्त को उन्हें झंडा फहराने से रोका गया और उनके साथ मारपीट की गई। इन आरोपों के सामने आने के बाद आंदोलनकारी छात्रों में नाराजगी और बढ़ने की बात सामने आई।
हालांकि, ये आरोप देवेंद्र नाथ महतो की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध सामग्री में इन आरोपों पर दूसरे पक्ष का कोई बयान नहीं दिया गया है।
अब बातचीत से समाधान की कोशिश
छात्रों के विरोध और सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के बाद आंदोलन को लेकर आगे की दिशा सोमवार की बैठक से तय होने की उम्मीद है। फिलहाल सरकार ने छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ बातचीत का विकल्प दिया है।
JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच होने वाली इस वार्ता को विवाद के समाधान की दिशा में एक अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है।














