नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में गंडक नदी को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। शुरुआती राहत के बाद नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देर रात देवघाट क्षेत्र में हुई बारिश को इसके पीछे एक वजह बताया जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बढ़ते जलस्तर का आगे कितना असर पड़ेगा।
इससे पहले गंडक नदी का पानी तेजी से कम हो रहा था और बिहार के पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बैराज में पानी का बहाव घटकर करीब 81 हजार क्यूसेक पहुंच गया था। नेपाल की त्रिशूली नदी का पानी नारायणी नदी के रास्ते आगे बढ़ने के बाद गंडक पर दबाव भी कम हुआ था। इसके बावजूद ताजा स्थिति को देखते हुए अधिकारी निगरानी बनाए हुए हैं।
बिहार के इन जिलों में बढ़ाई गई थी सतर्कता
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के आठ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं।
गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में एनडीआरएफ तथा एसएसबी की बटालियन भी तैनात की गई हैं। गंडक नदी नेपाल से निकलकर भारतीय मैदानी क्षेत्रों में प्रवेश करती है, इसलिए इसके ऊपरी हिस्से में पानी बढ़ने की स्थिति का असर निचले इलाकों पर पड़ने की आशंका रहती है।
अमित शाह ने सीएम से की थी बात
गंडक समेत अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत की थी। शाह के मुताबिक, संभावित प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन, राहत-बचाव दल और एनडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया था।
यूपी के कई जिलों में भी निगरानी
उत्तर प्रदेश में भी निचले इलाकों को लेकर प्रशासन सतर्क रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर सहित आसपास के जिलों में तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
प्रशासन की ओर से गंडक और रोहिन के साथ भोटोकोशी-त्रिशूली से जुड़ी सहायक नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाल में आई बाढ़ के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां फंसे प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, नेपाल में फंसे किसी प्रदेशवासी या उसके परिजन सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
सरकार ने नागरिकों की सुरक्षित वापसी और जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराने के लिए दूतावास स्तर पर भी संपर्क शुरू किया है।
राहत के बीच फिर बढ़ा पानी
गंडक का जलस्तर पहले कम होने से बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रभावित इलाकों को राहत मिलती दिखाई दे रही थी, लेकिन देवघाट क्षेत्र में बारिश के बाद नदी के पानी में फिर बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल अधिकारियों की नजर जलस्तर में होने वाले अगले बदलाव पर बनी हुई है।
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