दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस कार्रवाई के विरोध में अब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए "Modi Must Resign" लिखकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
पीएम मोदी के इस्तीफे की उठाई मांग
सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें धरना स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों और सीजेपी कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। आंदोलन के शुरुआती दौर में जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी, वहीं अब पार्टी ने अपना विरोध सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचा दिया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में सीजेपी ने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री से पद छोड़ने की मांग की।
पेपर लीक के मुद्दे से शुरू हुआ आंदोलन
देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। जंतर-मंतर पर चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से छात्रों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। लंबे समय तक भोजन न करने और लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंता का विषय बन गई थी।
इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी निर्देश दिया था कि किसी भी परिस्थिति में सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। अदालत के निर्देशों के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस का कहना है कि यह कदम उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया। वहीं वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद आंदोलन की जिम्मेदारी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संभाल ली और उन्होंने स्वयं अनशन शुरू कर दिया।
'सोनम वांगचुक को हटाना तानाशाही' : अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसे "तानाशाही" करार दिया। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर भी लाठीचार्ज किया गया।
दीपके ने आरोप लगाया कि जब वह अपने एक मित्र के घर गए थे, तब उन्हें वहीं रोक दिया गया और उनके साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन जंतर-मंतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। वीडियो के माध्यम से उन्होंने देशभर के लोगों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर विरोध प्रदर्शन करें। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी और यह संदेश देना होगा कि तानाशाही जैसी किसी भी प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।













