न्यूज़
Nana Patekar Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

प्रयागराज में युवाओं के बीच राहुल गांधी, बोले- ‘दर्द, डेटा और दौलत’ समझना जरूरी

प्रयागराज में राहुल गांधी ने युवाओं को संबोधित करते हुए ‘दर्द, डेटा और दौलत’ की बात की। उन्होंने युवा शक्ति, AI, डेटा, शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं पर अपनी राय रखी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 08 Aug 2026 10:22:11

प्रयागराज में युवाओं के बीच राहुल गांधी, बोले- ‘दर्द, डेटा और दौलत’ समझना जरूरी

प्रयागराज। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में बड़ी संख्या में जुटे युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं की क्षमता, शिक्षा, रोजगार, डेटा और देश की अर्थव्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने प्रयागराज से अपने पारिवारिक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि इस शहर में आकर उन्हें हमेशा खुशी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि यह शहर कभी ज्ञान और शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता था और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ करती थी।

युवाओं से बातचीत की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज वह उनसे “दर्द, डेटा और दौलत” के बारे में बात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दर्द युवाओं का है, डेटा भी युवाओं का है, लेकिन जिस धन पर उनका अधिकार होना चाहिए, वह उनके पास नहीं है। राहुल गांधी के मुताबिक, इन्हीं तीन विषयों को समझना देश के युवाओं और भारत के भविष्य को समझने के लिए जरूरी है।

भारत की सबसे बड़ी ताकत है युवा आबादी: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि भारत की असली ताकत उसके युवा हैं। उन्होंने कहा कि जब वह युवाओं को मजबूत बताते हैं तो उनका आशय सिर्फ किसी भीड़ या एक समूह से नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक और हर भारतीय युवा से है।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भीतर बुद्धिमत्ता, कल्पनाशक्ति और अपनी क्षमता के दम पर कुछ नया करने की ताकत मौजूद है। अगर भारत को आने वाले समय में आगे बढ़ना है तो इसकी नींव युवाओं की इसी क्षमता पर रखी जाएगी। राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं की मेहनत, सोच और सामर्थ्य से तय होगा।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है और देश में करीब 40 करोड़ युवा हैं। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी युवा शक्ति भारत के लिए किसी बड़ी संपत्ति से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अक्सर दुनिया में चीन, अमेरिका और रूस जैसी बड़ी शक्तियों की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवाओं में मौजूद संभावनाओं को भी उसी गंभीरता से देखने की जरूरत है।

राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में दो चीजों की अहम भूमिका होगी। पहली ताकत देश के युवाओं की क्षमता है और दूसरी ताकत वह डेटा है, जिसे करोड़ों भारतीय रोजाना तैयार और इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ी युवा आबादी के साथ विशाल मात्रा में डेटा भी मौजूद है और भविष्य की आर्थिक प्रगति इन दोनों शक्तियों के बेहतर इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।

“आपके डेटा के बिना AI का कोई मतलब नहीं”

राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में AI को लेकर चर्चा हो रही है। तकनीक के इस दौर में हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता और उसके भविष्य की बात की जा रही है, लेकिन इसके पीछे मौजूद डेटा की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने युवाओं से कहा कि डेटा के बिना AI का कोई वास्तविक आधार नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI जिन तकनीकों और प्रणालियों पर तैयार होता है, उनके लिए बड़ी मात्रा में डेटा की जरूरत होती है। यही वजह है कि भारत के युवाओं द्वारा तैयार किया जाने वाला डेटा आने वाले समय में आर्थिक और तकनीकी शक्ति का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान “युवा + डेटा = 21वीं सदी की इकोनॉमी” की बात कही। उनके मुताबिक, भारत के पास युवा शक्ति और डेटा दोनों हैं और अगर इनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो देश भविष्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम में दिए गए भाषण का वीडियो उनके एक्स हैंडल पर भी साझा किया गया। उन्होंने वीडियो को “छात्रों की गूंज” कैप्शन के साथ पोस्ट किया है। भाषण में उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों और उनके सामने मौजूद चुनौतियों को विस्तार से उठाया।

