चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार की ओर से किए गए उपायों का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। देश के कई प्रमुख बाजारों में चीनी के भाव हाल के ऊंचे स्तर से नीचे आए हैं। दक्षिण महाराष्ट्र में जहां चीनी का भाव करीब ₹62 प्रति किलो तक पहुंच गया था, वहीं अब मिल स्तर पर इसकी कीमत करीब ₹51-52 प्रति किलो बताई जा रही है। कोलकाता में भी थोक भाव करीब ₹53 प्रति किलो है।
ChiniMandi के सूत्रों के अनुसार, थोक और मिल स्तर पर आई नरमी का असर खुदरा बाजार तक पहुंचने में 3 से 5 दिन लग सकते हैं। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में कीमतों में और राहत मिलने की उम्मीद है।
मुंबई से गुवाहाटी तक कई शहरों में घटे दाम
ChiniMandi के ताजा रेट्स के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली में चीनी का खुदरा भाव ₹62 प्रति किलो रहा, जबकि इसका उच्च स्तर ₹68 प्रति किलो बताया गया है। कानपुर में भी कीमत ₹69 से घटकर ₹62 प्रति किलो हो गई है।
अन्य प्रमुख बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई है। मुंबई में चीनी का भाव ₹68 से घटकर ₹61 प्रति किलो रह गया। गुवाहाटी में यह ₹71 से घटकर ₹63, हैदराबाद में ₹70 से घटकर ₹62 और चेन्नई में ₹70 से घटकर ₹65 प्रति किलो हो गया।
थोक बाजार में भी आई बड़ी नरमी
थोक बाजार में कीमतों में गिरावट और स्पष्ट दिखाई दे रही है। मुंबई में चीनी अब ₹5,800 प्रति क्विंटल के आसपास है। 22 अगस्त को यही भाव ₹6,750 प्रति क्विंटल के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गया था। यानी ऊंचे स्तर से इसमें ₹950 प्रति क्विंटल की कमी आई है।
दिल्ली में थोक भाव फिलहाल ₹6,000 प्रति क्विंटल है, जबकि यह ₹6,600 प्रति क्विंटल तक पहुंच चुका था। वहीं कानपुर में चार दिनों के भीतर करीब ₹600 प्रति क्विंटल की गिरावट आई है और भाव अब ₹6,050 प्रति क्विंटल बताया जा रहा है।
सरकार ने उठाए कई कदम
चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं और डीलरों के लिए स्टॉक लिमिट तय की है। इसके चलते अतिरिक्त स्टॉक बाजार में आने से उपलब्धता बढ़ने की बात सामने आई है।
इसके अलावा जमाखोरी और स्टॉक छिपाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज की गई है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, देशभर में 1,000 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी या निरीक्षण किए जा चुके हैं।
सरकार ने उन चीनी मिलों को अगस्त का निर्धारित कोटा जल्द बाजार में उतारने का निर्देश भी दिया है, जिन्होंने अभी तक अपना कोटा नहीं बेचा है। इससे बाजार में उपलब्धता और बढ़ सकती है।
ड्यूटी-फ्री आयात से भी बढ़ेगी सप्लाई
सरकार ने 21 अगस्त को 10 लाख मीट्रिक टन चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी थी। सूत्रों के अनुसार, निर्यातक देशों से करीब 70-80 हजार टन चीनी वाली 3-4 खेपें रवाना हो चुकी हैं। इनके सितंबर के मध्य से अंत तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।
आयातित चीनी के साथ अगस्त का बचा हुआ घरेलू कोटा बाजार में आने और बंदरगाहों पर रिफाइन होने वाली चीनी की उपलब्धता बढ़ने से प्रमुख खपत वाले क्षेत्रों में सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है।
त्योहारों से पहले कीमतों पर नजर
त्योहारी सीजन से पहले सरकार का फोकस बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने और कीमतों को नियंत्रण में रखने पर है। आने वाले दिनों में घरेलू कोटा, आयातित खेप और अन्य उपलब्ध स्टॉक बाजार में पहुंचने से सप्लाई की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है। अगर ये उपाय अपेक्षित तरीके से काम करते हैं, तो आने वाले हफ्तों में चीनी की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।