“पैसा खर्च करने के बाद भी नहीं मिल रही नौकरी”

युवाओं के बीच शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। इसके बाद छात्रों को डिग्री या सर्टिफिकेट तो मिल जाता है, लेकिन कई बार यही योग्यता उन्हें रोजगार दिलाने में कामयाब नहीं होती।

उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एक तरफ छात्र वर्षों तक मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, वहीं दूसरी तरफ पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों के बच्चों के लिए ऐसी परिस्थितियों में अनुचित तरीके से आगे बढ़ने के रास्ते बन जाते हैं, जबकि मेहनत करने वाले सामान्य परिवारों के युवा पीछे रह जाते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि युवा पढ़ाई करते हैं, परीक्षा की तैयारी में समय लगाते हैं, परिवार अपनी मेहनत की कमाई शिक्षा पर खर्च करते हैं, लेकिन इसके बावजूद नौकरी की गारंटी नहीं होती। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह परेशानी केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल है।

कार्यक्रम की शुरुआत में ही दो अभ्यर्थियों को मंच पर बुलाया गया, जिन्होंने राहुल गांधी के सामने अपनी परेशानियां और अनुभव साझा किए। उन्होंने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के बारे में अपनी बात रखी।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बीजेपी पर भी राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी “वोट चोरी” करवाती है और देश की विभिन्न संस्थाओं में RSS से जुड़े लोगों को जगह दी गई है। उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं और रोजगार के अवसरों को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

पटना के छात्रों ने राहुल गांधी के सामने उठाया लाठीचार्ज का मुद्दा

कार्यक्रम के दौरान पटना से पहुंचे कुछ छात्रों ने राहुल गांधी के सामने लाठीचार्ज से जुड़ा मुद्दा भी रखा। छात्रों ने उन्हें बताया कि आंदोलन के दौरान उनके साथ क्या हुआ और उन्हें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

छात्रों की बात सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि व्यवस्था में बदलाव लाने का रास्ता नफरत और हिंसा नहीं हो सकता। उन्होंने युवाओं से कहा कि समाज और सिस्टम में बदलाव के लिए प्रेम और एकजुटता का रास्ता अपनाना जरूरी है।

राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को हिंसा का सहारा लेने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बदलने के लिए लोगों को साथ लेकर चलना होगा और नफरत के बजाय मोहब्बत के जरिए बदलाव की कोशिश करनी होगी।

उन्होंने छात्रों से कहा कि “नफरत और हिंसा से काम नहीं करेंगे, मोहब्बत से सिस्टम बदलना है।” राहुल गांधी ने व्यवस्था में बदलाव को लेकर अपने विचार रखते हुए कहा कि पुरानी व्यवस्था को खत्म करने के बजाय उसे लोकतांत्रिक तरीके से बदलने और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास होना चाहिए।

इससे पहले भी राहुल गांधी छात्रों के आंदोलनों और उनसे जुड़े मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए।

प्रयागराज में राहुल गांधी का यह संबोधन ऐसे समय में हुआ, जब देश में युवा रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, शिक्षा की बढ़ती लागत और तकनीकी बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। राहुल गांधी ने अपने भाषण में इन्हीं मुद्दों को युवाओं की भविष्य की संभावनाओं और देश की आर्थिक दिशा से जोड़ने की कोशिश की।

उनके संबोधन में एक तरफ भारत की युवा शक्ति और डेटा को देश की बड़ी ताकत बताया गया, तो दूसरी ओर शिक्षा और रोजगार से जुड़ी चुनौतियों पर सरकार और व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए। राहुल गांधी ने युवाओं से कहा कि देश का भविष्य उनकी क्षमता और भागीदारी से तय होगा और आने वाली अर्थव्यवस्था में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत